Last Updated:March 07, 2026, 21:17 IST
छपरा के किसान मोहम्मद इसाक अंसारी के द्वारा दो नस्ल की मुर्गी पालन किया गया है. सोनाली और FFG2 नस्ल कों छपरा के वातावरण में काफी आसानी से इसको पाला जा सकता है. इन दोनों नस्ल से अंडा बच्चा और फिर मुर्गा तैयार करके बेचकर किसान तीन तरह से कमाई करते हैं.
छपरा के किसान नगदी फसल खेती करने के साथ-साथ अच्छे नस्ल के मुर्गी मुर्गा पालन करके डबल ट्रिपल कमाई कर रहे हैं. आज हम एक ऐसे किसान के संबंध में बताने जा रहे हैं. जो खास नस्ल के मुर्गी और मुर्गा पालन करके तीन तरह से कमाई करते हैं. हम बात कर रहे हैं मांझी प्रखंड के कलान बाजार निवासी मोहम्मद इसाक अंसारी की, इनका मुर्गा मुर्गी कम खर्चे में पालन करने की आईडिया काफी खास है.
इन्होंने अपने खेत में जालीं से घेरकर एक छोटा सा पलानी बनाकर मुर्गा मुर्गी पालन करते हैं. जब मौसम खराब होता है या रात होता हैं तो मुर्गा मुर्गी अंदर रहती है. बाकी समय बाउंड्री के अंदर जालीं से घिरे हुए क्षेत्र में खुद से चारा खाती है. जिसके वजह से चारा का भी पैसा कम लगता है. चारा कम देना पड़ता है. दिन भर खुला में चरती रहती है. जिससे दाना पर खर्च कम आता है.
मुर्गी पालन कर कैसे करते हैं तीन तरीके से कमाई
मोहम्मद इसाक अंसारी के द्वारा दो नस्ल की मुर्गी पालन किया गया है. सोनाली और FFG2 नस्ल कों छपरा के वातावरण में काफी आसानी से इसको पाला जा सकता है. इन दोनों नस्ल से अंडा बच्चा और फिर मुर्गा तैयार करके बेचकर किसान तीन तरह से कमाई करते हैं. यह मुर्गी अंडा भी देती है फिर बच्चा भी तैयार करती है और मुर्गा तैयार होने पर भी बेचकर किसान कमाई करते हैं.
कितना वर्ष का है मुर्गी पालन करने का अनुभव
पिछले 9 वर्षों से मुर्गी मुर्गा पालन कर रहे हैं. पहले फार्म के उजला मुर्गा पालन करते थे. जिसमें खर्च ज्यादा होता था और नुकसान बहुत ज्यादा हुआ करता था. लेकिन 1 वर्ष से देसी नस्ल को पालन कर रहे हैं. जिसमें अच्छा लाभ मिल रहा है. खुद से हेचरी तैयार करके बच्चा भी तैयार करते हैं, और अंडा भी बेचते हैं. मुर्गा तैयार होने पर मुर्गा को भी बेचते हैं.
First Published :
March 07, 2026, 21:17 IST

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