नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन से 43 दिन पहले गृह मंत्री अमित शाह ने कर दिया बड़ा ऐलान

1 hour ago

होमताजा खबरदेश

नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन से 43 दिन पहले अमित शाह ने कर दिया बड़ा ऐलान

Last Updated:February 16, 2026, 18:31 IST

Amit Shah on Naxalism free India: दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का ऐतिहासिक संकल्प दोहराया है. उन्होंने इस डेडलाइन के 43 दिन पहले कहा है कि 31 मार्च 2026 तक देश के हर कोने से नक्सली हिंसा को खत्म कर दिया जाएगा. अब इस मिशन को पूरा करने में केवल कुछ ही दिन बचे हैं.

नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन से 43 दिन पहले अमित शाह ने कर दिया बड़ा ऐलानZoom

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर फिर बड़ा बयान दिया है.

नई दिल्ली. केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस के मौके पर बड़ा ऐलान कर दिया है. शाह ने कहा है कि अब भारत से नक्सलबाद खत्म होने में गिने-चुने दिन बचे हैं. अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से एक दूरदर्शी और साहसी खाका पेश किया है. अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार 31 मार्च 2026 तक पूरे देश को नक्सली हिंसा से मुक्त करने के अपने लक्ष्य को जरूर हासिल कर लेगी. उन्होंने 2014 से 2026 तक के 12 वर्षों को देश की आंतरिक सुरक्षा का स्वर्णिम काल बताया, जिसमें दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान निकाला गया है.

आज 16 फरवरी 2026 है और गृह मंत्री द्वारा निर्धारित समय सीमा 31 मार्च 2026 है. यदि हम कैलेंडर के हिसाब से गणना करें, तो इस ऐतिहासिक लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारत सरकार और सुरक्षा बलों के पास अब मात्र 43 दिन शेष बचे हैं. गृह मंत्रालय ने इन अंतिम दिनों के लिए फाइनल ऑपरेशन की रणनीति तैयार की है, ताकि बचे हुए छोटे पॉकेट से भी नक्सलियों का सफाया किया जा सके.

नक्सलबाद से कितने राज्य हुए मुक्त?

एक समय था जब भारत के 11 राज्यों के 150 से अधिक जिले नक्सली हिंसा की चपेट में थे, जिसे ‘रेड कॉरिडोर’ कहा जाता था. लेकिन पिछले 12 वर्षों की आक्रामक रणनीति और विकास कार्यों के कारण स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य अब लगभग नक्सल मुक्त हो चुके हैं या वहां प्रभाव नगण्य है. अब केवल छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे कुछ सीमित क्षेत्रों और झारखंड-बिहार के कुछ सीमावर्ती इलाकों में ही नक्सलियों की सक्रियता बची है.

सफलता का आंकड़ा औऱ अब कितने दिन हैं शेष?

गृह मंत्री ने बताया कि अब तक हजारों नक्सलियों ने हथियार डाले हैं. हर रोज कहीं न कहीं नक्सली ऑपरेशन चल रहा है. इसके साथ ही नॉर्थईस्ट में 10 हजार से अधिक युवाओं ने हथियार डाले हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि विकास की मुख्यधारा ने हिंसा को हरा दिया है.

सीसीटीवी का जाल और लैंड बॉर्डर सुरक्षा

अमित शाह ने केवल नक्सलवाद ही नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय जल्द ही पूरे देश में सीसीटीवी कैमरों का एक विशाल नेटवर्क तैयार करेगा, जिससे अपराधियों पर नजर रखना आसान होगा. इसके साथ ही, देश के लैंड बॉर्डर्स को घुसपैठियों से पूरी तरह मुक्त करने के लिए आधुनिकीकरण किया जा रहा है. तीन नई न्याय संहिताओं के पूर्ण अमल से न्याय प्रणाली में भी तेजी आएगी.

गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास की दोहरी नीति रंग ला रही है. सड़कों का जाल, स्कूलों का निर्माण और मोबाइल टावरों की स्थापना ने नक्सलियों के आधार को कमजोर कर दिया है. 31 मार्च 2026 वह तारीख होगी, जब भारत आधिकारिक तौर पर खुद को नक्सली हिंसा से मुक्त घोषित करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा. यह न केवल सुरक्षा बलों की जीत होगी, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए भी राहत की बात होगी जिन्होंने दशकों तक इस हिंसा का दंश झेला है.

About the Author

रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा...और पढ़ें

Location :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

February 16, 2026, 18:31 IST

Read Full Article at Source