Last Updated:February 28, 2026, 20:09 IST
कर्नाटक में 2018 में हुए एक खौफनाक हत्याकांड में महज 13 दिन के भीतर फैसला सुना दिया गया था. एक 3.5 साल के बच्चे की गवाही से पिता को सजा मिली. कोर्ट में जब इस मासूम ने रोते हुए अपने पिता से पूछा कि आपने मेरी मां को क्यों मारा?. तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. इस मासूम की गवाही महज 13 दिनों में आरोपी पिता को उम्रकैद की सजा सुना दी गई.

बेंगलुरु: कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में 2018 में हुए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में इंसाफ की एक अनोखी कहानी सामने आई है. एक 3.5 साल के मासूम की गवाही ने पुलिस और अदालत को इस कदर झकझोर दिया कि महज 13 दिन के भीतर कातिल पिता को उम्रकैद की सजा सुना दी गई. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यह मामला भारत के न्यायिक इतिहास में सबसे तेजी से निपटाए गए मामलों में से एक है.
घटना 27 जून 2018 की है. चित्रदुर्ग के बग्गलु रंगव्वनहल्ली गांव में रहने वाले श्रीधर ने अपनी पत्नी सकम्मा की एक भारी पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी थी. श्रीधर को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था और इसी वजह से अक्सर दोनों के बीच झगड़े होते थे. घटना वाली रात भी इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई थी, जिसके बाद श्रीधर ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
मासूम ने देखा खौफनाक मंजर
जिस वक्त श्रीधर अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार रहा था, उस वक्त उनका 3.5 साल का बेटा धनुष और 1.5 साल का बेटा मैलारी वहीं सो रहे थे. धनुष जाग गया और उसने अपनी आंखों से अपने पिता को अपनी मां की हत्या करते हुए देखा. हत्या के बाद श्रीधर वहां से फरार हो गया. घबराया हुआ धनुष भागकर पास ही रहने वाली अपनी मौसी मंजुला के घर पहुंचा और उन्हें घटना के बारे में बताया. मंजुला ने तुरंत पुलिस को सूचना दी.
मासूम की गवाही
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की. पुलिस को मौके से खून से सना पत्थर, बिस्तर और तकिया मिला. इसके अलावा, पुलिस को एक खून से सनी कमीज भी मिली, जिसे श्रीधर ने छिपा दिया था. फोरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि कमीज पर लगा खून सकम्मा का ही था. लेकिन इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई धनुष की गवाही. पुलिस ने जब धनुष से पूछताछ की, तो उसने पूरी घटना विस्तार से बताई. उसने बताया कि कैसे उसके पिता ने उसकी मां को पत्थर से मारा.
तुमने मेरी मां को क्यों मारा?
जब मामला अदालत में पहुंचा, तो कोर्ट ने सबसे पहले यह सुनिश्चित किया कि धनुष गवाही देने के लायक है या नहीं. कोर्ट ने उससे कुछ आसान सवाल पूछे, जिनका उसने सही जवाब दिया. इसके बाद जब सरकारी वकील ने उससे पूछताछ की, तो उसने अपने पिता की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उसी ने मेरी मां को मारा है. धनुष अचानक भावुक हो गया और जोर से रोते हुए अपने पिता से पूछने लगा, ‘आपने मेरी मां को क्यों मारा?’ इस सवाल ने पूरे कोर्ट रूम को सन्न कर दिया.
13 दिन में मिला इंसाफ
धनुष की गवाही, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने श्रीधर को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी करार दिया. घटना के महज 13 दिन बाद, 9 जुलाई 2018 को अदालत ने श्रीधर को उम्रकैद की सजा सुनाई. श्रीधर ने फैसले के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा. अब धनुष और उसका छोटा भाई अपने दादा-दादी के साथ रहते हैं. मंजुला ने बताया कि दोनों बच्चे अब बड़े हो गए हैं और उन्होंने कभी अपने पिता से मिलने की इच्छा नहीं जताई.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
Location :
Bangalore,Karnataka
First Published :
February 28, 2026, 20:09 IST

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