Last Updated:January 29, 2026, 19:01 IST
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्रंप के सबसे खास सिपाहसलार सर्जियो गोर से मुलाकात की. एक्सपर्ट कह रहे कि भारत-EU डील और कीर स्टार्मर-शी जिनपिंग की नजदीकी से अमेरिका परेशान नजर आ रहा है. इसलिए उसने सर्जियो गोर को एक्टिव किया है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की.टैरिफ-ट्रेड डील पर भारत-अमेरिका तनाव के बीच बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात हुई. यह मुलाकात ऐसे वक्त में हुई है, जब दो दिन पहले भारत और ईयू के बीच डील डन हुई है. उधर ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर चीन पहुंच गए हैं और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ गलबहियां कर रहे हैं. यूएस के दोस्तों और चीन की बढ़ती नजदीकियों ने अमेरिका के होश उड़ा दिए हैं. यही वजह है कि ट्रंप प्रशासन ने अपने सबसे भरोसेमंद सिपहसालार को ‘एक्टिव’ कर दिया है.
पिछले कई महीनों से भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की फाइलें धूल फांक रही थीं. सिर्फ बातें हो रही थीं. जयशंकर और अमेरिकी नेताओं के बीच बातचीत में वह गर्मजोशी नहीं दिख रही थी जो पहले हुआ करती थी. लेकिन आज की मुलाकात ने तस्वीर बदल दी है. महीनों तक अटकी बातचीत के बाद, सर्जियो गोर के आते ही अमेरिकी प्रशासन अचानक ‘हाइपर-एक्टिव’ नजर आ रहा है. जयशंकर ने मुलाकात के बाद ट्वीट कर बताया कि बातचीत में साझेदारी के कई आयामों को कवर किया गया है. उन्होंने विश्वास जताया कि गोर भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में बड़ा योगदान देंगे. अमेरिका अब भारत में अपने रिश्तों को फिर से उसी रफ्तार पर लाने की कोशिश कर रहा है, जो पिछले कुछ समय से सुस्त पड़ गए थे.
Pleased to meet @USAmbIndia Sergio Gor today in New Delhi.
Our conversation covered the many dimensions of our partnership.
Welcomed him and expressed confidence that he would contribute to the strengthening of India – US relations.
अमेरिका की घबराहट क्यों
अमेरिका की इस अचानक बढ़ी सक्रियता के पीछे एक बड़ा कारण लंदन और बीजिंग की जुगलबंदी है. जिस वक्त भारत-अमेरिका ट्रेड डील फंसी हुई थी, ठीक उसी वक्त ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर चीन में शी जिनपिंग के साथ नजर आ रहे हैं. वाशिंगटन को शायद यह अहसास हो गया है कि अगर यूरोप उससे दूरी बना रहा है और ब्रिटेन जैसा पक्का दोस्त चीन की तरफ झुक रहा है, तो ऐसे में भारत को दूर रखना आत्मघाती होगा. अगर भारत भी अमेरिका के हाथ से निकल गया, तो वैश्विक शक्ति संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा.
कहीं पीछे न छूट जाएं…
एक्सपर्ट कह रहे कि भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की खबरों ने अमेरिका पर दबाव बढ़ा दिया है. अमेरिका नहीं चाहता कि भारत के विशाल बाजार पर यूरोपीय कंपनियों का कब्जा हो जाए और वह पीछे रह जाए. यही वजह है कि अब तक कठोर रुख अपना रहा अमेरिका अब ‘नरम’ पड़ता दिख रहा है. सर्जियो गोर को भारत भेजना इसी रणनीति का हिस्सा है ताकि अटकी हुई ट्रेड डील को जल्द से जल्द फाइनल किया जा सके.दुनिया अब किसी एक देश के इशारे पर नहीं चल रही है. भारत ने जिस तरह से EU के साथ अपने हितों को साधा है, उसने अमेरिका को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वह भारत को ‘ग्रांटेड’ नहीं ले सकता. कीर स्टार्मर और जिनपिंग की मुलाकात ने इस आग में घी का काम किया है. अब देखना यह होगा कि सर्जियो गोर की यह ‘एक्टिविटी’ भारत-अमेरिका ट्रेड डील को कितनी जल्दी मुकाम पर पहुंचाती है.
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Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for 'Hindustan Times Group...और पढ़ें
Location :
Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
January 29, 2026, 18:48 IST

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