ड्राइवर भी गलती कर दे तो ब्रेक लगा देती हैं यह ट्रेनें, फिर कैसे हो गई आमने-सामने की भिड़ंत

1 hour ago

Spain Train Accident: दुनिया के सबसे सुरक्षित रेल नेटवर्क के लिए पहचाने जाने वाले यूरोप में रविवार को हुए हादसे ने सभी को चौंका दिया है. हादसे में 21 लोगों की जान चली गई है. रविवार शाम को दक्षिणी स्पेन के अदमूज शहर के पास एक तेज रफ्तार ट्रेन के पटरी से उतर जाने और सामने से आ रही दूसरी ट्रेन से टकरा जाने के बाद कम से कम 21 लोग मारे गए और लगभग 100 लोग घायल हो गए.

यहां ट्रेनें सिर्फ तेज नहीं, बल्कि ऑटोमैटिक सिग्नल, कंट्रोल सिस्टम और सख्त सेफ्टी प्रोटोकॉल से लैस होती हैं. यही वजह है कि यूरोप में ट्रेन हादसे दुर्लभ माने जाते हैं. लेकिन जब इसी यूरोप में दो अत्याधुनिक हाई-स्पीड ट्रेनें आमने-सामने टकरा जाएं तो सवाल उठना लाजमी है. क्या तकनीक फेल हुई, सिस्टम चूका या हालात इंसानी नियंत्रण से बाहर हो गए? हालांकि कहा तो यह भी जाता है कि अगर ट्रेन के ड्राइवर से भी कोई गलती हो जाती है तो ट्रेन अपने-आप ही ब्रेक लगा देती है. भारत में बढ़ते हाई स्पीड ट्रेन के चलन के बीच यूरोप की इन दोनों ट्रेनों के बारे में कुछ और डिटेल जानते हैं. 

किन दो ट्रेनों के बीच हुई टक्कर?

यह टक्कर 'Iryo – Frecciarossa 1000' (मलागा से मैड्रिड ) और 'Renfe – Class 120' (मैड्रिड से हुएल्वा) के बीच हुई है.  पहली ट्रेन अदमूज के पास पटरी से उतरकर गलत ट्रैक पर चली गई और फिर यह ट्रेन विपरीत दिशा से आ रही Class120 से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रेनें पटरी से उतर गईं. जिसके नतीजे में 21 लोगों की जान चली गई है. 

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Iryo – Frecciarossa 1000

यह ट्रेन इरियो के जरिए चलाई जाती है, जो स्पेन की नई प्राइवेट हाई स्पीड रेल कंपनी है. इस ट्रेन को यूरोप की सबसे एडवांस हाई-स्पीड ट्रेनों में गिना जाता है. इसकी रफ्तार 360 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है और यह इको फ्रेंडली भी है, चलने के दौरान बिजली का कम इस्तेमाल करती है. कहा जाता है कि 100 फीसद रिसायक्लेबल मटीरियल का इस्तेमाल करती है. इसकी सुरक्षा की बात करें तो यह ऑटोमैटिक ब्रेक सिस्टम पर चलती है. यहां तक कि ड्राइवर की गलती पर भी ट्रेन खुद ब्रेक लगा सकती है. तकनीक के साथ-साथ यात्रियों को भी बेहतरीन फ्लाइट जैसा आराम देती है. 

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Renfe: Class 120

यह ट्रेन थोड़ी लेकिन पुरानी भरोसेमंद बताई जाती है. इस ट्रेन की एक खासियत यह भी है कि यह ना सिर्फ हाई स्पीड बल्कि सामान्य ट्रैक पर भी दौड़ सकती है. हालांकि रफ्तार थोड़ी कम है. कहा जाता है कि यह ट्रेन 250 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकती है. हालांकि ऊपर वाली ट्रेन के मुकाबले इसके अंदर लग्जरी कम लेकिन सफर आरामदायक बनाए रखती है. इस ट्रेन के जरिए छोटे और मझोले शहरों को आपस में जोड़ने का काम किया जाता है. 

फिर कैसे हुई टक्कर?

अब अगर बात करें कि हर तरह से सेफ होने के बावजूद इतनी भयानक टक्कर कैसे हो गई तो अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में सामने आ रहा है कि इसमें ट्रेन या फिर चालक की गलती नहीं है. कहा जा रहा है कि ट्रैक या फिर सिग्नल में गड़बड़ी हो सकती है. या फिर यह भी हो सकता है कि ऑटोमैटिक सेफ्टी सिस्टम का सही समय पर एक्टिव न हुआ हो. अधिकारियों ने साफ कहा है कि ड्राइवर की गलती कहना अभी जल्दबाजी होगी.

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