ईरान के भीतर बढ़ती जा रही बेकरारी... ट्रंप ने खींच दी लक्ष्मण रेखा, कहा- हम खुद जमीन पर उतरेंगे

1 hour ago

Trump Warns Iran Over Protest: ईरान में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. देश के कई हिस्सों में लोग बढ़ती महंगाई, गिरती अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. बीते कुछ दिनों में प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं. इसे पिछले कई सालों में ईरान सरकार के सामने खड़ी सबसे बड़ी अंदरूनी चुनौती माना जा रहा है. ईरान ने ट्रंप की धमकी को अपने अंदरूनी मामलों में दखल बताया है.

बता दें कि इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बयान दिया, अगर ईरान की सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाती हैं तो अमेरिका पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि अमेरिका हालात पर नजर बनाए हुए है. जरूरत पड़ी तो कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि अमेरिका किस तरह की कार्रवाई करने वाला है.

ईरान पर दबाव
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और इजरायल पहले ही ईरान पर दबाव बनाए हुए हैं. जून में अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था. इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. हाल ही में ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात भी की. जिसके बाद उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने फिर से परमाणु या मिसाइल गतिविधियां शुरू कीं तो और हमले हो सकते हैं.

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हालात बिगड़ने पर अमेरिका जिम्मेदार
ईरान की तरफ से ट्रंप के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया आई है. देश के बड़े नेता अली लारीजानी ने कहा कि अमेरिका का इस तरह दखल देना पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर सकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात बिगड़े, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी. ईरान ने इस मामले को संयुक्त राष्ट्र तक भी पहुंचाया है. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर-सईद इरवानी ने सुरक्षा परिषद और यूएन महासचिव को चिट्ठी लिखकर ट्रंप के बयान की निंदा करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ईरान अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेगा और किसी भी तरह की धमकी का जवाब देने के लिए तैयार है.

हिंसक हुए प्रर्दशन
प्रदर्शनों की शुरुआत महंगाई और मुद्रा की कीमत गिरने के कारण हुई है. यह प्रदर्शन 2022 के बड़े आंदोलन जितने बड़े नहीं हैं. फिर भी ये देश के कई हिस्सों में फैल चुके हैं. खासतौर पर पश्चिमी इलाकों में प्रदर्शन ज्यादा हिंसक हो गए हैं. सरकारी और मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है. बता दें कि इनमें एक व्यक्ति बसीज नाम की अर्धसैनिक ताकत से जुड़ा बताया गया है.

लगाए गए तानाशाह मुर्दाबाद के नारे
सोशल मीडिया और कुछ वीडियो में देखा गया है कि लोग जले हुए पुलिस थानों के सामने हैं. गोलियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं. लोग सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं. दक्षिणी शहर जाहेदान में प्रदर्शनकारियों ने तानाशाह मुर्दाबाद जैसे नारे भी लगाए. मानवाधिकार संगठन हेंगाव के मुताबिक अब तक करीब 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें कई कुर्द समुदाय के लोग भी शामिल हैं. सरकारी टीवी ने यह भी बताया कि कुछ लोगों को पेट्रोल बम और देसी हथियार बनाने के आरोप में पकड़ा गया है.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस बीच नरम रुख दिखाया है. उन्होंने माना कि हालात बिगड़ने के पीछे सरकार की नाकामियां भी जिम्मेदार हैं. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत का भरोसा दिया है. हालांकि मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इसके बावजूद सुरक्षा बलों ने कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई है.

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