केरल चुनाव में हार के डर से LDF बदल रहा कैंडिडेट? CPI ने काटे 6 विधायकों के टिकट, सबकी निगाहें CPM पर

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केरल चुनाव में हार के डर से LDF बदल रहा कैंडिडेट? CPI से 6 विधायकों की छुट्टी

Last Updated:March 02, 2026, 23:08 IST

एलडीएफ गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर कड़ी सौदेबाजी चल रही है. केरल कांग्रेस (एम) ने एक अतिरिक्त सीट की मांग कर दी है. पार्टी अध्यक्ष जोस के. मणि ने अपना रुख साफ कर दिया है. साल 2021 में इस पार्टी ने 12 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था. अब सबकी नजरें सत्ताधारी सीपीआई-एम के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.

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केरल चुनाव के लिए एलडीएफ ने उम्मीदवारों को लेकर मंथन शुरू कर दिया है. (फाइल फोटो)

तिरुवनंतपुरम. विधानसभा चुनाव के करीब आने के साथ ही केरल की सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) में गठबंधन का समीकरण तेजी से बदल रहा है. लेफ्ट फ्रंट की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) ने सोमवार को उन छह मौजूदा विधायकों को टिकट न देने का फैसला किया, जिन्होंने लगातार तीन टर्म पूरे कर लिए हैं. यह कदम पीढ़ीगत बदलाव और आंतरिक रोटेशन के नियम का पालन करने का संकेत देता है.

दोबारा नामित न होने वाले विधायकों में डिप्टी स्पीकर चित्तयम गोपकुमार, पीएस सुपाल, ईके विजयन, वी. शशि, ईएस जयलाल, और पूर्व मंत्री ई. चंद्रशेखरन शामिल हैं. यह फैसला पार्टी की शीर्ष नेतृत्व की बैठक में लिया गया. 2021 में चुनी गई 140 सदस्यीय विधानसभा में, सीपीआई ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 17 सीटें जीती थीं. यह सफलता दर पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है और इसे अपनी सूची में बदलाव करते हुए बनाए रखना चाहती है.

एलडीएफ में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सिस्ट भी अपने सहयोगियों के साथ समन्वय कर रही है. लेफ्ट फ्रंट की तीसरी सबसे बड़ी सहयोगी, केरल कांग्रेस (एम) ने भी एक और सीट पर दावा किया है. केरल कांग्रेस (एम) के अध्यक्ष जोस के. मणि ने कहा कि उन्होंने पिछली बार जितनी सीट लड़ी थी, उससे एक सीट अधिक मांगी है.

2021 में केरल कांग्रेस (एम) ने 12 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था. हालांकि, इस बार सभी की निगाहें सीपीआई-एम पर हैं, जो गठबंधन का नेतृत्व करती है. मंगलवार को राज्य सचिवालय में होने वाली बैठक में पार्टी अपने उम्मीदवारों की ड्राफ्ट लिस्ट को मंजूरी देने की उम्मीद कर रही है.

2021 के विधानसभा चुनाव में सीपीआई-एम ने 75 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 62 सीटों पर जीत हासिल की थी. इस बार 14 जिला समितियों द्वारा भेजी गई सूचियों को एक साथ मिलाकर फाइनल लिस्ट तैयार की गई है. लेकिन, संकेत हैं कि कई बड़े नेता इस अंतिम लाइनअप में शामिल नहीं हो सकते.

कथित तौर पर इस लिस्ट में गायब नेताओं में पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक, वर्तमान विधायक एमएम मणि, और पूर्व विधायक पी. जयराजन और एम. स्वराज शामिल हैं. इसके अलावा पोलित ब्यूरो सदस्य ए. विजयराघवन के भी इस चुनाव से बाहर होने की खबरें हैं.

एमएम मणि ने सोमवार को कहा कि उन्हें राजनीतिक विकास के बारे में कोई जानकारी नहीं है क्योंकि वे पार्टी के काम में व्यस्त थे. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कारणों से सीपीआई-एम की लिस्ट से हटा दिया गया है, तो उन्होंने कहा कि उनके अलावा कोई और समस्या नहीं है, केवल उन्हें डायबिटीज है. उन्होंने बताया कि पार्टी में कई नेता डायबिटीज के मरीज हैं और केके जयचंद्रन, जिनका नाम मणि के विधानसभा क्षेत्र की जिला यूनिट ने क्लियर कर दिया है, भी डायबिटीज के मरीज हैं.

केके शैलजा की उम्मीदवारी को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे संकेत हैं कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और वर्तमान विधायक सनी जोसेफ के खिलाफ एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक मुकाबले के लिए उत्सुक हैं. सीपीआई-एम पोलित ब्यूरो ने 80 साल के पिनाराई विजयन को पार्टी के चुनाव अभियान का नेतृत्व करने की मंजूरी दे दी है. मंगलवार को होने वाली बातचीत में एलडीएफ के भीतर निरंतरता और सुधार के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h...और पढ़ें

Location :

Thiruvananthapuram,Kerala

First Published :

March 02, 2026, 23:01 IST

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