ऐसी प्रॉपर्टी डील के लिए नहीं देना होगा पैन कार्ड, सरकार बढ़ाने जा रही लिमिट!

2 hours ago

होमफोटोbusiness

ऐसी प्रॉपर्टी डील के लिए नहीं देना होगा पैन कार्ड, सरकार बढ़ाने जा रही लिमिट!

Last Updated:February 26, 2026, 14:02 IST

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 में प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन के लिए PAN डिस्क्लोजर की लिमिट 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है. अगर यह नियम लागू होते हैं तो 20 लाख रुपये से कम की प्रॉपर्टी डील में PAN डिटेल्स देना जरूरी नहीं होगा. सरकार ने गिफ्ट और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट जैसे मामलों को भी कंप्लायंस फ्रेमवर्क में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है.

PAN डिस्क्लोजर की लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव: ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक अचल संपत्ति के लेनदेन में PAN डिटेल्स देने की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है. यानी 20 लाख रुपये से कम की डील में PAN का खुलासा अनिवार्य नहीं होगा.

अभी क्या नियम लागू हैं: वर्तमान नियमों के तहत अगर किसी घर, फ्लैट या प्लॉट की खरीद या बिक्री की ट्रांजेक्शन वैल्यू 10 लाख रुपये से ज्यादा है, तो खरीदार और विक्रेता दोनों को PAN की जानकारी देनी होती है.

छोटे खरीदारों को राहत: अगर नया प्रस्ताव लागू होता है तो छोटे शहरों और कम कीमत वाले बाजारों में प्रॉपर्टी खरीदने वालों को राहत मिल सकती है, क्योंकि कम वैल्यू की डील में डॉक्यूमेंटेशन का बोझ घटेगा.

Add News18 as
Preferred Source on Google

गिफ्ट के जरिए ट्रांसफर भी दायरे में: ड्राफ्ट में यह भी प्रस्ताव है कि गिफ्ट के रूप में प्रॉपर्टी ट्रांसफर को भी PAN कंप्लायंस फ्रेमवर्क के तहत लाया जाए, बशर्ते उसकी वैल्यू तय थ्रेसहोल्ड से अधिक हो.

जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट पर भी नजर: जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट यानी जब जमीन मालिक और डेवलपर मिलकर प्रोजेक्ट करते हैं, ऐसे समझौतों को भी PAN नियमों के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव है.

बदलाव की वजह क्या है: टैक्स प्रोफेशनल्स का मानना है कि यह बदलाव प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों और बाजार वैल्यूएशन में आए बदलाव को दर्शाता है. कई शहरों में 10 लाख रुपये की लिमिट अब काफी कम मानी जा रही थी.

एक्सपर्ट की राय: बेसिक होम लोन के CEO अतुल मोंगा का कहना है कि PAN डिस्क्लोजर की सीमा बढ़ने से खासकर नॉन मेट्रो और छोटे शहरों के खरीदारों को फायदा हो सकता है, जहां प्रॉपर्टी की कीमतें अपेक्षाकृत कम होती हैं. इससे छोटी डील में कागजी प्रक्रिया कम जटिल हो सकती है.

अभी ड्राफ्ट स्टेज में हैं नियम: फिलहाल ये नियम ड्राफ्ट फॉर्म में हैं. सरकार अंतिम नोटिफिकेशन जारी करने से पहले स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक लेगी. सुझावों की समीक्षा के बाद नियमों में बदलाव भी संभव है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

First Published :

February 26, 2026, 14:02 IST

Read Full Article at Source