Last Updated:February 24, 2026, 12:17 IST
Kerala News: केरल विधानसभा ने राज्य का नाम केरल से केरलम करने का प्रस्ताव पारित किया था. इसके बाद केंद्रीय कैबिनेट जल्द बिल मंजूर कर सकती है. मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन और बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने समर्थन जताया है.

Kerala News: इस साल अप्रैल-मई में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले दक्षिण राज्य केरल का नाम बदला जा सकता है. इसको लेकर केंद्रीय कैबिनेट के पास एक प्रस्ताव विचाराधीन है. राज्य का नाम केरल से बदलकर केरलम करने का प्रस्ताव है. यह कदम केरल विधानसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें केंद्र से संविधान की प्रथम अनुसूची में संशोधन कर राज्य का नाम केरलम करने की मांग की गई थी.
सूत्रों के अनुसार कैबिनेट की मंगलवार या इसके बाद होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव से संबंधित बिल को मंजूरी दे सकती है. यह राज्य विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा माना जा रहा है. केरल विधानसभा ने 2024 में मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन द्वारा पेश प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया था. प्रस्ताव में कहा गया कि मलयालम भाषा में राज्य का मूल और प्रचलित नाम ‘केरलम’ है, जबकि ब्रिटिश काल में प्रशासनिक सुविधा के लिए इसे ‘केरल’ कर दिया गया था.
संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत प्रक्रिया शुरू करने की मांग
अब इस बदलाव को संशोधित कर मूल नाम बहाल करने का समय आ गया है. प्रस्ताव में संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत प्रक्रिया शुरू करने और संविधान की प्रथम अनुसूची में ‘केरलम’ नाम शामिल करने की मांग की गई. पहले 2023 में पारित प्रस्ताव को गृह मंत्रालय ने तकनीकी आधार पर लौटा दिया था, जिसके बाद 2024 में संशोधित प्रस्ताव पारित किया गया. इस प्रस्ताव पर राजनीतिक सहमति भी उल्लेखनीय है. जनवरी 2026 में केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन को पत्र लिखकर समर्थन जताया था. उन्होंने कहा कि ‘केरलम’ नाम राज्य की इतिहास, भाषा और जड़ों को दर्शाता है. यह हमारी विरासत का सम्मान करने वाला कदम है. भाजपा और एनडीए हमेशा केरलम की परंपराओं, संस्कृति और आस्था की रक्षा के पक्ष में खड़े रहे हैं.
मुख्यमंत्री विजयन ने जवाब में चंद्रशेखर का आभार जताया और कहा कि ‘केरलम’ राज्य की संस्कृति और भाषा से जुड़ा मूल नाम है. ब्रिटिश शासन में किए गए बदलावों को अब सुधारने का समय है. यह कदम राज्य की भाषा और संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में है.राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया संवैधानिक है. अनुच्छेद 3 के तहत संसद को राज्य का नाम बदलने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए विधेयक पास होना जरूरी है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद संसद में बिल पेश किया जाएगा. यदि मंजूर हुआ तो केरल आधिकारिक रूप से ‘केरलम’ कहलाएगा, जो मलयालम में प्रचलित उच्चारण से मेल खाता है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
February 24, 2026, 12:17 IST

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