Last Updated:February 05, 2026, 20:26 IST
Property news: छोटे शहरों यानि टियर -2 और टियर -3 शहर जैसे सोनीपत, आगरा, कानपुर, अयोध्या आदि में घर खरीदने वाले लोगों को बहुत फायदा मिलने वाला है. इन शहरों में फ्लैटों का पजेशन अब लोगों को जल्दी मिल सकेगा. आइए जानते हैं कि बजट में ऐसा क्या हुआ है कि घर खरीदारों को इसका फायदा मिलेगा.

Property News: अक्सर घर खरीदने वालों की ये शिकायत रहती है कि वे जब भी फ्लैट खरीदते हैं और डेवलपर्स पजेशन की तारीख फिक्स करते हैं, उन्हें तय तारीख पर अपना सपनों का आशियाना नहीं मिल पाता है. फ्लैट के स्वामित्व में होने वाली देरी के चलते उन्हें काफी इंतजार करना पड़ता है. हालांकि हाल ही में आए बजट में कुछ ऐसा किया गया है कि टियर-2 या टियर-3 शहरों जैसे सोनीपत, कानपुर, आगरा, लखनऊ, अयोध्या, जयपुर, हलद्वानी आदि में मिलने वाले घर के पजेशंस में अब देरी नहीं होगी. आइए जानते हैं कि ऐसा क्या हुआ है?
यूनियन बजट 2026 में घोषित 25,000 करोड़ रुपये का इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड आने वाले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ रियल एस्टेट सेक्टर की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है. सरकार ने इस फंड की स्थापना टियर-2, टियर-3 और पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के उद्देश्य से की है. इसका मकसद देशभर में अटके पड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को दोबारा गति देना और भविष्य की परियोजनाओं के लिए फाइनेंसिंग से जुड़ी चुनौतियों को कम करना है.
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि यह फंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को दिए जाने वाले कर्ज पर आंशिक क्रेडिट गारंटी उपलब्ध कराएगा. इससे बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों को शुरुआती चरण में बड़े प्रोजेक्ट्स को फंड करने का भरोसा मिलेगा. आमतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं लंबी अवधि, लागत में बढ़ोतरी और देरी के रिस्क से जुड़ी होती हैं, जिसके चलते निजी डेवलपर्स को फंड जुटाने में दिक्कत आती है. यह फंड उन्हीं जोखिमों को कम करने का काम करेगा.
रियल एस्टेट को क्यों मिलेगा सीधा फायदा
मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट एक-दूसरे के पूरक हैं. राकेश सिंघल, संस्थापक केबी ग्रुप कहते हैं, एयरपोर्ट, रेलवे कॉरिडोर, मेट्रो, रैपिड रेल, हाई-स्पीड रेल, एक्सप्रेसवे, हाईवे और फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाती हैं, बल्कि नए रियल एस्टेट डेस्टिनेशन भी तैयार करती हैं. जब इंफ्रा प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे होते हैं, तो उनके आसपास आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग अपने-आप बढ़ जाती है.
घर खरीदारों के लिए क्यों अहम है यह फंड
केडब्ल्यू ग्रुप के निदेशक पंकज कुमार जैन का कहना है कि अक्सर देखा गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में देरी का सीधा असर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर पड़ता है. सड़क, मेट्रो या एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं समय पर पूरी न होने से कई आवासीय योजनाएं भी अटक जाती हैं. रिस्क गारंटी फंड के जरिए इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी, जिससे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स भी तेजी से आगे बढ़ेंगे और घर खरीदारों को समय पर घर मिलने की संभावना बढ़ेगी.
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प्रिया गौतमSenior Correspondent
अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्...और पढ़ें
Location :
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
First Published :
February 05, 2026, 20:26 IST

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