Last Updated:March 09, 2026, 16:16 IST
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर अब एयरलाइन कंपनियों के शेयरों पर साफ दिखने लगा है. मंगलवार को IndiGo के शेयर इंट्रा-डे कारोबार में करीब 8 फीसदी तक गिर गए. 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचे कच्चे तेल ने एयरलाइन कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता बढ़ा दी है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और उड़ानों के रद्द होने से भी कंपनी के कारोबार पर दबाव बढ़ गया है.

नई दिल्ली. मंगलवार को एयरलाइन सेक्टर में बड़ी हलचल देखने को मिली, जब कम लागत वाली एयरलाइन IndiGo के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण कंपनी के शेयर दिन के कारोबार में करीब 8 फीसदी तक गिर गए. कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से एयरलाइन कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. इसी वजह से InterGlobe Aviation का शेयर निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहा.
महंगे ईंधन ने बढ़ाई चिंता
एयरलाइन कंपनियों के लिए सबसे बड़ा खर्च एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) होता है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से जेट फ्यूल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है. हाल के दिनों में जेट फ्यूल की कीमतें दोगुनी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं और कुछ स्पॉट बेंचमार्क करीब 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं. इसका सीधा असर एयरलाइन कंपनियों की लागत पर पड़ रहा है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है. इसी वजह से पर्यटन और एविएशन सेक्टर के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला.
मिडिल ईस्ट संकट से उड़ानों पर असर
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब एयरलाइंस के संचालन पर भी पड़ने लगा है. पश्चिम एशिया के कई हिस्सों का हवाई क्षेत्र बंद होने से कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा है या फिर लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है. IndiGo की कुल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसमें से लगभग 45 फीसदी उड़ानें पश्चिम एशिया से जुड़ी हैं. ऐसे में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से कंपनी के संचालन पर सीधा असर पड़ रहा है.
सैकड़ों उड़ानें रद्द, ऑपरेशन पर दबाव
कंपनी के मुताबिक 28 फरवरी से 3 मार्च 2026 के बीच पश्चिम एशिया और कुछ लंबी दूरी के गंतव्यों के लिए 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. इनमें इस्तांबुल, एथेंस, मैनचेस्टर और एम्स्टर्डम जैसी उड़ानें भी शामिल हैं. हालात सामान्य नहीं होने के कारण 4 से 6 मार्च तक भी रोजाना करीब 130 से 140 उड़ानें रद्द की जा रही हैं. इससे कंपनी के अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन पर बड़ा दबाव बना हुआ है.
नतीजे कमजोर, लेकिन ब्रोकरेज को उम्मीद
कंपनी के तिमाही नतीजों में भी दबाव दिखा है. वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 77.5 फीसदी गिरकर 549.8 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 2448.8 करोड़ रुपये था. हालांकि कंपनी की ऑपरेशनल आय 6 फीसदी बढ़कर 23,472 करोड़ रुपये पहुंची. ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने फिलहाल जोखिम की चेतावनी जरूर दी है, लेकिन शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 6,300 रुपये का टारगेट दिया है, जो मौजूदा कीमत से करीब 43 फीसदी की संभावित बढ़त दिखाता है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in ...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
March 09, 2026, 16:16 IST

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