पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड, कम ब्याज और आसान किस्तों में कौन है बेहतर विकल्प

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पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड, कम ब्याज और आसान किस्तों में कौन है बेहतर विकल्प

Last Updated:February 28, 2026, 12:35 IST

जब पैसों की जरूरत पड़े तो सही विकल्प चुनना बेहद जरूरी होता है. पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड दोनों उधार के आसान साधन हैं. लेकिन दोनों की ब्याज दर, भुगतान तरीका और जोखिम अलग-अलग हैं. समझदारी भरा फैसला ही आपकी जेब को अनावश्यक बोझ से बचा सकता है.

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पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड, जानिए किसमें कम पड़ेगा ब्याज का बोझ. (Image:AI)

नई दिल्ली. पैसों की जरूरत कभी भी पड़ सकती है, लेकिन सही विकल्प चुनना सबसे अहम होता है. कई लोग पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के बीच उलझन में रहते हैं. दोनों ही उधार के साधन हैं, पर ब्याज और चुकाने का तरीका अलग है. गलत चुनाव आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है.

पर्सनल लोन: बड़े खर्च के लिए तयशुदा समाधान
पर्सनल लोन बैंक या एनबीएफसी से लिया जाने वाला एकमुश्त कर्ज है, जिसे तय अवधि में EMI के रूप में चुकाना होता है. आमतौर पर इसकी अवधि 1 से 5 साल तक होती है. घर की मरम्मत, शादी, मेडिकल खर्च या पुराने कर्ज को चुकाने जैसे बड़े और पहले से तय खर्चों के लिए यह बेहतर माना जाता है. भारत में पर्सनल लोन की ब्याज दरें आम तौर पर 10 फीसदी से 18 फीसदी सालाना के बीच रहती हैं, जो क्रेडिट कार्ड से कम होती हैं. हालांकि इसमें प्रोसेसिंग फीस और समय से पहले भुगतान पर पेनल्टी भी लग सकती है. आय प्रमाण और क्रेडिट स्कोर के आधार पर मंजूरी मिलती है, जिसमें कुछ दिन लग सकते हैं.

क्रेडिट कार्ड: छोटे और तात्कालिक खर्च का साथी
क्रेडिट कार्ड एक रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा है, जिसमें तय लिमिट तक खर्च किया जा सकता है. किराना, बिल भुगतान या अचानक आए छोटे खर्च के लिए यह सुविधाजनक है. अगर हर महीने पूरा बिल समय पर चुका दिया जाए तो 45 से 50 दिनों तक ब्याज नहीं लगता. लेकिन अगर बकाया रकम आगे बढ़ाई जाती है, तो ब्याज दर 24 फीसदी से 42 फीसदी सालाना तक पहुंच सकती है. यही कारण है कि न्यूनतम भुगतान करते रहने से कर्ज तेजी से बढ़ सकता है. हालांकि रिवॉर्ड प्वाइंट, कैशबैक और ट्रैवल बेनिफिट इसे आकर्षक बनाते हैं.

ब्याज और भुगतान में बड़ा अंतर
पर्सनल लोन में ब्याज दर और अवधि पहले से तय होती है, जिससे बजट बनाना आसान रहता है. EMI निश्चित होती है और तय समय में कर्ज खत्म हो जाता है. इसके उलट, क्रेडिट कार्ड का कर्ज खुला रहता है, जिसकी कोई निश्चित अवधि नहीं होती. अगर बड़ी रकम कई महीनों तक चुकानी है तो पर्सनल लोन सस्ता साबित हो सकता है. वहीं कम समय के लिए उधार लेना हो और जल्दी चुकाने की क्षमता हो तो क्रेडिट कार्ड ज्यादा सुविधाजनक है.

फैसला लेने से पहले क्या सोचें?
अगर आपको लंबी अवधि के लिए बड़ी रकम चाहिए और आप नियमित EMI दे सकते हैं, तो पर्सनल लोन सही रहेगा. लेकिन अगर जरूरत अचानक और कम रकम की है, जिसे आप ब्याज-मुक्त अवधि में चुका सकते हैं, तो क्रेडिट कार्ड बेहतर है. अपनी आय, खर्च की आदत और समय पर भुगतान की क्षमता को ध्यान में रखकर ही निर्णय लें. दोनों विकल्प अपने-अपने स्थान पर उपयोगी हैं, बस सही स्थिति में सही चुनाव जरूरी है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in ...और पढ़ें

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New Delhi,Delhi

First Published :

February 28, 2026, 12:35 IST

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