कौन हैं तानाजी सावंत, जिन्हें अजित पवार साथ बैठने में आती हैं उल्टियां

2 weeks ago

मुंबई. महाराष्ट्र में इस साल विधान सभा चुनाव होना है. उससे पहले सियासी वार पलटवार जारी है. इसी बीच महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिंदे गुट के नेता तानाजी सावंत ने डिप्टी सीएम अजित पवार पर तंज कसा है और कहा कि हम दोनों के विचार बिल्कुल अलग हैं. उनके साथ बैठने से ही तबियत खराब होने लगती है. कैबिनेट मीटिंग से बाहर आते ही उल्टियां होने लगती है.

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री तानाजी सावंत ने कहा क‍ि मैं कट्टर शिवसैनिक हूं, जो भी कट्टर शिवसैनिक है वो कभी भी राष्ट्रवादी और कांग्रेस के साथ नहीं बैठ सकता. शुरू से लेकर आज तक साथ बैठने से ही जैसे अलर्जी सी तबियत खराब होने लगती है. शुरू से बर्दाश्त नहीं कर सकते, क्योंकि हम दोनों के विचार बिल्कुल अलग हैं. इसमें कोई शक नहीं आज भी जब कैबिनेट मीटिंग में शामिल होता हूं, तो उससे भी बाहर आने पर मुझे उल्टियां होती है. ये हकीकत है क्योंकि विचार एक दिन में अचानक से कभी बदल नहीं सकते. ऐसा नहीं की हमेशा अलग रहे और अचानक कहें कि सबकुछ बोल जाओ और चलो साथ मिलकर काम करते हैं, ऐसा नहीं हो सकता, ये सच्चाई है.

श‍िंदे गुट के नेता और महाराष्‍ट्र सरकार में मंत्री तानाजी सावंत का यह बयान महाराष्‍ट्र चुनाव से पहले द‍िया बयान इशारा कर रहा है क‍ि गठबंधन में सब कुछ सही नहीं है. क्‍या अजित पवार गठबंधन में रहेंगे और या छोड़कर जाएंगे इस पर तो वह फैसला खुद लेंगे. पर उनके ख‍िलाफ गठबंधन में चल रही बयानबाजी एनसीपी के नेता खासे नाराज है. हालांक‍ि वह कह रहे हैं क‍ि वह इसका जवाब देने के ल‍िए तैयार है. अब देखना होगा क‍ि बीजेपी, एनसीपी और श‍िवसेना श‍िंदे गुट एक साथ व‍िधानसभा चुनाव में जाएंगे या ये गठबंधन टूट जाएगा.

कौन हैं तानाजी सावंत?
सावंत सोलापुर जिले के माधा तालुका से ताल्लुक रखते हैं और पुणे में भारती विद्यापीठ विश्वविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर रह चुके हैं. अपने शैक्षणिक जीवन के साथ-साथ सावंत ने 30 के दशक में कंस्‍ट्रक्‍शन ब‍िजनेस में कदम रखा. साल 1998 में उन्होंने पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्र में जेएसपीएम इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की. उसके बाद पूरे महाराष्ट्र में छह अन्य कॉलेज खोले. नवंबर 2016 में सावंत ने अपने राजनीतिक कैर‍िअर की शुरुआत की. पहली बार वह संयुक्त शिवसेना से एमएलसी चुने गए. 115.45 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति के साथ वह उस समय चुने गए छह एमएलसी में सबसे अमीर थे. इसके तुरंत बाद सावंत देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा-शिवसेना सरकार में जल और मृदा संरक्षण मंत्री बन गए. 2019 के विधानसभा चुनावों में सावंत धाराशिव जिले की परंदा विधानसभा सीट से चुनाव जीते. जब शिंदे ने शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह किया, तो सावंत नए गुट (जो अब आधिकारिक शिवसेना है) को अपना समर्थन देने वाले पहले नेताओं में से एक थे. जून 2022 में भाजपा के समर्थन से शिंदे के सीएम बनने के बाद सावंत को स्वास्थ्य मंत्रालय म‍िला.

एनसीपी क्‍या बोली?
उधर, मंत्री तानाजी सावंत के बयान पर NCP हमलावर हो गई. अजित पवार गुट ने कहा कि गठबंधन धर्म का पालन करने का ठेका सिर्फ हमने ही नहीं लिया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी इसका जवाब देने के लिए तैयार है. NCP नेता अमोल मिटकरी ने कहा क‍ि अपने कारखाने के उद्घाटन के लिए पवार साहब को बुलाना और अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों को झूठ बोलना कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से हमारी नहीं बनती. ये बात कोई आम आदमी कहे तो अलग बात है, लेकिन आरोग्य मंत्री ये कहते हैं. ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री को समझाना चाहिए. तानाजी सावंत ने गठबंधन में नमक डालने का काम नहीं करना चाहिए और इस तरह कहने वाला ये पांचवा व्यक्ति है. इससे पहले नितेश राणे, निलेश राणे इसके बाद सदाभाऊ खोत अब तानाजी सावंत यह लोग लगातार जुबानी हमला कर रहे हैं, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी इसका जवाब देने के लिए तैयार है।.महागठबंधन धर्म का पालन करने का ठेका सिर्फ हमने ही नहीं लिया है.

शरद पवार गुट भी बोला, जानबुझकर क‍िया अपमान‍ित
वहीं, इस मामले पर शरद पवार गुट ने भी हमला बोला और कहा कि जान बूझकर अजित पवार को अपमानित किया जा रहा है. तानाजी सावंत ने जान बूझकर अजित पवार को अपमानित करने का षड्यंत्र शायद शिंदे साहब के कहने से या बीजेपी के कहने से किया है ऐसा मुझे लगता है. राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार गुट के प्रवक्‍ता महेश तपासे ने कहा क‍ि तानाजी सावंत ने जान बूझकर अजित पवार को अपमानित करने का षड्यंत्र रचा. उन्‍होंने कहा क‍ि शायद शिंदे साहब के कहने से या बीजेपी के कहने पर उन्‍हें ऐसा कहा गया.

Tags: Maharastra news

FIRST PUBLISHED :

August 30, 2024, 19:09 IST

Read Full Article at Source