Last Updated:February 13, 2026, 12:47 IST
डॉ. परमार बताया कि कैथ लैब सेवा के पहले ही दिन सिविल में सिर और पैर के मरीजों का सफल 'एंडोवास्कुलर इंटरवेंशनल' इलाज किया गया है.

सूरत में अत्याधुनिक ‘बायप्लेन मशीन’ से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंटिंग और पेसमेकर इम्प्लांटेशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी वो भी बिना एक पैसा खर्च किये हैं. इनके लिए निजी अस्पतालों में 5 से 50 हजार रुपये तक का खर्च होता है. यहाँ ये सेवाएं बिना पैसे के दी जाएंगी. इस मशीन की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है. नए सिविल अस्पताल में अत्याधुनिक ‘कैथेटराइजेशन लेबोरेटरी’ (कैथ लैब) सेवा शुरू की गई है.
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए सूरत नए सिविल अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. धरित्री परमार ने दी है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सुपर स्पेशलिटी प्रोजेक्ट के तहत नए सिविल अस्पताल में न्यूरोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग ने काम शुरू कर दिया है. ऐसे में कैथ लैब के साथ इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की सेवा शुरू की गई है. इस समय ये सेवाएँ सूरत नए सिविल अस्पताल में अपॉइंटमेंट के आधार पर दी जाएंगी.
बिना चीरे फाड़े के इलाज
‘कैथ लैब’ के तहत आधुनिक डायग्नोस्टिक इमेजिंग उपकरणों का उपयोग करके ‘एंडोवास्कुलर इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी’ (EVIR) पद्धति से बिना किसी बड़े चीर-फाड़ के दिल या शरीर के अंदर की नसों का इलाज किया जाता है. इसमें एक छोटे छेद के माध्यम से कैथेटर डालकर स्टेंटिंग, एम्बोलाइजेशन या थ्रोम्बेक्टोमी जैसी प्रक्रियाएं की जाती हैं.
डॉ. परमार बताया कि कैथ लैब सेवा के पहले ही दिन सिविल में सिर और पैर के मरीजों का सफल ‘एंडोवास्कुलर इंटरवेंशनल’ इलाज किया गया है. साथ ही भविष्य में कार्डियक विभाग की सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य चल रहा है. इस सुविधा के माध्यम से नई सिविल मरीजों की सेवा में एक कदम और आगे बढ़ी है.
किस प्रकार की नसों का उपचार संभव है?
First Published :
February 13, 2026, 12:47 IST
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