भारत ने अपने स्वदेशी पिनाका गाइडेड रॉकेट सिस्टम की पहली खेप अर्मेनिया को भेजी है. यह पहली बार है जब पिनाका को किसी दूसरे देश को बेचा गया है, जिससे भारत के रक्षा निर्यात को नया बल मिला है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को नागपुर में आर्मेनिया के लिए पिनाका रॉकेट सिस्टम के पहले बैच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस कदम के बाद भारत के रक्षा निर्यात और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को तो मजबूती मिलेगी है, साथ ही भारत ने अर्मेनिया को यह सिस्टम देकर पाकिस्तान को भी गहरी चोट दी है. चलिए जानते हैं कि कैसे.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौके पर कहा कि सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस सुविधा में बने पिनाका मिसाइलों का निर्यात शुरू हो गया है, जो डिफेंस इंडस्टी की की ताकत तो जाहिर करता है. उन्होंने कहा,'भारत अब सिर्फ इंपोर्ट नहीं है, बल्कि तेजी से एक्सपोर्टर बनने की तरफ बढ़ रहा है.' सिंह ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती हिस्सेदारी की वजह से भारत का रक्षा निर्यात 24000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो 10 साल पहले सिर्फ 1000 करोड़ रुपये से भी कम था.
पिनाका से पाकिस्तान-तुर्की को कैसे पहुंचेगी चोट
अजरबैजान-आर्मेनिया के बीच नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र को लेकर दशकों से रिश्ते खराब हैं. दोनों के बीच 2020 में जबरदस्त जंग देखने को मिली. जिसमें अजरबैजान ने तुर्की के सैन्य समरथन से नागोर्नो-कराबाख और आसपास के बड़े इलाके दोबारा हासिल कर लिया. साथ ही पाकिस्तान भी इस मुद्दे पर खुलकर अजरबैजान का समर्थन करता है और बदले में अजरबैजान भी कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अजरबैजान ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया था. ऐसे में भारत ने अर्मेनिया को खतरनाक मिसाइल सिस्टम देकर तुर्की-पाक-और अजरबैजान धुरी में सेंध लगा दी.
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