Last Updated:March 03, 2026, 09:34 IST
Zero Tillage Potato Cultivation: पुआल यानी पराली पर आलू की खेती एक जीरो टिलेज बिना जुताई वाली और आधुनिक विधि है, जिसमें मिट्टी की खुदाई किए बिना धान के पुआल के नीचे आलू उगाए जाते हैं. यह विधि बिहार के गया जैसे क्षेत्रों में लोकप्रिय हो रही है, जहां आलू के कंदों को 20 सेमी की दूरी पर रखकर ऊपर से 6-8 इंच पुआल की परत बिछाई जाती है. इससे लागत कम, मेहनत कम और पैदावार अधिक मिलती है.
जिले में कई किसान हैं जिन्होंने इस विधि से आलू की खेती की है. इस विधि में आलू की खेती के लिए मिट्टी नहीं बल्कि पुआल और गोबर खाद या गांव-घर से निकलने वाले गनौरा का प्रयोग किया जा रहा है. इस नए मॉडल को जीरो टिलेज श्रीविधि प्राकृतिक खेती कहा जाता है.
इससे किसानों को कई तरह के फायदे मिल रहे हैं और कम लागत में अधिक पैदावार हो रही है. इस विधि में खेत की जुताई किए बिना आलू की फसल लगाई जाती है, जिसमें बहुत कम मजदूर की आवश्यकता पड़ती है. यदि किसान इस विधि को अपनाते हुए आलू की खेती करते हैं तो जुताई खर्च और मजदूरी खर्च में बचत हो सकती है.
इतना ही नहीं, इस विधि के इस्तेमाल से उपज में 15-20 प्रतिशत तक वृद्धि की जा सकती है. गया जिले में एक दर्जन से अधिक किसान पिछले कुछ वर्षों से इस विधि से आलू की खेती कर रहे हैं. शेरघाटी प्रखंड क्षेत्र के चिलिम गांव के किसान श्रीकांत यादव ने पहली बार इस तकनीक से 2 बीघा में आलू की खेती की है.
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श्रीकांत यादव ने लेडी रोसेटा प्रजाति का आलू लगाया है, जिसकी पैदावार अधिक होती है. इस आलू का इस्तेमाल चिप्स बनाने के लिए किया जाता है. कृषि विभाग की ओर से श्रीकांत यादव को बीज उपलब्ध कराया गया था, जबकि प्राण संस्था के माध्यम से उन्होंने इस तकनीक को सीखा था. पहली बार इस तकनीक से आलू की खेती करने के बावजूद उन्हें उम्मीद है कि उत्पादन बहुत अच्छा होगा. उन्होंने बताया कि यह आलू शुगर पेशेंट के लिए काफी लाभदायक माना जाता है.
कम लागत, कम समय और अधिक उत्पादन देने वाली जीरो टिलेज श्रीविधि पद्धति से आलू की खेती गया जिले में तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इस आधुनिक तकनीक से किसान बिना जुताई, धान कटनी के बाद बचे पराली का उपयोग कर आलू की खेती कर रहे हैं. इस विधि से जहां खेती की लागत में भारी कमी आ रही है, वहीं मिट्टी की उर्वरता बनी रह रही है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है.
First Published :
March 03, 2026, 09:34 IST

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