Last Updated:December 17, 2025, 09:36 IST
Anant Singh Dularchand Yadav Murde Case : बाहुबली छवि वाले जदयू विधायक अनंत सिंह को पटना की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दुलारचंद यादव हत्याकांड में कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे फिलहाल उनका जेल से बाहर आना मुश्किल हो गया है.
मोकामा दुलारचंद यादव हत्याकांड: अनंत सिंह की जमानत याचिका एमपी-एमएलए कोर्ट से भी खारिजपटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान मोकामा में हुई हिंसक घटना ने पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा दिया था. बीते अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में चुनाव प्रचार के दौरान दो गुटों के बीच विवाद हुआ जो देखते ही देखते मारपीट और फायरिंग में बदल गया. इसी घटना में 75 वर्षीय दुलारचंद यादव को कथित तौर पर गोली लगी और बाद में उनकी मौत हो गई. इस मामले में अनंत सिंह पर मुख्य आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया गया. इसी मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अनंत सिंह की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं. विधायक बनने के बावजूद वे अब तक शपथ नहीं ले सके हैं और न ही विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हो पाए हैं.
हत्याकांड की घटना क्या थी?
यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान का है. 29-30 अक्टूबर को मोकामा में चुनाव प्रचार चल रहा था. जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में 75 साल के दुलारचंद यादव प्रचार कर रहे थे. दुलारचंद खुद मोकामा क्षेत्र के पुराने दबंग नेता थे जो कभी लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार जैसे बड़े नेताओं से जुड़े रहे. कहा जाता है कि इसी दौरान अनंत सिंह के काफिले और विरोधी पक्ष के समर्थकों के बीच टकराव हो गया. गाली-गलौज से शुरू हुई बात मारपीट और फायरिंग तक पहुंच गई. कथित तौर पर दुलारचंद यादव को पैर में गोली लगी. परिजनों का आरोप है कि गोली मारने के बाद अनंत सिंह के समर्थकों ने गाड़ी चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, मौत भारी चीज के गुजरने से हुई, लेकिन गोली का भी जिक्र है. इस घटना में अनंत सिंह पर मुख्य आरोप लगा.
गिरफ्तारी और चुनावी जीत
घटना के कुछ दिन बाद 2 नवंबर को पटना पुलिस ने अनंत सिंह को उनके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया. तब से वह पटना की बेऊर जेल में बंद हैं. इस मामले में 80 से ज्यादा लोगों को पकड़ा गया है. जांच पटना पुलिस और सीआईडी कर रही है. दिलचस्प बात यह है कि जेल में बंद रहते हुए ही अनंत सिंह ने मोकामा सीट से चुनाव लड़ा और जीत प्राप्त की. उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी वीणा देवी को 28 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया और छठी बार विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया. जेल से चुनाव जीतना अनंत सिंह की लोकप्रियता और दबदबे को दिखाता है.
मोकामा दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह की जमानत याचिका एमपी-एमएलए कोर्ट ने खारिज की, विधायक बनने के बाद भी जेल में रहेंगे. जांच जारी है.
MP-MLA कोर्ट में क्या हुआ?
गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह जमानत के लिए कोशिश करते रहे हैं. पहले भी उनकी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं और इस बार पटना की एमपी-एमएलए कोर्ट में उन्होंने फिर अर्जी दी थी. दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी दलीलें पेश कीं. अनंत सिंह के वकील ने कहा कि उनके खिलाफ ठोस सबूत नहीं हैं और वह निर्दोष हैं. लेकिन, 16 दिसंबर 2025 को कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. जज ने मामले की गंभीरता को आधार बनाया और अनंत सिंह के भतीजे राजवीर सिंह और कर्मवीर सिंह की अग्रिम जमानत भी कोर्ट ने रद्द कर दी. ये अभी फरार हैं. वहीं, पुलिस अभी चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी है.
अनंत सिंह केस में आगे क्या?
फिलहाल अनंत सिंह जेल में ही रहेंगे। यह उनके लिए बड़ा झटका है, क्योंकि विधायक बनने के बाद भी वे शपथ ग्रहण या सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पा रहे हैं. मोकामा की राजनीति में अनंत सिंह का प्रभाव कम नहीं होता, लेकिन यह मामला उनकी मुश्किलें बढ़ा रहा है. जांच पूरी होने और चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही आगे की तस्वीर साफ होगी. इस बीच अनंत सिंह के वकील ने कहा है कि अब उनकी ओर से हाईकोर्ट में अपील की तैयारी की जा रही है. जांच और चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही यह साफ होगा कि इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में आगे क्या मोड़ आता है.
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First Published :
December 17, 2025, 09:36 IST

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