Last Updated:February 24, 2026, 14:42 IST
Indian Army’s Tyson Health Update: किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान पहली गोली झेलने वाला भारतीय सेना का असॉल्ट डॉग टायसन घायल होने के बावजूद डटा रहा. उसकी बहादुरी से सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया. अब टायसन की सेहत का क्या है अपडेट, जानने के लिए पढ़ें आगे...

Indian Army’s Tyson Health Update: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में हाल ही में हुए ऑपरेशन त्राशी-I में भारतीय सेना के असॉल्ट डॉग ‘टायसन’ की बहादुरी ने पूरे देश को उसका कायल बना दिया है. आतंकियों के ठिकाने में सबसे पहले घुसते हुए टायसन ने दुश्मनों की गोली अपने ऊपर झेली. गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद टायसन तब तक पीछे नहीं हटा, जबतक उसने आतंकियों को उनके अंजाम तक नहीं पहुंचा दिया. अब राहत की बात यह है कि टायसन की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है और डॉक्टरों की निगरानी में अच्छी रिकवरी कर रहा है.
सेना के अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के छिपे होने की सटीक जानकारी जुटाने के लिए असॉल्ट टीम को आगे बढ़ना था. घने जंगलों के बीच बने आतंकियों के ठिकाने तक पहुंचना बेहद जोखिम भरा था. ऐसे में सबसे आगे टायसन को भेजा गया. टायसन एक ट्रेंड आर्मी असॉल्ट डॉग है, जिसकी जिम्मेदारी खतरे की पहचान कर जवानों को सुरक्षित रास्ता देना था. जैसे ही टायसन आतंकियों के ठिकाने के करीब पहुंचा, छिपे आतंकियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी.
टायसन ने झेली आतंकियों की पहली गोली
पहली गोली टायसन को लगी, लेकिन उसकी ट्रेनिंग और साहस ने उसे रुकने नहीं दिया. घायल होने के बावजूद उसने आगे बढ़कर जोरदार हमला किया और आतंकियों को मजबूर कर दिया कि वे लगातार गोलीबारी करते रहें. यही पल सुरक्षा बलों के लिए निर्णायक साबित हुआ. टायसन की इस कार्रवाई से आतंकियों की सटीक लोकेशन भारतीय सेना की असॉल्ट टीम को मिल गई. इसके बाद भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की ज्वाइंट टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर कर दिया.
अब कैसी है टायसन की हालत
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अगर टायसन शुरुआती खतरे को उजागर नहीं करता, तो ऑपरेशन लंबा और ज्यादा जोखिम भरा हो सकता था. ऑपरेशन के बाद तुरंत घायल टायसन मेडिकल हेल्प के लिए एयर लिप्ट किया गया. सेना के वेटरनरी डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज शुरू किया और लगातार निगरानी में रखा गया है. अधिकारियों के मुताबिक, गोली लगने के बावजूद उसकी हालत स्थिर है, वह सतर्क है और तेजी से रिकवर कर रहा है. सेना के सूत्र बताते हैं कि टायसन का मनोबल भी मजबूत है और वह सामान्य प्रतिक्रिया दे रहा है, जो उसकी रिकवरी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.विशेष तौर पर ट्रेंड किए जाते हैं सेना के असॉल्ट डॉग्स
भारतीय सेना में असॉल्ट डॉग्स सिर्फ सुरक्षा उपकरण नहीं बल्कि सैनिकों की तरह ही प्रशिक्षित योद्धा माने जाते हैं. इन्हें विस्फोटक खोजने, आतंकियों का पीछा करने, घातक परिस्थितियों में प्रवेश करने और जवानों की जान बचाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है. कई बार ये जानवर खुद खतरे का सामना करके मानव सैनिकों को सुरक्षित रखते हैं. टायसन की बहादुरी भी इसी परंपरा का उदाहरण है.
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Anoop Kumar MishraAssistant Editor
Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to ...और पढ़ें
First Published :
February 24, 2026, 14:42 IST

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