बीवी ने नए साल में नहीं दी बधाई दी सिपाही पति ने खा लिया जहर, ऐसे बची जान

13 hours ago

Last Updated:January 04, 2026, 19:33 IST

उत्तर प्रदेश के उरई में एक सिपाही ने नए साल की बधाई देने को लेकर हुए मामूली घरेलू झगड़े के बाद खौफनाक कदम उठा लिया. सिपाही ने जहर खाकर पत्नी को फोन किया और मोबाइल बंद कर जंगल में छिप गया. यूपी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे बेसुध हालत में उस सिपाही को बरामद किया. 2020 बैच के सिपाही ब्रह्मजीत का फिलहाल मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है.

बीवी ने नए साल में नहीं दी बधाई दी सिपाही पति ने खा लिया जहर, ऐसे बची जान

उरई/ जालौन. उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. उरई में खाकी वर्दी पहनने वाला यूपी पुलिस का एक सिपाही ने इसलिए जहर खा लिया, क्योंकि उसकी पत्नी ने उसे नए साल की बधाई नहीं दी. हैप्पी न्यू ईयर नहीं बोलने पर पति और पत्नी में कलह शुरू हो गया. इसके लिए चलते सिपाही ने अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की. बता दें कि नए साल की शुरुआत जहां लोग खुशियों और शुभकामनाओं के साथ करते हैं, वहीं उरई में तैनात सिपाही ब्रह्मजीत के लिए एक छोटी सी बधाई विवाद की वजह बन गई. अपनी पत्नी के साथ हुई मामूली कहासुनी से आहत होकर सिपाही ने जहरीला पदार्थ गटक लिया. हालांकि, पुलिस की तकनीकी टीम और साथियों की सूझबूझ से उसकी जान बचा ली गई.

घटना शुक्रवार रात की है, जब पूरे जिले में पुलिस बल नए साल और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट पर था. उरई के कोतवाली थाना परिसर में अपनी पत्नी अंजना के साथ रहने वाले सिपाही ब्रह्मजीत अचानक घर से कहीं बाहर चला गया. कुछ ही देर बाद उसने अपनी पत्नी अंजना को फोन किया. फोन पर ब्रह्मजीत की आवाज कांप रही थी. उसने अंजना से कहा, ‘मैंने जहर खा लिया है, अब मैं नहीं बचूंगा’ इतना कहते ही उसने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिया.

रात का वो खौफनाक फोन कॉल

पति की ये बातें सुनकर अंजना के पैरों तले जमीन खिसक गई. उसने तुरंत दोबारा फोन लगाया, लेकिन मोबाइल बंद आ रहा था. घबराई हुई अंजना ने बिना समय गंवाए थाना प्रभारी को फोन किया और पूरी आपबीती सुनाई. एक साथी सिपाही के जहर खाने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.

जंगल में सर्च ऑपरेशन और मोबाइल लोकेशन

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने तुरंत पुलिस की एक टीम और सर्विलांस सेल को सक्रिय किया. सिपाही का मोबाइल बंद होने के कारण उसकी सटीक लोकेशन मिलना मुश्किल था, लेकिन टेक्निकल टीम ने उसके आखिरी कॉल के समय एक्टिव टावर की लोकेशन निकाली. लोकेशन उरई के पास एक सुनसान जंगली इलाके की मिल रही थी.

भारी पुलिस बल और टॉर्च की रोशनी में रात के अंधेरे में जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. काफी मशक्कत के बाद, पुलिस को ब्रह्मजीत एक झाड़ी के पीछे बेसुध हालत में पड़ा मिला. उसके मुंह से झाग निकल रहा था और वह पूरी तरह होश खो चुका था. पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उसे अपनी गाड़ी में लादा और राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया.

विवाद की वजह, नए साल की बधाई

अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया. शनिवार दोपहर तक सिपाही की हालत में काफी सुधार देखा गया. जालौन के एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि सिपाही ब्रह्मजीत मूल रूप से अलीगढ़ जिले के थाना गोंडा के अंतर्गत आने वाले ग्राम जगदेव नगरिया का रहने वाला है. वह साल 2020 बैच का सिपाही है और वर्तमान में उरई कोतवाली में तैनात है.

एसपी के मुताबिक, ‘जांच में सामने आया कि नववर्ष के अवसर पर शुभकामनाओं और बधाई देने को लेकर पति-पत्नी के बीच कुछ विवाद हुआ था. यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि ब्रह्मजीत मानसिक रूप से अवसाद में चला गया और गुस्से में आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया. एसपी ने यह भी बताया कि सिपाही अपनी पत्नी के साथ सरकारी आवास में ही रहता है और उनके बीच पहले भी छोटे-मोटे विवाद होते रहे थे.

पुलिस बल में बढ़ता मानसिक तनाव

यह घटना एक बार फिर पुलिसकर्मियों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव और निजी समस्याओं को उजागर करती है. 2020 बैच का युवा सिपाही, जिसका करियर अभी शुरू ही हुआ था, उसे मामूली पारिवारिक कलह ने इस कदर तोड़ दिया कि उसने मौत चुनना बेहतर समझा. डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते अस्पताल पहुंचने के कारण जहर का असर फैलने से पहले ही उसे नियंत्रित कर लिया गया. फिलहाल सिपाही आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में है और पुलिस की एक टीम उसकी काउंसलिंग की तैयारी कर रही है.

जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने अन्य पुलिसकर्मियों को भी यह संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की मानसिक समस्या या घरेलू तनाव होने पर वे अपने उच्च अधिकारियों से बात करें. सिपाही के परिवार वालों को भी अलीगढ़ से बुला लिया गया है. पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या विवाद की वजह सिर्फ नए साल की बधाई थी या इसके पीछे कोई और गंभीर कारण भी छिपा है. फिलहाल, ब्रह्मजीत की हालत खतरे से बाहर है, लेकिन इस घटना ने खाकी की सुरक्षा करने वालों की आंतरिक कमजोरी और तनावपूर्ण पारिवारिक जीवन की एक दुखद तस्वीर पेश की है.

Location :

Jalaun,Jalaun,Uttar Pradesh

First Published :

January 04, 2026, 19:33 IST

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