एक्स पोस्ट, स्लोगन और कविता... क्या बीजेपी की सोच से आगे जेडीयू अलग सियासी कहानी लिख रही है?

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Last Updated:March 12, 2026, 10:39 IST

Bihar Politics : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भर दिया है और उनके बेटे निशांत कुमार जेडीयू में शामिल हो चुके हैं. ऐसे में बिहार की राजनीति नये मोड़ पर आ गई है. जेडीयू कैडर निशांत को पार्टी में भावी नेता के रूप में देख रहा है और लगातार भावी मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट करने की कवायद में लग गया है. एक दिन पहले ही जेडीयू के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर निशांत को युवा सोच और ऊर्जा का प्रतीक बताते हुए एक विशेष स्लोगन देते हुए लिखा- ''पूरे बिहार की यही पुकार... निशांत कुमार... निशांत कुमार''. अब जब बिहार की राजनीति बदलाव के रास्ते पर है और नीतीश कुमार के बाद बीजेपी राज्य में अपना सीएम देख रही है, ऐसे में जेडीयू की ओर से निशांत कुमार के नाम को भावी सीएम के तौर पर उभारने को लेकर सवाल यह कि- क्या बीजेपी की सोच से अलग जेडीयू अपनी अलग सियासी कहानी लिख रही है?

X पोस्ट, नारे और कविता... क्या BJP की सोच से आगे JDU अलग सियासी कहानी लिख रही?Zoom

नीतीश कुमार से निशांत कुमार तक की चर्चा तेज.

पटना. बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नाम तेजी से चर्चा में है और वह है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार. जनता दल यूनाइटेड के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर आए एक पोस्ट ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है. पोस्ट में लिखा गया कि युवा सोच और ऊर्जा के प्रतीक निशांत कुमार आज पूरे बिहार के आइकॉन बनते जा रहे हैं और वे विकसित बिहार के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इस पोस्ट के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या जेडीयू की ओर से कोई नई सियासी कहानी लिखी जा रही है? ऐसा सवाल इसलिए कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद जब बीजेपी के लिए सीएम पद चाहती है, लेकिन जेडीयू निशांत कुमार को आगे कर अपनी अलग रणनीति दिखा रही. ऐसे में सियासी गलियारों में यह सवाल उभर रहा है कि- क्या सीएम पद को लेकर एनडीए के भीतर खींचतान की स्थिति है?

राजनीति में निशांत की एंट्री से बदला माहौल

बता दें कि हाल के दिनों में निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से जेडीयू की सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा है. पार्टी कार्यालय में उनका जोरदार स्वागत किया गया और कई नेताओं ने इसे जेडीयू के लिए नई ऊर्जा बताया. रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी नेताओं का मानना है कि निशांत की एंट्री से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है और पार्टी को नई दिशा मिल सकती है. निशांत ने भी अपनी राजनीतिक शुरुआत के दौरान यह संकेत दिया कि वे अपने पिता के काम और विकास की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं. राजनीति के जानकारों का मानना है कि यह कदम जेडीयू के लिए नेतृत्व की नई पीढ़ी को आगे लाने की शुरुआत हो सकती है. इसी को लेकर जेडीयू की ओर से लगातार निशांत कुमार को लेकर एक के बाद एक पोस्ट किए जा रहे हैं.

जेडीयू के एक्स पोस्ट में क्या लिखा गया?

बता दें कि बुधवार को जेडीयू के एक्स पोस्ट में निशांत कुमार को बिहार का भावी नेता बताते हुए लिखा गया, युवा सोच और ऊर्जा के प्रतीक निशांत कुमार जी आज पूरे बिहार के आइकॉन बनते जा रहे हैं. वे न केवल नीतीश कुमार जी के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित हैं, बल्कि एक नई सोच के साथ ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को साकार करने के लिए भी कटिबद्ध हैं. इससे पहले मंगलवार को जेडीयू दफ्तर में जो नारे लगाए गए वह भी काफी दिलचस्प सियासी सीन बना रहा है.

जेडीयू के आधिकारिक x अकाउंट पर निशांत कुमार को लेकर पोस्ट-पूरे बिहार की यही पुकार… निशांत कुमार… निशांत कुमार.

जेडीयू कार्यालय में लगे नारे ने बढ़ाई चर्चा

मंगलवार को पटना स्थित जेडीयू कार्यालय में एक और घटना ने इस चर्चा को और तेज कर दिया. यहां कुछ कार्यकर्ताओं ने नारा लगाया कि बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो. यह नारा जल्द ही सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया. राजनीतिक हलकों में इसे सामान्य उत्साह से ज्यादा एक राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है. कई लोग इसे जेडीयू के भीतर उभरती नई नेतृत्व लाइन से जोड़कर देख रहे हैं. हालांकि पार्टी की ओर से इस पर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है.

परिवार की ओर से भी भावनात्मक समर्थन

खास बात यह भी है कि निशांत कुमार को लेकर परिवार के भीतर भी भावनात्मक समर्थन देखने को मिल रहा है. उनके फूफा अनिल कुमार ने एक कविता के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. इस कविता में उन्होंने निशांत को बिहार की आन बान शान और प्रदेश का भविष्य बताया. दरअसल, राजनीति में इस तरह के भावनात्मक संदेश अक्सर राजनीतिक संकेत के रूप में भी देखे जाते हैं. यही वजह है कि यह कविता भी सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में जगह बना रही है.

निशांत कुमार के फूफा अनिल कुमार ने निशांत कुमार और नीतीश कुमार पर एक कविता के माध्यम से अपनी भावनाओं को रखा है. इस कविता में निशांत को बिहार की आन बान शान और प्रदेश का भविष्य बताया है.

बीजेपी और जेडीयू की रणनीति पर सवाल

दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आ रहा है जब बिहार की राजनीति में सत्ता समीकरण को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. राजनीति के जानकार मानते हैं कि जेडीयू के भीतर नेतृत्व की नई पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी हो सकती है. वहीं दूसरी तरफ एनडीए की राजनीति में बीजेपी की भूमिका भी मजबूत मानी जाती है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या जेडीयू अपने संगठन और नेतृत्व को नए तरीके से तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है.

क्या शुरू होने वाला है नया सियासी दौर

बिहार की राजनीति में लंबे समय से नीतीश कुमार एक केंद्रीय चेहरा रहे हैं. ऐसे में अगर जेडीयू के भीतर नई पीढ़ी को आगे लाने की चर्चा तेज होती है तो यह राज्य की राजनीति के लिए बड़ा बदलाव हो सकता है. फिलहाल पार्टी की ओर से किसी औपचारिक उत्तराधिकार की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट, नारे और राजनीतिक बयान यह जरूर संकेत दे रहे हैं कि जेडीयू के भीतर भविष्य की राजनीति को लेकर हलचल शुरू हो चुकी है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह चर्चा केवल राजनीतिक उत्साह है या बिहार की राजनीति में सचमुच किसी नए अध्याय की शुरुआत.

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Vijay jha

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First Published :

March 12, 2026, 10:39 IST

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