Aaj Ka Mausam Live: देश के मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. देशभर में सर्दी खत्म होने के साथ गर्मी ने दस्तक देनी शुरू कर दी है. इस बीच बंगाल की खाड़ी से परेशानी बढ़ाने वाली खबर आ रही है. यहां एक मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है, जो आने वाले दिनों में पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी भारत के मौसम को खासा प्रभावित करने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह साइक्लोनिक सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसके चलते कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है.
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, यह सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र 22 फरवरी की शाम 5:30 बजे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित रहा. इससे जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर तक फैला हुआ है और अगले 36 घंटों में इसके और उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है. इसके प्रभाव से समुद्री इलाकों में तेज हवाएं और खराब मौसम बना रहेगा.
दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाओं का असर
मौसम विभाग ने बताया कि 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं केरल और माहे में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 23 से 26 फरवरी के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. यहां समुद्री हालात भी बिगड़ सकते हैं.
पूर्व और मध्य भारत पर भी असर
मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा में 23 और 24 फरवरी को, जबकि अरुणाचल प्रदेश में 22 फरवरी को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, गंगीय पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में भी 23 और 24 फरवरी को कहीं-कहीं आंधी और बिजली गिरने की आशंका है.
हिमाचल प्रदेश में भी 23 फरवरी को और उत्तराखंड में 23 और 24 फरवरी को हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई गई है. पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मौसम में हल्की सक्रियता बनी रहेगी.
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. श्रीलंका के तटीय इलाकों के पास भी समुद्र उग्र रहने की संभावना है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.
तापमान में बढ़ोतरी का दौर
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. देश के अन्य हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है. 22 फरवरी को देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो आंध्र प्रदेश के कुरनूल, नंदीगामा और तमिलनाडु के मदुरै में रिकॉर्ड किया गया.
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले सात दिनों तक मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है. सुबह के समय हल्की धुंध या धुंध जैसी स्थिति बन सकती है. न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अगले 2-3 दिनों में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा.
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का क्या असर होगा?
इस सिस्टम के कारण दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और तटीय इलाकों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ेंगी. समुद्र में हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा, जबकि झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
किन राज्यों में भारी या तेज बारिश की चेतावनी है?
22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है. केरल, माहे, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है.
आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा कहां है?
ओडिशा, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, गंगीय पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है.
पहाड़ी राज्यों में मौसम कैसा रहेगा?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है.
देश में तापमान को लेकर क्या अनुमान है?
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. देश के बाकी हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है.
फिलहाल देश में सबसे ज्यादा तापमान कहां दर्ज किया गया है?
22 फरवरी को आंध्र प्रदेश के कर्नूल और नंदीगामा तथा तमिलनाडु के मदुरै में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विभाग ने सभी संबंधित राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी है और मौसम से जुड़ी किसी भी आपदा से बचने के लिए तैयारियां करने को कहा है. किसानों को फसलों की सुरक्षा और मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है. मौसम की यह अपडेट 23 फरवरी तक वैध है और आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

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