Last Updated:March 11, 2026, 08:38 IST
Delhi Dust: दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की स्थिति से हर कोई वाकिफ है, लेकिन बेमौसम परिवर्तन गंभीर खतरा से कम नहीं. नेशनल कैपिटल समेत देश के कई हिस्से पिछले एक-दो दिनों से इसी तरह की स्थिति का सामना कर रहे हैं. आसमान पर धूल की मोटी परत ने टेंशन बढ़ा दी है.

Delhi Dust: दिल्ली-NCR सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह अचानक धुंध (Haze) दिखाई दी. मार्च में इस तरह से धुंध का आना कोई चौंकाने वाली बात नहीं है, पर मौसमी हालात के उलट हेज या धुंध का होना चौंकाने वाला है. दिल्ली-एनसीआर समेत नॉर्थ इंडिया के कई इलाकों में धूल की मोटी परत को लेकर अटकलबाजी का दौर शुरू हो गया कि ईरान के तेल ठिकानों पर हमले के बाद उठे धुएं का असर भारत में देखा जा रहा है. विशेषज्ञों ने इसपर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है. वेदर एक्सपर्ट का संबंध युद्धग्रस्त ईरान में जल रहे तेल भंडारों से नहीं है. उनका कहना है कि इस धुंध का मुख्य कारण क्षेत्र में मौजूद धूल, नमी और मौसम की स्थानीय परिस्थितियां हैं. कुछ एक्सपर्ट ने इस हालात को बलूचिस्तान और थार रेगिस्तान से जोड़ा है.
दरअसल, मंगलवार सुबह हरियाणा से लेकर पश्चिम बंगाल तक उत्तर भारत के बड़े हिस्से में धुंध की परत देखी गई. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दृश्यता काफी कम हो गई थी. सुबह 7 से 8 बजे के बीच गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर न्यूनतम दृश्यता लगभग 600 मीटर दर्ज की गई, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई कि कहीं इसका कारण ईरान में हाल में हुए हमलों के बाद जल रहे तेल भंडारों से उठता धुआं तो नहीं है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जो इस धुंध को ईरान की आग से जोड़ता हो. बेंगलुरु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के वायु प्रदूषण विशेषज्ञ गुफरान बेग ने बताया कि सैटेलाइट इमेज के अनुसार ईरान में लगी आग से उठने वाला धुएं का गुबार अभी भारत तक पहुंचने से काफी दूर है. उन्होंने कहा, ‘सैटेलाइट तस्वीरें दिखाती हैं कि धुएं का गुबार लगभग 500 किलोमीटर तक ही पहुंचा है, जो भारत की दूरी का लगभग चौथाई हिस्सा है. इतनी दूरी तय करने के बाद भी इसका भारत तक पहुंचकर यहां की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करना फिलहाल संभव नहीं दिखता, जब तक कि आग बहुत लंबे समय तक अत्यधिक तीव्रता के साथ न जलती रहे और रास्ते में धूल भरी आंधियों के साथ न मिल जाए.’
IMD का क्या कहना?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने भी कहा कि सिद्धांत रूप में हवा की दिशा ईरान से भारत की ओर धुएं को ला सकती है, लेकिन वास्तव में ऐसा होगा या नहीं यह कई कारकों पर निर्भर करता है. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, IMD चीफ ने कहा कि धुएं का प्रकार, उसका वायुमंडल में स्तर और उसकी टिकाऊ क्षमता जैसे पहलू यह तय करते हैं कि वह इतनी लंबी दूरी तय कर पाएगा या नहीं. IMD के अधिकारियों का कहना है कि उत्तर भारत में दिखाई दे रही धुंध मुख्य रूप से नमी से भरी पूर्वी हवाओं और निचले स्तर पर शांत मौसम की स्थिति के कारण बनी है. मार्च के महीने में घनी धुंध अपेक्षाकृत दुर्लभ होती है, लेकिन यह पूरी तरह असामान्य भी नहीं है. IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामणि के अनुसार, इतिहास में मार्च की शुरुआत में ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं. उन्होंने बताया कि 6 से 8 मार्च 2008 के बीच भी घनी धुंध के कारण उत्तर भारत में बिजली ट्रांसमिशन लाइनों तक प्रभावित हुई थीं.
दिल्ली और आसपास के इलाकों में धूल की मोटी परत पर मौसम विज्ञानियों ने हकीकत बताने की कोशिश की है. (फाइल फोटो/Reuters)
बलूचिस्तान कनेक्शन
निजी मौसम एजेंसी स्काइमेट के उपाध्यक्ष महेश पहलावत ने कहा कि मौजूदा धुंध का प्रमुख कारण बलूचिस्तान और राजस्थान के थार मरुस्थल से आई धूल है, जो नमी के साथ मिलकर वातावरण में हैज़ पैदा कर रही है. उन्होंने बताया कि इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसकी वजह से यह स्थिति बनी हुई है. उनके अनुसार, 14 मार्च के बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है और 15 मार्च के आसपास हल्की बारिश की भी संभावना है. इस बीच दिल्ली में गर्मी का असर भी तेज बना हुआ है. वहीं, मंगलवार को लगातार चौथे दिन अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया. अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से सात डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा है.
AQI की क्या हालत
वायु गुणवत्ता में भी गिरावट देखी गई है. दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 265 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. इससे एक दिन पहले यह 209 था. केंद्र के वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान तंत्र के अनुसार 10 और 11 मार्च को वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रहने की संभावना है, जबकि 12 और 13 मार्च को इसके ‘मध्यम’ श्रेणी में आने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल दिल्ली-एनसीआर की धुंध स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों का परिणाम है और इसे ईरान में लगी आग से जोड़ना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
March 11, 2026, 08:38 IST

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