अस्‍त्र Mk1, रैंपेज और R-73, जिस महाबली ने पाकिस्‍तान को दिए गहरे जख्‍म, उस 'ब्रह्मास्‍त्र' की ताकत हुई दोगुनी

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Last Updated:January 29, 2026, 06:24 IST

Su-30MKI Fighter Jet: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने उन वेपन सिस्‍टम्‍स से दुनिया को रूबरू कराया, जिसके बारे में पहले से शायद को ही किसी को जानकारी थी. S-400 से लेकर आकाशतीर जैसे एयर डिफेंस सिस्‍टम ने अपनी क्षमता का परिचय दिया था, जिसे देखकर दुश्‍मन भी भौंचक्‍का रह गया था. चीन और पाकिस्‍तान जैसे पड़ोसियों की तभी से ही खराब है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस महाबली ने अपनी ताकत से सबको चौंकाया अब उसकी ताकत को और बढ़ा दिया गया है.

जिस महाबली ने पाक को दिए गहरे जख्‍म, उस 'ब्रह्मास्‍त्र' की ताकत हुई दोगुनीSu-30MKI Fighter Jet: Su-30MKI फाइटर जेट में नई मिसाइलें इंट्रीग्रेट की गई हैं, जिससे यह लड़ाकू विमान और भी ताकतवर बन जाएगा. (फाइल फोटो/Reuters)

Su-30MKI Fighter Jet: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत अपने डिफेंस सिस्‍टम को मजबूत करने में हजारों-लाखों करोड़ रुपये का निवेश करना शुरू कर दिया है. फाइटर जेट से लेकर मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्‍टम और इंटरसेप्‍टर्स जैसे वेपन सिस्‍टम डेवपल किए जा रहे हैं. इसके अलावा मॉडर्न टेक्‍नोलॉजी से लैस ड्रोन, वॉरशिप, एयरक्राफ्ट कैरियर आदि भी विकसित किए जा रहे हैं. मतलब यह कि हवा से लेकर जमीन और समंदर तक की सुरक्षा को पुख्‍ता किया जा रहा है, ताकि दुश्‍मन भूले से भी पास फटक न सके. पहलगाम टेररिस्‍ट अटैक के बाद इंडियन आर्म्‍ड फोर्सेज ने पाकिस्‍तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्‍हें ध्‍वस्‍त कर दिया. एरियल स्‍ट्राइक के जवाब में पाकिस्‍तान ने भी अटैक करने की कोशिश की. जवाबी एक्‍शन में पाकिस्‍तान के तकरीबन एक दर्जन एयरबेस को टारगेट कर उसे व्‍यापक नुकसान पहुंचाया गया. सामरिक रूप से महत्‍वपूर्ण नूर खान और रहीम यार खान एयरबेस को भी निशाना बनाया गया था. भारत के वार के सामने पाकिस्‍तान ने घुटने टेक दिए और शांति की गुहार लगाने लगा. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल और Su-30MKI जैसे फाइटर जेट्स अहम भूमिका निभाई थी. अब उसी Su-30MKI लड़ाकू विमान की ताकत को दोगुनी की गई है. इस फाइटर जेट में अस्‍त्र MK1 जैसी देसी एयर-टू-एयर मिसाइल को भी इंटीग्रेट किया गया है, जिससे इसकी मारक क्षमता काफी बढ़ने की प्रबल संभावना.

भारतीय वायुसेना (IAF) ने हाल ही में एक दुर्लभ और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दृश्य साझा किया है, जिसमें सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान को स्वदेशी अस्त्र (Astra Mk1) एयर-टू-एयर मिसाइल, रैम्पेज (Rampage) एयर-टू-लैंड गाइडेड मिसाइल और R-73 शॉर्ट रेंज मिसाइलों के साथ पूर्ण ऑपरेशनल कॉन्फ़िगरेशन में देखा गया. यह दृश्य रक्षा विशेषज्ञों और एविएशन विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि अब तक Su-30MKI पर अस्त्र मिसाइल की मौजूदगी मुख्यतः परीक्षण और मूल्यांकन चरणों तक सीमित रही थी. पहली बार इसे वास्तविक ऑपरेशनल लोडआउट में देखना इस बात का संकेत है कि यह स्वदेशी मिसाइल अब भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू बेड़े में स्थायी रूप से शामिल हो रही है. ‘इंडियन डिफेंस रिसर्च विंग’ की रिपोर्ट के अनुसार, जारी फुटेज में विमान पर तीन अलग-अलग हथियार प्रणालियां स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं. पंखों यानी विंग्‍स के बाहरी हिस्सों पर R-73 इन्फ्रारेड गाइडेड मिसाइलें लगी हैं, जो वर्षों से IAF की डॉगफाइट क्षमता का भरोसेमंद आधार रही हैं. धड़ के पास के हार्डप्वाइंट्स पर अस्त्र Mk1 Beyond Visual Range (BVR) मिसाइल नजर आ रही है, जो भारत की पहली पूरी तरह स्वदेशी मध्यम दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल है. इसके अलावा धड़ के नीचे और आंतरिक पंख स्टेशनों पर दो रैम्पेज मिसाइलें लगी हैं, जो लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम स्टैंडऑफ हथियार प्रणाली हैं.

