Last Updated:February 20, 2026, 01:10 IST
भारत ने वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के रूप में हिस्सा लिया. डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के लिए 10 अरब डॉलर राहत का ऐलान किया है. योजना के तहत सबसे पहले सैनिकों को राफा में तैनात किया जाएगा, जो एक प्रमुख केंद्र है. अमेरिकी प्रशासन को उम्मीद है कि वह सबसे पहले पुनर्निर्माण प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करेगा.

नई दिल्ली. भारत ने गुरुवार को वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया. अमेरिका के चार्ज डी’अफेयर्स, नामग्या सी खम्पा ने यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में ऑब्जर्वर के तौर पर भारत को रिप्रेजेंट किया. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की. यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका शांति संस्थान में आयोजित की गई.
ट्रंप ने उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर के साथ मंच साझा किया. उन्होंने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक सरल शब्द है- शांति. इसे कहना आसान है, लेकिन हासिल करना कठिन. लेकिन हम इसे हासिल करेंगे.” ट्रंप ने बताया कि 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने उद्घाटन बैठक में भाग लिया, जिनमें कई राष्ट्राध्यक्ष शामिल थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद रहे, जबकि भारत का प्रतिनिधित्व अमेरिका में भारतीय उप राजदूत नामग्या खम्पा ने किया.
ट्रंप ने दावा किया कि “गाजा का युद्ध खत्म हो चुका है,” लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अब दुनिया हमास के कदम का इंतजार कर रही है. उन्होंने कहा कि हमास से हथियार डालने की उम्मीद है और अगर ऐसा नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पिछले अक्टूबर से लागू संघर्षविराम कायम है और सभी शेष बंधकों जीवित और मृत को वापस लाया जा चुका है. ट्रंप ने बताया कि कजाखस्तान, अजरबैजान, यूएई, मोरक्को, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, उज्बेकिस्तान और कुवैत सहित कई देशों ने राहत पैकेज के लिए 7 अरब डॉलर से अधिक का योगदान दिया है.
उन्होंने यह भी कहा कि मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय गाजा सहायता के लिए 2 अरब डॉलर जुटा रहा है, जबकि फीफा 7.5 करोड़ डॉलर की परियोजनाएं शुरू करेगा. सबसे बड़ा योगदान अमेरिका की ओर से होगा. ट्रंप ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को 10 अरब डॉलर देगा. युद्ध की लागत की तुलना में यह बहुत छोटी राशि है.” ट्रंप ने बताया कि अल्बानिया, कोसोवो और कजाखस्तान गाजा में स्थिरता के लिए सैनिक और पुलिस बल भेजने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मिस्र और जॉर्डन भी विश्वसनीय फिलिस्तीनी पुलिस बल के प्रशिक्षण और समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
गौरतलब है कि गाजा में मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में इजरायल पर हुए हमले के बाद हुई थी, जिसमें करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 200 से अधिक लोगों को बंधक बनाया गया था. इसके बाद इजरायल की सैन्य कार्रवाई में हजारों फिलिस्तीनियों की मौत हुई और व्यापक मानवीय संकट पैदा हो गया.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
February 19, 2026, 23:56 IST

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