तेल, ताकत और तख्तापलट... अब किसके हवाले की जाएगी वेनेजुएला की सत्ता? ट्रंप ने खोल दिए पत्ते

1 day ago

Venezuela Invasion: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के लिए सैन्य कार्रवाई का आदेश देकर अपनी लंबे समय से चली आ रही विदेशी हस्तक्षेप से दूरी की नीति में बड़ा परिवर्तन किया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक वेनेजुएला का संचालन करेगा, जब तक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने आगे की सैन्य कार्रवाई, देश की राजनीति और तेल उद्योग में निरंतर अमेरिकी भूमिका तथा जमीनी स्तर पर सैन्य तैनाती की संभावना से इनकार नहीं किया. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ही अभी वेनेजुएला को चलाएगा. उन्होंने कहा कि नए चेहरों के साथ पुरानी व्यवस्था को जारी रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मादुरो शासन को हटाने के लिए अमेरिका कितनी दूर तक जाएगा. 

मादुरो को अमेरिकी सेना ने किया गिरफ्तार 

बता दें, रातोंरात की गई कार्रवाई में वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित कई स्थानों पर हमले हुए और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया. दुनिया अमेरिका के इस हमले को ट्रंप के अब तक के सबसे आक्रामक विदेशी सैन्य कदमों में से एक मान रही है. रिपब्लिकन सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने इसे अमेरिका फर्स्ट से विचलन बताते हुए ट्रंप से नाता तोड़ने की घोषणा की और कहा कि समर्थकों ने ऐसे हस्तक्षेप खत्म करने के लिए वोट दिया था. डेमोक्रेट्स ने नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले इस कार्रवाई को मुद्दा बनाया है. सीनेट में अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने कांग्रेस की अनुमति के बिना सैन्य कार्रवाई को गैरजिम्मेदाराना बताया. सर्वेक्षणों के अनुसार, हमले से पहले वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप अलोकप्रिय था; केवल लगभग 20% अमेरिकी मादुरो को हटाने के लिए बल प्रयोग का समर्थन करते थे.

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बता दें, रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मतभेद दिखे. विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो ने सांसदों को कार्रवाई के समर्थन में फोन किए. कुछ सांसदों ने राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए समर्थन जताया, जबकि अन्य ने संवैधानिक आधार पर सवाल उठाए. विशेषज्ञों का कहना है कि यह नीति ट्रंप को रीगन और जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश जैसे पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों की श्रेणी में ला खड़ा करती है जिन्होंने क्षेत्रीय हस्तक्षेप किए थे. आलोचकों का मानना है कि अमेरिका अब वेनेजुएला की समस्याओं में उलझ सकता है जिसका कोई त्वरित समाधान नहीं है.

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