आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी? एलपीजी की किल्लत पर AAP के अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा

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आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी? एलपीजी की किल्लत पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा

Last Updated:March 11, 2026, 18:13 IST

देश में एलपीजी गैस की भारी किल्लत के बीच अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को घेरा है. उन्होंने कहा कि ट्रंप के दबाव में आकर प्रधानमंत्री ने ईरान जैसे पुराने मित्र को नाराज किया, जिससे 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' से होने वाला 90% गैस आयात रुक गया है. केजरीवाल के अनुसार, इस ऊर्जा संकट से होटल, रेस्टोरेंट और टाइल्स इंडस्ट्री बंद हो रही है, जिससे एक करोड़ लोग बेरोजगार हो सकते हैं.

आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी? एलपीजी की किल्लत पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेराZoom

केजरीवाल बोले- 'राज खुलने का डर है तो इस्तीफा दें प्रधानमंत्री'. (Photo : AAP)

नई दिल्ली: भारत इस वक्त एक अभूतपूर्व ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ा है. रसोई गैस यानी एलपीजी की किल्लत ने आम आदमी की रसोई से लेकर बड़े-बड़े उद्योगों तक की कमर तोड़ दी है. इस मुद्दे पर ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने देश को अमेरिका की ‘कॉलोनी’ बना दिया है. केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि युद्ध शुरू होने से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री को इजरायल जाना पड़ा और नेतन्याहू को गले लगाना पड़ा?

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने से कैसे आया संकट?

केजरीवाल ने तकनीकी आंकड़ों के साथ बताया कि भारत अपनी जरूरत का 60% एलपीजी आयात करता है. इस आयात का 90% हिस्सा ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) के रास्ते भारत आता है. वर्तमान में ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर कड़ा नियंत्रण कर लिया है. ईरान का कहना है कि वह केवल अपने मित्र देशों (जैसे रूस और चीन) के जहाजों को ही यहां से गुजरने देगा. भारत द्वारा इजरायल और अमेरिका का खुला पक्ष लेने के कारण ईरान ने भारत के लिए यह रास्ता लगभग बंद कर दिया है. नतीजा यह है कि देश में एलपीजी का कुल उत्पादन और उपलब्धता 50-55% तक गिर गई है.

होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर ताले लगने की नौबत क्यों?

एलपीजी संकट का सबसे भयावह असर सर्विस सेक्टर पर दिख रहा है. केंद्र सरकार ने हाल ही में आदेश दिया है कि रेस्टोरेंट और होटलों को एलपीजी की सप्लाई रोक दी जाएगी. मुंबई में पहले ही 20% होटल बंद हो चुके हैं और अगले दो दिनों में यह आंकड़ा 50% तक पहुंच सकता है. तमिलनाडु में 10 हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में भी स्थिति बेहद गंभीर है. चूंकि अभी शादियों का सीजन चल रहा है, ऐसे में गैस न मिलने के कारण कई परिवारों को शादियां स्थगित करने तक की नौबत आ सकती है.

क्या गुजरात की टाइल्स इंडस्ट्री और लाखों नौकरियां खत्म हो जाएंगी?

केजरीवाल ने गुजरात के मोरबी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां की 650 टाइल्स फैक्ट्रियों में से 170 पहले ही बंद हो चुकी हैं. इसके कारण करीब एक लाख लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं. अगर पूरे देश की बात करें, तो होटल, कैटरिंग और स्माल स्केल इंडस्ट्री को मिलाकर एक करोड़ से ज्यादा लोगों के बेरोजगार होने का खतरा मंडरा रहा है. इसके अलावा, मार्केट में एलपीजी की भारी ब्लैक मार्केटिंग शुरू हो गई है और सरकार ने इसके दाम भी बेतहाशा बढ़ा दिए हैं.

मोदी जी ने ट्रंप के आगे देश को अमेरिका की कॉलोनी बना दिया है। ऐसी क्या मजबूरी है मोदी जी की? pic.twitter.com/lEoPGEj0TQ

गुट-निरपेक्षता की नीति को क्यों किया ध्वस्त?

पिछले 75 सालों से भारत ‘नॉन-एलाइन्ड’ (Non-Aligned) यानी गुट-निरपेक्ष विदेश नीति पर चल रहा था. केजरीवाल का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी ने चंद दिनों में इसे बर्बाद कर दिया. उन्होंने कहा, ‘शीत युद्ध के दौर में भी भारत ने किसी गुट का साथ नहीं दिया था. लेकिन आज मोदी जी सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल के साथ खड़े नजर आते हैं. ईरान हमारा पुराना मित्र था, जिसे प्रधानमंत्री ने अपनी गलतियों से दुश्मन बना लिया है. आज भारत की विदेश नीति देश के हितों के बजाय प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत मजबूरियों की गुलाम नजर आती है.’

क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री को ब्लैकमेल कर रहे हैं?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ट्रंप खुलेआम दावा कर रहे हैं कि उनके पास मोदी जी के कुछ ऐसे ‘राज’ (Secrets) हैं, जिन्हें उजागर करने पर उनका करियर खत्म हो सकता है. केजरीवाल ने पूछा, ‘आखिर अमेरिका के पास ऐसा क्या है जिससे प्रधानमंत्री डरे हुए हैं? ट्रंप के कहने पर अमेरिकी कॉटन पर ड्यूटी जीरो कर दी गई जिससे हमारे किसान बर्बाद हो गए. ट्रंप के कहने पर रूस से सस्ता तेल लेना बंद कर दिया गया जिससे देश को 8 लाख करोड़ का नुकसान हुआ. अगर प्रधानमंत्री को अपने राज खुलने का डर है, तो वह इस्तीफा दे दें, पर देश को बर्बाद न करें.’

1971 की याद दिलाकर मोदी सरकार को घेरा

केजरीवाल ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 1971 में जब अमेरिका ने भारत को धमकी दी थी, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनकी परवाह नहीं की थी. उन्होंने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश बनवाया और पूरी दुनिया में भारत का सिर ऊंचा किया. लेकिन आज के हालात इसके उलट हैं. आज छोटे-छोटे अमेरिकी अफसर भारत का मजाक उड़ाते हैं और हमारे प्रधानमंत्री ‘जी हुजूर’ कहते नजर आते हैं. केजरीवाल ने मांग की कि सरकार तुरंत अपनी विदेश नीति में सुधार करे और भारत को अमेरिका का गुलाम बनने से बचाए.

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Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

March 11, 2026, 18:10 IST

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