आपने कभी अपने कान की जांच कराई है? नहीं! तो कब कराएं? डॉक्टर ने बताए 5 संकेत

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आपने कभी अपने कान की जांच कराई है? नहीं! तो कब कराएं? डॉक्टर ने बताए 5 संकेत

Last Updated:March 04, 2026, 08:56 IST

अक्‍सर लोग कान की जांच नहीं कराते जब तक क‍ि उन्‍हें कान में सीव‍ि‍यर दर्द न हो, लेक‍िन कई बार कानों में ऐसे संकेत द‍िखाई देते हैं जो दर्द से अलग होते हैं और ब‍िना दर्द के भी ये कानों की गंभीर बीमारी की ओर इशारा करते हैं. इस बारे में सीके ब‍िरला अस्‍पताल नई द‍िल्‍ली की दीप्ति सिन्हा से जानें.

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कानों में गंभीर बीमारी के ये हैं पांच संकेत, जानें डॉक्‍टर से..

जैसे आप आंखों की जांच कराते हैं, ब्लड टेस्ट कराते हैं या रूटीन चेकअप कराते हैं तो क्या आपने कभी अपने कान की जांच कराई है? ज्यादातर लोगों का जवाब न ही होगा. क्योंकि कानों की जांच न तो रूटीन चेकअप में लोग कराते हैं और न ही डॉक्टर इसकी जांच की सलाह देते हैं. जबकि आंखों की तरह कानों का इस्तेमाल भी बराबर होता है. कभी-कभी लगता है जैसे कान और नाक दोनों शरीर के सबसे कम फोकस्ड अंग हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कानों में एक से एक गंभीर बीमारी सामने आ सकती है.

कानों के संकेतों को अगर ध्यान से देखा जाए तो कई ऐसी बीमारियों को पकड़ा जा सकता है जो पूरे जीवनभर प्रभावित कर सकती हैं. वहीं कानों में कोई कमी या बीमारी होने से लाइफस्टाइल पर भी गहरा असर पड़ सकता है और व्यक्ति को हियरिंग लॉस जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि कई बार लोग ऐसे संकेतों को इग्नोर कर देते हैं, जो आपको बीमारी का पता बता सकती है, तो आइए आज डॉक्टर से जानते हैं उन संकेतों के बारे में..

द‍िल्‍ली स्‍थि‍त सीके बिरला अस्पताल की प्रमुख कंसल्टेंट, ईएनटी डॉ. दीप्ति सिन्हा कहती हैं, ‘हम अक्सर कानों को केवल सुनने का माध्यम मानते हैं, लेकिन उनकी भूमिका इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है. कान हमारे शरीर के संतुलन, मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और समग्र स्वास्थ्य से गहराई से जुड़े होते हैं. दुर्भाग्यवश, शुरुआती चेतावनी संकेतों को लोग हल्के में ले लेते हैं और तब तक इंतजार करते हैं जब तक समस्या गंभीर न हो जाए. जबकि समय पर पहचान और इलाज से लंबे समय के नुकसान और परेशानियों से बचा जा सकता है. कौन से हैं वे संकेत आइए जानते हैं..

कान के बंद होने का अहसास
डॉ. दीप्ति कहती हैं कि लगातार कान में दर्द होने पर तो लोग डॉक्टर के पास पहुंच भी जाते हैं लेकिन अगर कान में भारीपन या बंद होने का एहसास होता है तो उसे सामान्य समझ लेते हैं जबकि ये सही नहीं है. इसके पीछे अत्यधिक मैल जमना, फंगल संक्रमण, मध्य कान का संक्रमण या यूस्टेशियन ट्यूब की खराबी जैसे कारण हो सकते हैं. अनियंत्रित मधुमेह वाले लोगों में संक्रमण तेजी से फैलकर आसपास की हड्डियों तक पहुंच सकता है. क्रॉनिक असुरक्षित सीएसओएम जैसी स्थिति सुनने की हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकती है और गंभीर मामलों में जानलेवा कठिनाइयां भी उत्पन्न कर सकती है. धीरे-धीरे सुनाई कम देना
अगर किसी को धीरे-धीरे कम सुनाई देने लगे तो यह भी एक महत्वपूर्ण संकेत है. अगर आप बार-बार लोगों से बात दोहराने के लिए कहते हैं, टीवी की आवाज बढ़ाते हैं या शोर में सुनने में कठिनाई महसूस करते हैं, तो आपको जांच कराने की जरूरत है. बुजुर्गों और उच्च रक्तचाप, मधुमेह या किडनी रोग से ग्रस्त लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच में सुनने की जांच भी शामिल करनी चाहिए.वायरल संक्रमण के बाद अचानक सुनाई देना बंद हो जाए तो तुरंत डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए. कानों में घंटी या भनभनाहट की आवाज
अगर किसी को कानों में घंटी की आवाज या भनभनाहट की आवाज सुनाई दे रही है तो उसे टिनिटस कहते हैं. ऐसा अक्सर कान में गंभीर संक्रमण, शोर के चलते कानों के सुनने की शक्ति का कम होना या कान में ईयरवैक्स बनने का एक प्रमुख लक्षण हो सकता है. ऐसा होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है. चक्कर आना, वर्टिगो, मतली या संतुलन की समस्या
अगर किसी को बिना किसी वजह के चक्कर आ रहे हैं, मतली या उल्टी की शिकायत हो रही है तो यह आंतरिक कान की गड़बड़ी का संकेत हो सकती है. कान से पानी या मवाद आना
अगर किसी के कानम से मवाद या पानी आ रहा है. कान में लगातार खुजली या बदबू आ रही है तो यह भी संक्रमण के लक्षण हैं. ऐसे में घरेलू उपचार के बजाय ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना ही सुरक्षित और समझदारी भरा कदम है.

डॉ. सिन्हा कहती हैं कि ये सभी संकेत कानों की हल्की से लेकर गंभीर बीमारियों की ओर इशारा करते हैं, लेकिन सबसे जरूरी है कि इन लक्षणों को पहचान कर तुरंत एक्शन लिया जाए क्योंकि ढील देने पर यह बीमारी को बढ़ावा देने वाला हो सकता है.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन...और पढ़ें

First Published :

March 04, 2026, 08:56 IST

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