Last Updated:February 20, 2026, 08:48 IST
US Under Secretary Indian Visit: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर साइन से पहले अमेरिकी आर्थिक प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंच रहा है. अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग भारत दौरे पर आ रहे हैं. इसी बीच Pax Silica पहल चर्चा में है, जिसे AI युग का आर्थिक सुरक्षा गठबंधन कहा जा रहा है. भारत के शामिल होने से सेमीकंडक्टर, AI और वैश्विक टेक सप्लाई चेन में बड़ा बदलाव आ सकता है और चीन की तकनीकी निर्भरता को चुनौती मिल सकती है.

India US Relation: भारत और अमेरिका व्यापार समझौते (India US Trade Deal) को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाने वाला है. ट्रेड डील पर अंतिम साइन से ठीक पहले अमेरिका के टॉप लेवल के अधिकारी भारत पहुंच रहे हैं. अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग भारत दौरे पर आ रहे हैं. यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं माना जा रहा बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चेन की नई राजनीति की ओर इशारा है. दुनिया AI और सेमीकंडक्टर की दौड़ में उतर चुकी है. चीन अब तक इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाए हुए है. लेकिन अब अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ नया आर्थिक गठबंधन खड़ा कर रहा है. भारत इस रणनीति का सबसे अहम साझेदार बन सकता है.
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा. इसके पीछे तकनीक, सुरक्षा और भविष्य की अर्थव्यवस्था का बड़ा एजेंडा छिपा है. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत में AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेगा और उभरती तकनीकों में साझेदारी को आगे बढ़ाएगा. इसी दौरान Pax Silica पहल पर भी चर्चा तेज हो गई है. इसे AI युग का आर्थिक सुरक्षा गठबंधन कहा जा रहा है. अगर भारत इसमें शामिल होता है, तो यह एशिया की टेक्नोलॉजी ताकतों का संतुलन बदल सकता है.
ट्रेड डील और Pax Silica से बदल सकती है वैश्विक टेक रणनीति
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के मुताबिक भारत की वार्ताकार टीम अगले सप्ताह वाशिंगटन रवाना होगी, जहां व्यापार समझौते के कानूनी ढांचे को अंतिम रूप दिया जाएगा. मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन इस टीम का नेतृत्व करेंगे. उम्मीद है कि मार्च तक इस डील पर हस्ताक्षर हो सकते हैं. इसी बीच अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे AI और उभरती तकनीकों पर साझेदारी को मजबूत करेंगे. भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का केंद्र अब टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन बन चुकी है. Pax Silica पहल इसी दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. इस गठबंधन का उद्देश्य सिलिकॉन, महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा संसाधनों को साझा रणनीतिक संपत्ति मानते हुए सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई नेटवर्क तैयार करना है. अब तक ऑस्ट्रेलिया, इजरायल, जापान, दक्षिण कोरिया, कतर, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देश इस पहल से जुड़ चुके हैं. भारत के शामिल होने से सेमीकंडक्टर निर्माण, 6G नेटवर्क, डेटा सेंटर और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की संभावना बढ़ जाएगी.अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग.
समझिए Pax Silica और ट्रेड डील का पूरा गेम
Pax Silica आखिर है क्या?
Pax Silica एक अमेरिका-नेतृत्व वाला आर्थिक और तकनीकी गठबंधन है. इसे AI युग के लिए सुरक्षित सप्लाई चेन बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया. इसका फोकस सिलिकॉन, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर है ताकि सदस्य देश एक-दूसरे पर भरोसेमंद तकनीकी नेटवर्क बना सकें.
भारत के लिए यह पहल क्यों अहम है?
भारत को उन्नत चिप निर्माण, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक निवेश के बड़े अवसर मिल सकते हैं. इससे चीन पर निर्भरता कम होगी और भारत वैश्विक टेक्नोलॉजी मानकों को तय करने वाली प्रमुख ताकत बन सकता है.
क्या यह चीन के खिलाफ आर्थिक रणनीति है?
सीधे तौर पर ऐसा नहीं कहा गया लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह पहल उन ‘कोअर्सिव डिपेंडेंसीज (Coercive Dependencies)’, यानी किसी देश पर दबाव बनाकर उसे आर्थिक या रणनीतिक रूप से निर्भर बनाने वाली स्थिति को खत्म करने के लिए की जा रही है. यानी किसी एक देश पर तकनीकी निर्भरता कम करना. विशेषज्ञ इसे चीन की सप्लाई-चेन बादशाहत को चुनौती मान रहे हैं.
ट्रेड डील से आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
दोनों देशों के बीच व्यापार आसान होगा. टेक सेक्टर में निवेश बढ़ेगा. नौकरियां बढ़ सकती हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक उत्पादों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है.
AI Impact Summit का क्या महत्व है?
यह सम्मेलन AI एक्सपोर्ट प्रोग्राम के अगले चरण की शुरुआत करेगा. अमेरिका और भारत उभरती तकनीकों, रिसर्च और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ाने की दिशा तय करेंगे.
भारत के लिए क्यों निर्णायक साबित हो सकता है यह समझौता
विशेषज्ञों का मानना है कि Pax Silica और भारत-अमेरिका ट्रेड डील मिलकर नई वैश्विक आर्थिक धुरी बना सकते हैं. अगर भारत इस गठबंधन में सक्रिय भूमिका निभाता है, तो वह सिर्फ बाजार नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी निर्माता देश के रूप में उभरेगा. इससे सेमीकंडक्टर, रक्षा निर्माण और AI इकोनॉमी में भारत की स्थिति मजबूत होगी.
About the Author
सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें
First Published :
February 20, 2026, 08:47 IST

1 hour ago
