असली ‘राधा’ कौन? बेंगलुरु की ₹20 करोड़ जमीन पर चार पत्नियों का हैरान करने वाला

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Last Updated:November 30, 2025, 18:05 IST

Anokha Zameen Vivad: बेंगलुरु में 12 एकड़ की 20 करोड़ रुपए कीमत वाली जमीन पर चार अलग-अलग महिलाएं खुद को एस. कृष्णन की पत्नी बताकर दावा कर रही हैं. फर्जी दस्तावेज, गिफ्ट डीड, वसीयत और कब्जे के आरोपों के बीच पुलिस ने FIR दर्ज की और मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंच गया है. जमीन पर असली हक किसका है, यह जांच का बड़ा सवाल बन गया है.

असली ‘राधा’ कौन? बेंगलुरु की ₹20 करोड़ जमीन पर चार पत्नियों का हैरान करने वालालगभग 20 करोड़ रुपए की इस जमीन पर चारों महिलाएं खुद को 1986 में निधन हुए एस. कृष्णन की कानूनी पत्नी बताकर दावा कर रही हैं. (AI फोटो)

बेंगलुरु: भारत की आईटी सिटी बेंगलुरु की सीमाओं से लगे बनडापुरा गांव से एक हैरान कर देने वाली खबर आई है. यहां 12 एकड़ की जमीन पर अचानक चार अलग-अलग महिलाओं के सामने आने से ऐसा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है. इस विवाद ने पुलिस, अदालतों और रियल एस्टेट कंपनियों तक को उलझा दिया है. लगभग 20 करोड़ रुपए की इस जमीन पर चारों महिलाएं खुद को 1986 में निधन हुए एस. कृष्णन की कानूनी पत्नी बताकर दावा कर रही हैं. मामला इतना पेचीदा है कि पुलिस अब यह समझने में जुटी है कि असली राधा कौन है और किसका दावा सही है.

इस विवाद ने जमीन के फर्जी दस्तावेज, गिफ्ट डीड, बिक्री के कागज, वसीयत, और कथित रूप से फर्जी पहचान के आधार पर हुई रजिस्ट्री जैसे आरोपों की परतें खोल दी हैं. सिर्फ जमीन पर कब्जे का मामला नहीं यह कहानी कानूनी हेरफेर, भूमाफिया की सक्रियता और रजिस्ट्रियों में हुई अनियमितताओं को सामने लाती है. अब केस कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां आरोपियों ने FIR रद्द करने की मांग की है.

FIR रद्द करने की अर्जी दायर होने के बाद हाईकोर्ट ने एक आरोपी के खिलाफ जांच पर रोक लगाई है. (AI फोटो)

विवाद की शुरुआत: 1986 से अब तक कैसे उलझी ‘राधाओं’ की कहानी?

कहानी की शुरुआत 65 साल एक महिला, राधा, के पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से होती है. उनका दावा है कि यह जमीन उनके पति एस. कृष्णन ने 1978 में खरीदी थी और उनके निधन (1986) के बाद जमीन का अधिकार उन्हें मिला. वे तमिलनाडु में रहने के कारण लंबे समय बाद जब संपत्ति देखने बेंगलुरु पहुंचीं तो पाया कि जमीन किसी अन्य व्यक्ति के कब्जे में है.

चार दावेदार, चार कहानियां और एक ही जमीन

पहली राधा (तमिलनाडु वाली): कहती हैं कि वे कृष्णन की एकमात्र पत्नी हैं और उनके पास 1978 का मूल बिक्री दस्तावेज मौजूद है. दूसरी राधा R: दावा है कि वे भी कृष्णन की पत्नी थीं और उन्होंने 2023 में यह जमीन अपने चार बच्चों को गिफ्ट डीड से दी. तीसरी राधा: दावा है कि पति की मौत के बाद वे तमिलनाडु चली गईं, और जमीन पर कब्जा दूसरा परिवार कर रहा है. चौथा समूह: दावा करता है कि एक राधा ने साल 2022 की वसीयत में जमीन उन्हें दी.

जमीन पर कब्जा, दस्तावेज फर्जी-FIR में क्या है आरोप?

FIR में कहा गया है कि तीन अलग-अलग समूहों ने नकली दस्तावेज बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कराई, कब्जा लिया, और यहां तक कि NHAI से मुआवजा भी लिया. पुलिस का कहना है कि इन समूहों ने राधा नाम का इस्तेमाल कर अलग-अलग कागजात तैयार किए और करोड़ों की जमीन पर दावा ठोक दिया.

क्या हैं विवाद के मुख्य आरोप?

फर्जी गिफ्ट डीड और वसीयत बनाए जाने का आरोप. मृत महिला के नाम पर दस्तावेज रजिस्ट्री. NHAI से मुआवजा लेने के लिए राधा का कथित रूप से गलत इस्तेमाल. एक रियल एस्टेट कंपनी के साथ JDA साइन कर जमीन विकास का प्रयास. FIR में कई आरोपियों पर धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले दर्ज.

रियल एस्टेट कंपनी का प्रवेश: मामला और उलझा

राधा R के बच्चों ने अगस्त 2023 में Sattva Resi Pvt Ltd के साथ जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट साइन किया. लेकिन FIR दर्ज होते ही कंपनी के एक सीनियर एग्जिक्युटिव, अश्विन संचेती, को गिरफ्तार किया गया और बाद में जमानत मिल गई. कंपनी का कहना है कि उसके पास सभी कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं और उस पर लगे आरोप बिना तथ्य के हैं. Sattva ने कहा कि वह केवल JDA के दायरे में काम कर रही है.

किसका दावा मजबूत: अदालत ने क्या कहा?

केस पूरी तरह नागरिक विवाद (Civil Dispute) है. अदालत ने माना कि विवाद मूल रूप से कौन असली पत्नी है? पर आधारित है. FIR में कई आरोपियों पर जबरन कब्जा और जालसाजी के आरोप हैं.

कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा मामला, क्या होगा आगे?

FIR रद्द करने की अर्जी दायर होने के बाद हाईकोर्ट ने एक आरोपी के खिलाफ जांच पर रोक लगाई है. कुछ आरोपियों का कहना है कि यह सिविल केस को क्रिमिनल रंग देने की कोशिश है. हाईकोर्ट दिसंबर के दूसरे हफ्ते में केस की सुनवाई करेगा.

चार राधा, कई दावे, फर्जी दस्तावेजों का जाल और करोड़ों की जमीन यह मामला दिखाता है कि कैसे बड़े शहरों के आसपास की जमीनें कई स्तरों की धोखाधड़ी का अड्डा बन जाती हैं. जांच केवल यह पता लगाने का नहीं है कि जमीन किसकी है, बल्कि यह भी कि असली ‘राधा’ कौन है.

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Sumit Kumar

Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master's degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, ...और पढ़ें

First Published :

November 30, 2025, 18:05 IST

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