पाकिस्‍तान को दिया था गहरा जख्‍म

इस लोडआउट को खास बनाने वाली बात रैम्पेज मिसाइल की मौजूदगी है. हाल ही में मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि इस मिसाइल का इस्तेमाल पाकिस्तान वायुसेना के एक एयरबेस पर हमले में किया गया था. लगभग 250 किलोमीटर की रेंज वाली यह मिसाइल दुश्मन के वायु रक्षा कवच से बाहर रहते हुए हाई-वैल्‍यू टार्गेट्स वाले लक्ष्यों जैसे रनवे, हैंगर, रडार स्टेशन और कमांड सेंटर पर सटीक प्रहार करने में सक्षम है. अस्त्र Mk1 के साथ एक ही विमान पर इसका दिखना यह दर्शाता है कि Su-30MKI अब न केवल एयर सुपरियोरिटी बल्कि गहरे स्ट्राइक मिशनों के लिए भी समान रूप से सक्षम हो चुका है. अस्त्र मिसाइल का सफर लंबा और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है. इसे पहले तेजस (Tejas) जैसे प्लेटफॉर्म पर ऑपरेशनलाइज किया गया था, लेकिन Su-30MKI जैसे भारी और प्रमुख लड़ाकू विमान पर इसके सफल इंटीग्रेशन को एक बड़ा कदम माना जा रहा है. यह केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि रणनीतिक बदलाव का संकेत भी है. इसके जरिए भारत आयातित BVR मिसाइलों पर निर्भरता कम कर रहा है और स्वदेशी रक्षा तकनीकों में आत्मनिर्भरता को मजबूती दे रहा है. इस कॉन्फ़िगरेशन में दिख रहे हथियारों का संयोजन बहुस्तरीय युद्ध क्षमता को दर्शाता है. R-73 नजदीकी हवाई मुकाबले में दुश्मन विमानों को निशाना बनाने के लिए उपयोगी है. अस्त्र Mk1 मध्यम और लंबी दूरी पर दुश्मन लड़ाकू विमानों और सपोर्ट प्लेटफॉर्म्स को रोकने में सक्षम है. वहीं, रैम्पेज मिसाइल जमीन पर मौजूद रणनीतिक ठिकानों को दूर से ही नष्ट करने की क्षमता देती है. इन तीनों के एक साथ इस्तेमाल से Su-30MKI एक ऐसा मल्‍टीरोल प्लेटफॉर्म बन जाता है, जो बदलते युद्ध परिदृश्यों के अनुसार खुद को तेजी से ढाल सकता है.

Su-30MKI Fighter Jet: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान Su-30MKI जेट ने अपनी कॉम्‍बैट क्षमता का परिचय दिया था. (फाइल फोटो/Reuters)

अस्‍त्र MK1 मिसाइल इतना खास क्‍यों?

वर्षों तक अस्त्र मिसाइल विकास, परीक्षण और मूल्यांकन के दौर में रही, लेकिन अब इसे Su-30MKI जैसे मुख्यधारा के लड़ाकू विमान पर ऑपरेशनल लोडआउट में देखना यह साबित करता है कि स्वदेशी हथियार प्रणालियां अब केवल दस्तावेजों और प्रदर्शनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविक युद्ध क्षमता का हिस्सा बन चुकी हैं. Su-30MKI लंबे समय से भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है. इसकी लॉन्‍ग रेंज, हेवी वेपन ले जाने की क्षमता और अपग्रेडेड एवियोनिक्स इसे रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाते हैं. अब इसमें बढ़ती स्वदेशी हथियार प्रणाली की हिस्सेदारी इसे और भी मजबूत बनाती है. अस्त्र Mk1, भरोसेमंद R-73 और लंबी दूरी तक मार करने वाली रैम्पेज मिसाइलों के साथ Su-30MKI न केवल युद्ध क्षमता का प्रतीक बन रहा है, बल्कि भारत की रक्षा औद्योगिक परिपक्वता को भी दर्शा रहा है.

एयरफोर्स के लिए यह कितना महत्‍वपूर्ण?

विशेषज्ञों के अनुसार, यह दृश्य भारत की उभरती वायु युद्ध नीति की एक झलक भी पेश करता है, जिसमें विदेशी प्लेटफॉर्म्स को स्वदेशी हथियारों से लैस कर एक अधिक आत्मनिर्भर और लचीली सैन्य शक्ति तैयार की जा रही है. Su-30MKI पर अस्त्र और रैम्पेज का यह संयोजन आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखता है. एविएशन प्रेमियों और रणनीतिक विश्लेषकों के लिए यह केवल एक तस्वीर या वीडियो क्लिप नहीं, बल्कि भारत की बदलती सैन्य सोच और आत्मनिर्भर रक्षा दृष्टिकोण का प्रतीक है. Su-30MKI को अस्त्र Mk1 और रैम्पेज मिसाइलों के साथ उड़ान भरते देखना इस बात का प्रमाण है कि भारत की वायु शक्ति न केवल मजबूत हो रही है, बल्कि हर गुजरते साल के साथ अधिक स्वदेशी और आत्मनिर्भर भी बनती जा रही है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें

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New Delhi,Delhi

First Published :

January 29, 2026, 06:24 IST

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