'कॉमन सेंस तो यही कहता है कि...' ईरान-इजरायल में फंसे भारतीयों पर क्या बोले शशि थरूर?

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कॉमन सेंस तो यही कहता है कि... ईरान-इजरायल में फंसे भारतीयों पर बोले शशि थरूर

Last Updated:February 28, 2026, 21:34 IST

शशि थरूर ने कहा कि वह विदेश मंत्रालय के लगातार संपर्क में हैं. उन्होंने भारतीयों को अमेरिकी सैन्य बेस से बिल्कुल दूर रहने की सख्त सलाह दी है. वहीं केसी वेणुगोपाल ने केरल समेत सभी भारतीयों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठाया है. इस महायुद्ध ने मिडिल ईस्ट में रह रहे लोगों की नींद उड़ा दी है.

कॉमन सेंस तो यही कहता है कि... ईरान-इजरायल में फंसे भारतीयों पर बोले शशि थरूरZoom

ईरान और इजरायल जंग पर शशि थरूर ने चिंता जाहिर की है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. ईरान और इजरायल के बीच जारी हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट में उथल-पुथल मचा दिया है. ताजा हालात ने दुनियाभर में नागरिकों की शांति और सुरक्षा को लेकर एक नई चिंता पैदा कर दी है. इस बीच भारत के नेताओं और सांसदों ने विदेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “मैं भारतीय विदेश मंत्रालय के संपर्क में हूं. पूरे इलाके में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही हैं. कॉमन सेंस तो यही कहता है कि जब ये हमले हो रहे हों तो उन्हें अमेरिका और उसके साथी देशों के सैन्य बेस से दूर रहना चाहिए. अबू धाबी पर मिसाइल हमले में एक ‘एशियाई नागरिक’ के मारे जाने की खबर है. दोस्तों, सुरक्षित रहो.”

लोकसभा सांसद केसी वेनुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “ईरान में हाल ही में इजरायल-यूएस की संयुक्त सैन्य कार्रवाई और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भारतीय नागरिकों में गहरी चिंता और डर पैदा कर दिया है. केरल के कई लोगों समेत बड़ी संख्या में भारतीय इस इलाके में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं.”

उन्होंने पीएम मोदी और विदेश मंत्रालय से विदेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर कहा, “इस मुश्किल समय में मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, सिक्योरिटी और भलाई सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी डिप्लोमैटिक और लॉजिस्टिकल कदम उठाने की अपील करता हूं.” उन्होंने आगे कहा कि हमारे जिन नागरिकों को सबसे ज्यादा खतरा है, और जो घर लौटना चाहते हैं, उनके सुरक्षित रास्ते और निकालने के लिए भी तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए.

कश्मीर के 14वें मीरवाइज उमर फारूक ने कहा, “हम इजरायल के ईरान पर हमले की कड़ी निंदा करते हैं. इस इलाके में इजरायल के हमले, खासकर फिलिस्तीनियों के मामले में, के लिए इंटरनेशनल जवाबदेही की कमी ने उसे बिना किसी सजा के, इस तरह के जानबूझकर काम करने के लिए हिम्मत दी है. अमेरिका के साथ मिलकर, इजरायल ने अब इस इलाके को एक खतरनाक बढ़त की ओर धकेल दिया है, जिससे मिडिल ईस्ट में एक बड़ा इलाकाई झगड़ा शुरू होने और दुनिया की शांति और सुरक्षा को अस्थिर करने का खतरा है. हमारी दुआएं ईरान और इलाके के हिम्मत वाले लोगों के साथ हैं, जो इस हमले का सबसे ज्यादा नुकसान उठा रहे हैं. अल्लाह उनकी रक्षा करे और बेहतर समझ और इंसानियत की जीत हो.”

दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने भी हालात पर चिंता जाहिर की है और कहा, “ऑस्ट्रेलिया, ईरान के बहादुर लोगों के जुल्म के खिलाफ उनकी लड़ाई में उनके साथ खड़ा है. कई दशकों से, ईरानी सरकार अपने बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम, हथियारबंद प्रॉक्सी को सपोर्ट और हिंसा और डराने-धमकाने के क्रूर कामों के जरिए एक अस्थिर करने वाली ताकत रही है. ईरान ने 2024 में ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर कम से कम दो हमले किए. ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए इन भयानक कामों का मकसद डर पैदा करना, हमारे समाज को बांटना और हमारी आजादी को चुनौती देना था. इसके जवाब में, ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के राजदूत को निकालने, तेहरान में हमारे दूतावास में ऑपरेशन सस्पेंड करने और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश की लिस्ट में डालने जैसे पहले कभी नहीं देखे गए कदम उठाए.”

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

February 28, 2026, 21:34 IST

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