Cultivation of Taiwanese Bottle Gourd: बाराबंकी जिले के सहेलिया गांव के किसान प्रदीप यादव पारंपरिक फसलों को छोड़कर लौकी की खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे है. उन्होंने दो बीघा खेत में ताइवानी किस्म की लौकी उगाई है, जिससे एक फसल में करीब 70 से 80 हजार रुपये तक लाभ हो रहा है. पहले वे धान, गेहूं और सरसों की खेती करते थे. लेकिन उसमें ज्यादा फायदा नहीं मिल रहा था. लौकी की खेती के लिए रेतीली दोमट और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है. एक बीघे में इसकी लागत लगभग 10 से 15 हजार रुपये आती है. प्रदीप यादव मचान विधि से खेती करते है. जिससे पौधे सुरक्षित रहते है और पैदावार भी बेहतर होती है. बीज बोने के करीब दो महीने बाद ही फसल तैयार हो जाती है. जिससे किसानों को जल्दी आमदनी मिलती है.
ताइवानी लौकी की खेती! लागत 10 हजार और कमाई 80 हजार, किसान हो रहा मालामाल
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