Last Updated:March 01, 2026, 13:08 IST
टोल प्लाजा पर डबल पैसे कटने की समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आपका FASTag एक्टिव रहे, उसमें पर्याप्त बैलेंस हो और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री समय समय पर चेक की जाए. कम बैलेंस, ब्लैकलिस्ट स्टेटस या तकनीकी गड़बड़ी की वजह से दो बार कटौती हो सकती है. अगर डबल डिडक्शन हो भी जाए तो ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर 48 घंटे से 7 दिन में रिफंड पाया जा सकता है.

नई दिल्ली. देशभर में टोल प्लाजा पर FASTag अनिवार्य होने के बाद सफर आसान जरूर हुआ है, लेकिन कई वाहन चालकों को डबल पैसे कटने की समस्या का सामना करना पड़ता है. कई बार खाते से दो बार टोल राशि कट जाती है या गलत कटौती हो जाती है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है.
अक्सर यह दिक्कत कम बैलेंस, ब्लैकलिस्ट स्टेटस या तकनीकी कारणों से होती है. अच्छी बात यह है कि इस समस्या से बचने और गलत कटौती का पैसा वापस पाने के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है. सिर्फ मोबाइल फोन से कुछ आसान स्टेप फॉलो कर आप इस परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं.
डबल कटने से बचने के लिए आज ही करें ये काम
FASTag बैलेंस चेक करें और तुरंत रिचार्ज करें
डबल डिडक्शन का सबसे आम कारण कम बैलेंस होता है. अपने बैंक या वॉलेट के FASTag ऐप में लॉगिन करें. मोबाइल नंबर या वाहन नंबर से साइन इन करें और बैलेंस चेक करें. अगर बैलेंस कम है तो तुरंत यूपीआई के जरिए रिचार्ज कर लें. बेहतर होगा कि कम से कम 200 से 500 रुपये बैलेंस रखें और ऑटो रिचार्ज सुविधा चालू कर दें.
FASTag स्टेटस जरूर देखें
ऐप में वाहन विवरण या स्टेटस सेक्शन में जाकर जांचें कि आपका टैग एक्टिव है या नहीं. अगर लो बैलेंस, ब्लैकलिस्ट या इनएक्टिव दिख रहा है तो तुरंत रिचार्ज करें और जरूरत हो तो कस्टमर केयर से संपर्क करें. केवाईसी अपडेट करने से भी कई बार समस्या ठीक हो जाती है.
ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक करें
ऐप में ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खोलकर देखें कि कहीं एक ही टोल पर दो बार कटौती तो नहीं हुई. अगर डबल डिडक्शन दिखे तो वहीं से शिकायत दर्ज करें. ट्रांजेक्शन आईडी, तारीख और टोल प्लाजा का नाम भरकर शिकायत सबमिट करें. आमतौर पर 48 घंटे से 7 दिनों के भीतर रिफंड मिल जाता है. आप चाहें तो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की हेल्पलाइन 1033 पर भी कॉल कर सकते हैं.
FASTag काम न करे तो यूपीआई से भुगतान करें
अगर किसी कारण से FASTag काम नहीं कर रहा है तो कैश देने से बचें. कई जगह नकद भुगतान पर ज्यादा शुल्क लगता है. टोल प्लाजा पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई से भुगतान करना बेहतर विकल्प है. इससे अनावश्यक अतिरिक्त कटौती से बचा जा सकता है.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
March 01, 2026, 13:08 IST

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