Last Updated:February 26, 2026, 12:55 IST
Operation Sindoor-2: पठानकोट में वेस्टर्न कमांड ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भविष्य की तैयारी दिखाते हुए हाईटेक ड्रोन, भैरव बटालियन और एडवांस सिस्टम्स का प्रदर्शन किया. अगर अब ऑपरेशन सिंदूर-2 होता है तो सेना पूरी तरह अलर्ट है.

Operation Sindoor-2: पठानकोट में भारतीय सेना की वेस्टर्न कमांड ने ऑपरेशन सिंदूर की बड़ी सफलता को याद करते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए अपनी पूरी ताकत का प्रदर्शन किया. मामून कैंट के ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित ऑपरेशनल कैपेबिलिटी डेमोंस्ट्रेशन में सेना ने हाईटेक ड्रोन, नेटवर्क्ड बैटलफील्ड सिस्टम और एडवांस सर्विलांस गैजेट्स के साथ अपनी आधुनिक युद्ध क्षमता दिखाई. यह कार्यक्रम स्पष्ट संदेश देता है कि अगर ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 की जरूरत पड़ी तो सेना पहले से कहीं ज्यादा तैयार और निर्णायक होगी.
ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में लॉन्च किया गया था, जो अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की प्रतिक्रिया था. उस आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए. ऑपरेशन करीब 72 घंटे में खत्म हो गया, जब पाकिस्तान ने सीजफायर की गुहार लगाई.
वेस्टर्न कमांड ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें प्रेसिजन स्ट्राइक्स से दुश्मन के मिलिट्री और टेरर बेस को नष्ट किया गया. अमेरिकी अधिकारियों, जैसे इंडो-पैसिफिक कमांड के एडमिरल सैमुअल पापारो और यूएस एंबेसडर सर्जियो गोर ने भी हाल में वेस्टर्न कमांड का दौरा कर ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की और इसे टैक्टिकल एक्जीक्यूशन का शानदार उदाहरण बताया.
सेना ऑपरेशन सिंदूर-2 के लिए के लिए अलर्ट
अब सेना ऑपरेशन सिंदूर-2 के लिए पूरी तरह अलर्ट है. कार्यक्रम में भैरव बटालियन का एक्शन डेमो सबसे आकर्षक रहा. भैरव बटालियन ने शहरी युद्ध तकनीकों में अपनी फुर्ती और सटीकता दिखाई. भैरव बटालियन सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट से उठाई गई नई लाइट कमांडो यूनिट है. जवानों ने पलक झपकते ही आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने का लाइव प्रदर्शन किया.
यह यूनिट “इनविजिबल, इनविंसिबल” फोर्स के रूप में जानी जाती है, जो इन्फैंट्री और स्पेशल फोर्सेस के बीच ब्रिज का काम करती है. इसमें 250 जवान हैं, जिनमें इन्फैंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस और सिग्नल्स के एक्सपर्ट शामिल हैं. रेपिड रिस्पॉन्स और हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशंस के लिए डिजाइन की गई यह बटालियन हाइब्रिड वॉरफेयर में निर्णायक साबित होगी. वेस्टर्न कमांड ने हाई-टेक ड्रोन से दुश्मन की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, लोकेशन ट्रैकिंग और इंस्टेंट एक्शन की क्षमता दिखाई.
नेटवर्क सेंट्रिक वॉरफेयर सिस्टम से कमांड एंड कंट्रोल मजबूत हुआ है, जिससे सूचना का रीयल-टाइम शेयरिंग और त्वरित निर्णय संभव हो गया. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त तैनाती, रात्रि गश्त, स्पेशल ऑपरेशन अभ्यास और इंटेलिजेंस-बेस्ड टारगेटेड प्लान तैयार हैं. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम (जीओसी-इन-सी, वेस्टर्न कमांड) ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और भारतीय सेना हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है.
उन्होंने जोर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है और अगर उकसावे की कार्रवाई हुई तो जवाब पहले से ज्यादा खतरनाक होगा. अन्य कमांडर्स ने भी कहा कि दुश्मन ने कारगिल से सबक नहीं लिया, इसलिए इस बार घुटने टेकने पड़ेंगे.यह प्रदर्शन सीमा पर बढ़ती गतिविधियों के बीच सेना की सजगता और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रतीक है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
February 26, 2026, 12:51 IST

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