Last Updated:March 02, 2026, 20:14 IST
Kolkata Politics : भवानीपुर विधानसभा सीट से मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संकेत दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव इसी सीट से लड़ेंगी. ममता ने कहा कि अगर एक भी मतदाता बचा, तो भी वह चुनाव जीत जाएंगी, और SIR प्रक्रिया को लोकतंत्र के खिलाफ बताया.

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी अटकलों पर विराम लगाते हुए संकेत दे दिया है कि वह एक बार फिर भवानीपुर विधानसभा सीट से ही चुनावी मैदान में उतरेंगी. सोमवार को भवानीपुर में मतदाता सूची (SIR) से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के मुद्दे पर बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भवानीपुर में अगर एक भी मतदाता बचा, तो भी मैं चुनाव जीत जाऊंगी.
एसआईआर की अंतिम सूची जारी होने के बाद भवानीपुर सीट चर्चा के केंद्र में आ गई है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र से पहले 44 हजार नाम हटाए गए, इसके बाद 14 हजार नाम को हटा दिया गया और फिर 2 हजार और नाम काट दिए गए. ममता ने इसे ‘बदले की राजनीति’ करार देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है.
यहां सबसे ज्यादा नाम हटाए गए: ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भवानीपुर एक छोटा विधानसभा क्षेत्र है, इसके बावजूद यहां सबसे ज्यादा नाम हटाए गए. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर वह सुप्रीम कोर्ट भी गईं और शांतिपूर्ण तरीके से समाधान की कोशिश की, लेकिन चुनाव आयोग चुनाव से पहले ही वोटिंग कराना चाहता है.
ममता ने कहा कि बंगाल के लोग इसका जवाब देने के लिए तैयार हैं, जिनके नाम कटे हैं, वही इस दर्द को समझते हैं.
भवानीपुर ही क्यों?
भवानीपुर सीट ममता बनर्जी के लिए सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक पहचान का मजबूत गढ़ रही है. वह पहले भी इसी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंची हैं और यहां उनकी व्यक्तिगत पकड़ मानी जाती है. जानकारों का कहना है कि विवादों और मतदाता सूची में कटौती के बावजूद भवानीपुर से चुनाव लड़ने का संकेत देकर ममता यह संदेश देना चाहती हैं कि वह किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाली नहीं हैं?
कार्यक्रम और राजनीतिक संदेश
इसी दिन ममता बनर्जी ने नेताजी इंडोर स्टेडियम से 3,500 करोड़ रुपये की लागत से बने कल्याणी एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया और राज्यवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने सभी धर्मों और समुदायों के योगदान की सराहना करते हुए भाईचारे और शांति का संदेश दिया. एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में करीब 1 करोड़ 20 लाख लोगों के नाम वोटिंग अधिकार से छीने जा रहे हैं. उन्होंने इसे आम लोगों के खिलाफ साजिश बताते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए.
Location :
Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
March 02, 2026, 20:14 IST

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