बेंगलुरु थिएटर में टॉयलेट वीडियो केस, नाबालिग गिरफ्तार, मैनेजमेंट पर सवाल

1 day ago

Bengaluru Womens Toilet Video Case: बेंगलुरु के एक सिनेमा हॉल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब फिल्म देखने आई महिलाओं ने लेडीज टॉयलेट के अंदर कैमरे की मौजूदगी देखी. जिस जगह को महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहीं उनकी निजता पर हमला हुआ. मामला सामने आते ही थिएटर में मौजूद लोगों में गुस्सा फूट पड़ा और आरोपी को मौके पर पकड़ लिया गया.

घटना ने सिर्फ एक नाबालिग की हरकत पर ही नहीं, बल्कि थिएटर मैनेजमेंट की लापरवाही पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल यह भी है कि आखिर कैमरा कहां और कैसे छिपाया गया, और क्या इसके पीछे कोई संगठित साजिश थी.

क्या है पूरा मामला?

यह घटना रविवार रात बेंगलुरु के संध्या सिनेमा थिएटर में हुई, जहां री-रिलीज़ हुई तेलुगु फिल्म ‘नुव्वु नाकु नचव’ दिखाई जा रही थी. फिल्म के दौरान जब कुछ महिलाएं वॉशरूम इस्तेमाल करने गईं, तो उन्हें लेडीज टॉयलेट के अंदर एक कैमरा नजर आया. महिलाओं ने तुरंत शोर मचाया. उनकी आवाज सुनते ही थिएटर में मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और कथित आरोपी को पकड़ लिया. गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई भी कर दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.

कैसे हुआ आरोपी का खुलासा?

महिलाओं के मुताबिक टॉयलेट के अंदर कैमरा इस तरह से रखा गया था कि वह सीधे इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की ओर फोकस कर रहा था. इससे साफ हुआ कि यह कोई गलती नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हरकत थी. घटना की सूचना रात करीब 9:30 बजे पुलिस को ‘नम्मा 112’ के जरिए मिली. मडिवाला पुलिस स्टेशन की पेट्रोलिंग टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया.

घटना के बाद थिएटर में काफी देर तक तनाव का माहौल रहा. (फोटो AI)

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

पुलिस ने बताया कि आरोपी नाबालिग लड़का है. भीड़ के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला और थाने ले गई. उसके मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है, ताकि जांच की जा सके कि वीडियो रिकॉर्ड हुए या नहीं. इसके अलावा, एक और संदिग्ध को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. पुलिस को शक है कि इस घटना में सिर्फ एक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकता.

थिएटर मैनेजमेंट पर क्यों उठे सवाल?

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल थिएटर प्रबंधन की भूमिका को लेकर खड़ा हुआ है. आखिर लेडीज टॉयलेट जैसे संवेदनशील स्थान पर कैमरा कैसे पहुंचा? पुलिस अब संध्या सिनेमा थिएटर की मैनेजमेंट कमिटी से भी पूछताछ कर रही है.

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि-

क्या टॉयलेट की नियमित जांच होती थी? सीसीटीवी मॉनिटरिंग और सुरक्षा स्टाफ की क्या भूमिका थी? क्या पहले भी ऐसी कोई शिकायत सामने आई थी?

भीड़ का गुस्सा और हालात पर काबू

घटना के बाद थिएटर में काफी देर तक तनाव का माहौल रहा. बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे. पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए भीड़ को शांत किया और धीरे-धीरे सभी को वहां से हटाया गया. पुलिस का कहना है कि कानून अपने हाथ में लेने के बजाय ऐसी घटनाओं में तुरंत पुलिस को सूचना देना जरूरी है.

क्यों यह मामला बेहद गंभीर है?

यह घटना सिर्फ एक थिएटर तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है. नाबालिग का शामिल होना इस मामले को और संवेदनशील बनाता है, क्योंकि इसमें सुधार और काउंसलिंग की भी जरूरत होगी.

यह मामला बताता है कि-

सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी कितनी जरूरी है. महिलाओं की निजता की सुरक्षा में लापरवाही भारी पड़ सकती है. मैनेजमेंट की जवाबदेही तय होना जरूरी है.

पुलिस ने कहा है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

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