Last Updated:February 13, 2026, 19:01 IST
Seva Teerth Inauguration: पीएम मोदी ने सेवा तीर्थ के उद्घाटन पर अधिकारियों को सेवा भाव का मंत्र दिया है. उन्होंने कहा कि यहां होने वाला हर निर्णय और हर फाइल 140 करोड़ भारतीयों के जीवन में सुधार लाने वाली होनी चाहिए. मोदी के अनुसार, विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब शासन पूरी जिम्मेदारी से चले. उन्होंने कर्मचारियों से आत्ममंथन करने को कहा कि उनका कार्य जनता के लिए कितना लाभकारी है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन के उद्घाटन पर अधिकारियों को राष्ट्र सेवा का नया मंत्र दिया है. उन्होंने कहा कि इस भवन में बिताया गया हर क्षण और यहां चलने वाली हर फाइल 140 करोड़ देशवासियों का जीवन बेहतर बनाने के लिए होनी चाहिए. मोदी ने सभी कर्मयोगियों से अपील की कि वे काम शुरू करने से पहले रुकें और आत्ममंथन करें. उन्होंने पूछा, ‘क्या आज का मेरा कार्य करोड़ों देशवासियों के जीवन को आसान बनाएगा?’ यही विचार इस स्थान की असली शक्ति बनेगा. पीएम ने जोर दिया कि जब शासन सेवा भाव से चलता है, तभी 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलते हैं और अर्थव्यवस्था गति पकड़ती है. विकसित भारत 2047 अब केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि विश्व के सामने भारत की प्रतिज्ञा है. मोदी ने कहा कि हम यहां सरकार दिखाने नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी निभाने आए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जब वे सेवानिवृत्त होकर यहां से विदा लेंगे, तब उन्हें इस बात का गर्व होना चाहिए कि उनका हर निर्णय राष्ट्रहित में था. यही सुकून उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी.
पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 व 2 का भव्य उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज हम देश का नया इतिहास बनते देख रहे हैं. मोदी ने कहा, ‘आज हम सब एक नया इतिहास बनते हुए देख रहे हैं… 13 फरवरी का यह दिन भारत की विकास यात्रा में एक नई शुरुआत का गवाह बन रहा है… आज हम सब ‘विकसित भारत’ को पाने के संकल्प के साथ सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन में प्रवेश कर रहे हैं. हमें अपने लक्ष्यों को पाने का ईश्वरीय आशीर्वाद मिला है…’ प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत ने अब विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेकर नए युग में प्रवेश किया है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आजादी के बाद, साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें देश के लिए कई जरूरी फैसलों और पॉलिसी के लिए कैटलिस्ट बनीं. लेकिन यह भी सच है कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य की निशानी के तौर पर बनाई गई थीं. उनका मकसद भारत को सदियों तक गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रखना था.’
PM मोदी ने कहा, ‘साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी बिल्डिंग ब्रिटिश शासकों के विजन को पूरा करने के लिए बनाई गई थीं. लेकिन, आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए कैंपस भारत के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए बनाए गए हैं. यहां लिए जाने वाले फैसले किसी राजा की इच्छा को नहीं दिखाएंगे; बल्कि, वे 140 करोड़ नागरिकों की उम्मीदों से गाइड होंगे…’
हर साल, इन मिनिस्ट्री बिल्डिंग्स पर 1,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च होते हैं. रोज़ाना, लगभग 8,000 से 10,000 कर्मचारियों को एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में जाना पड़ता था, जिससे काफी लॉजिस्टिक कॉस्ट होती थी. सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन बनने से ये खर्च कम होंगे, समय बचेगा, और कर्मचारियों के बचाए गए समय से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी.
Seva Teerth, Kartavya Bhavan 1 and 2 mark an important milestone in India’s journey towards Viksit Bharat. These reflect our commitment to citizen-centric governance and national progress. https://t.co/vCeE8Uyz69
पीएम मोदी ने कहा, नरेंद्र मोदी कहते हैं, ‘यह जरूरी है कि ‘विकसित भारत’ का हमारा विजन सिर्फ हमारी पॉलिसी और प्लान में ही नहीं, बल्कि हमारे काम करने की जगहों और हमारी बिल्डिंग में भी दिखे. जिन जगहों पर हमारा देश चलता है, वे असरदार और प्रेरणा देने वाली दोनों होनी चाहिए…’
‘आप यह भी जानते हैं कि एक समय था जब कोलकाता देश की राजधानी थी. लेकिन, 1905 के बंगाल बंटवारे के दौरान, कोलकाता ब्रिटिश विरोधी आंदोलनों का एक मजबूत सेंटर बन गया था. इस वजह से, अंग्रेजों ने 1911 में भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली शिफ्ट कर दी. उसके बाद, ब्रिटिश सरकार की जरूरतों और विजन को ध्यान में रखते हुए, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक जैसे कंस्ट्रक्शन शुरू किए गए…’
सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को जगह दी गई है. वहीं, कर्तव्य भवन 1 और 2 में देश के कई महत्वपूर्ण मंत्रालय शिफ्ट होंगे. इनमें रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं. सरकार का लक्ष्य इन नए भवनों के जरिए कामकाज में पारदर्शिता और गति लाना है. यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
February 13, 2026, 18:29 IST

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