तरुण की हत्या या सोची-समझी साजिश; उत्तम नगर में भारी पुलिस बल तैनात, जानें क्या है बवाल?

2 hours ago

नई दिल्ली: होली का रंग अब उतर चुका है लेकिन होली के दिन दिल्ली के उत्तम नगर में जो हुआ उसने सबको हैरान कर दिया है. और अब इस घटना के बाद उत्तम नगर में भारी बवाल मचा हुआ है. दरअसल दिल्ली के उत्तम नगर में होली के रंग अचानक खून से सने नजर आए. 26 साल के तरुण की मौत के बाद इलाके में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है. परिवार का आरोप है कि यह सिर्फ एक मामूली झगड़ा नहीं था बल्कि तरुण को निशाना बनाकर बेरहमी से पीटा गया. वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह विवाद होली के दौरान पानी के गुब्बारे को लेकर शुरू हुआ था, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गया. अब सवाल उठ रहे हैं क्या यह महज एक अचानक हुआ झगड़ा था या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है?

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार तरुण की मौत के बाद उत्तम नगर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों समेत स्थानीय निवासियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. इस दौरान एक कार और एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले भी कर दिया गया. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है. कई घंटों तक चले प्रदर्शन के बाद भी इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. (फोटो PTI)

तरुण की मौत कैसे हुई और विवाद की शुरुआत कहां से हुई?

पुलिस के अनुसार यह पूरा विवाद होली के दिन शुरू हुआ. बताया जा रहा है कि जे-जे कॉलोनी इलाके में एक 11 साल की लड़की छत से होली खेल रही थी और उसने नीचे खड़े अपने रिश्तेदारों की ओर पानी से भरा गुब्बारा फेंका. लेकिन वह गुब्बारा गलती से पास खड़ी एक महिला पर गिर गया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. शुरुआत में यह सिर्फ बहस तक सीमित थी लेकिन धीरे-धीरे माहौल गर्म हो गया और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए. पुलिस का कहना है कि बहस जल्द ही मारपीट में बदल गई. इस झड़प में कई लोग घायल हुए. तरुण भी इस हिंसा में गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

तरुण के परिवार का क्या आरोप है?

तरुण के परिवार का कहना है कि यह सिर्फ अचानक हुआ झगड़ा नहीं था. उनके अनुसार पहले तो मामला शांत हो गया था, लेकिन बाद में दूसरी ओर के लोगों ने दोबारा हमला किया. तरुण के दादा मान सिंह ने आरोप लगाया कि गुब्बारे की घटना के बाद एक महिला ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विवाद बढ़ गया. परिवार का दावा है कि बाद में उस महिला ने अपने परिवार और समुदाय के अन्य लोगों को बुला लिया. जब तरुण घर लौट रहा था तभी 8 से 10 लोगों ने उस पर हमला कर दिया. तरुण के चाचा रमेश के मुताबिक तरुण को इस पूरे विवाद की जानकारी भी नहीं थी. जैसे ही वह गली में पहुंचा, उसे लाठी, डंडों, पत्थरों और लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा गया.

क्या तरुण सीधे विवाद में शामिल था?

परिवार का कहना है कि तरुण इस झगड़े में सीधे तौर पर शामिल नहीं था. उनके मुताबिक वह उस समय घर लौट रहा था और उसे यह भी नहीं पता था कि इलाके में पहले से विवाद चल रहा है. लेकिन जैसे ही वह गली में पहुंचा, कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया. इसी वजह से परिवार का आरोप है कि यह हमला अचानक नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश भी हो सकता है. हालांकि पुलिस अभी इस पहलू की जांच कर रही है और सभी तथ्यों को खंगालने में जुटी है.

तरुण की मौत के बाद इलाके में क्या हुआ?

तरुण की मौत की खबर फैलते ही इलाके में लोगों का गुस्सा भड़क गया. परिवार और स्थानीय लोगों ने उत्तम नगर थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए. अगले दिन यह विरोध प्रदर्शन और बड़ा हो गया. बड़ी संख्या में लोग उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के पास जमा हो गए. प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने सड़क जाम कर दी.

प्रदर्शन के दौरान हिंसा और आगजनी कैसे हुई?

प्रदर्शन के दौरान माहौल अचानक उग्र हो गया. कुछ गुस्साए लोगों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी और पुलिस के खिलाफ भी नाराजगी जताई. इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में एक कार और एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया. इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई घंटों तक सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा.

पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह के अनुसार पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है. साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं.

क्या घटना के पीछे सामुदायिक तनाव की भी जांच हो रही है?

पुलिस सूत्रों के अनुसार शुरुआती जानकारी में यह सामने आया है कि झगड़ा दो परिवारों के बीच हुआ था जो अलग-अलग समुदायों से जुड़े बताए जा रहे हैं. हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मामले को सामुदायिक विवाद घोषित नहीं किया है. जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं विवाद को जानबूझकर बढ़ाने की कोशिश तो नहीं की गई. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.

अभी इलाके की स्थिति कैसी है?

फिलहाल उत्तम नगर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को रोका जा सके. अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है. पुलिस का कहना है कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था बनी रहेगी. साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी नजर रखी जा रही है.

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