Last Updated:January 06, 2026, 08:31 IST
Suresh Kalmadi Death News: पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कालमाड़ी का 82 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंनें पुणे के एक प्राइवेट अस्पताल में अंतिम सांस ली. बताया जा रहा है वे ज्यादा उम्र की वजह से लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे. आज शाम वैकुंठ धाम पर किया जाएगा.
सुरेश कालमाड़ी ने 82 साल की उम्र में ली अंतिम सांस. (फाइल फोटो) Suresh Kalmadi Death News: पुणे के पूर्व सांसद और दिग्गज नेता सुरेश कलमाडी का मंगलवार को निधन हो गया. उन्होंने 82 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली. पिछले कुछ दिनों से सुरेश कलमाडी का स्वास्थ्य खराब चल रहा था. प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुणे के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. परिवार के सूत्रों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार आज शाम वैकुंठ श्मशान घाट में किया जाएगा.
1 मई 1944 को जन्मे, उन्होंने राजनीति में आने से पहले 6 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा की. वायु सेना से रिटायर होने के बाद, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की. वे पुणे से लंबे समय तक सांसद रहे और पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार में रेल राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया.
भारतीय राजनीति में उनके नाम एक बड़ी उपलब्धि है. उनके नाम रेल राज्य मंत्री रहते हुए रेल बजट पेश करने वाले एकमात्र राज्य मंत्री थे. उन्होंने पुणे में ‘पुणे महोत्सव’ और ‘पुणे अंतर्राष्ट्रीय मैराथन’ जैसी पहल शुरू करके शहर को एक नई पहचान दी.
राजनीतिक करियर
कलमाडी को 1977 में इंडियन यूथ कांग्रेस और पुणे के प्रेसिडेंट बनाया गया. अगले ही साल यूथ कांग्रेस महाराष्ट्र के प्रेसिडेंट बन गए. यह पद उन्होंने 1978 से 1980 तक संभाला. 1980 में, महाराष्ट्र एथलेटिक्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट के तौर पर कलमाडी ने मॉस्को ओलंपिक्स में देश को रिप्रेजेंट करने के लिए मैराथन टीम के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लिया था. इसकी वजह से ही पुणे में इंटरनेशनल मैराथन की शुरुआत हुई थी. कलमाडी 1981-1986 तक इंडियन यूथ कांग्रेस (सोशलिस्ट) के प्रेसिडेंट बने रहे. उनका राजनीतिक करियर 1982 से शुरू हुआ था. वह 1982 से 1996 तक तीन बार और फिर 1998 में राज्यसभा के मेंबर रहे.
पुणे का प्रबंधक…
पुणे शहर के विकास में उनका अहम योगदान था. वे पुणे के हवाई अड्डे के विकास, मेट्रो परियोजना और अन्य बुनियादी ढांचागत कार्यों कारेयों के लिए जाने जाते हैं. अपनी राजनीतिक पकड़, प्रशासनिक प्रभाव और विकास कार्यों की जिम्मेदारी के कारण उन्हें पुणे का ‘प्रबंधक’ कहा जाने लगा था. लोगों का कहना का उनके विकास कार्यों को देखकर लगने लगा था कि वे शहर के प्रबंधक हों. खेल प्रशासन में उनका अहम योगदान रहा है. उनके कार्यकाल में भारत में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन हुआ था. हालांकि, उससे जुड़े विवादों में भी वे चर्चा में रहे.
16 साल तक आईओए के अध्यक्ष
बताते चलें कि ना केवल राजनीति बल्कि खेल प्रशासन में कालमाड़ी की पकड़ अच्छी खासी थी. उन्होंने 1996 से लेकर 2012 तक भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष के रूप में काम किया था. उन्होंने 2000 से 2013 तक एशियाई एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और 2015 में उन्हें इसका आजीवन अध्यक्ष नामित किया गया था.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
Location :
Pune,Maharashtra
First Published :
January 06, 2026, 07:55 IST

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