Last Updated:March 12, 2026, 19:49 IST
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया है कि भारत ने बिना कोई देरी किए पहले ही दिन ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अपनी श्रद्धांजलि दी थी. उन्होंने बिना तथ्यों के ज्ञान बांटने वालों को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि आधी-अधूरी जानकारी के साथ सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से बचना चाहिए.

नई दिल्ली. भारत ने गुरुवार को उन दावों को सिरे से खारिज किया जिसमें कहा गया था कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति शोक जताने में 5 दिन की देर कर दी गई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपील की कि बिना जानकारी के ऐसी टिप्पणी करने से बचना चाहिए.
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि भारत ने ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी थी. जायसवाल ने बताया कि विदेश सचिव ने 5 मार्च को ईरानी दूतावास में जाकर शोक-पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए थे.
जायसवाल ने कहा, “मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि शोक-पुस्तिका खुलने के पहले ही दिन विदेश सचिव ने भारत सरकार की ओर से यह औपचारिकता पूरी की थी. उन्होंने 5 मार्च को अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं और वो शोक-पुस्तिका खुलने का पहला ही दिन था. मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से पहले लोगों को जरूरी तथ्यों की जानकारी लेनी चाहिए. बिना जानकारी के की गई टिप्पणियों से बचना चाहिए.”
बता दें, कि भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचकर हस्ताक्षर किए थे. उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की मृत्यु पर दुख जताया था. इसके बाद ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली से भी मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त की थीं.
दूतावास ने दुनिया भर में ईरानी और उनके समर्थकों को पहुंचे नुकसान को सम्मान देते हुए नई दिल्ली में हर आमोखास को शोक बुक पर साइन करने के लिए कहा था. शोक बुक पर गुरुवार (5 मार्च), शुक्रवार (6 मार्च), और सोमवार (9 मार्च) को संवेदनाएं जाहिर करने लोग पहुंचे थे.
11 मार्च को ईरानी दूतावास ने संवेदनाएं जाहिर करने के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया था. शोक पुस्तिका पर राजनेताओं से लेकर, बड़े अफसरों, धार्मिक नेताओं, विद्वानों, शिक्षाविदों और मीडिया कर्मियों ने हस्ताक्षर किए थे और ईरान के साथ सहानुभूति दिखाई थी.
86 वर्षीय खामेनेई की 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य हमले में मृत्यु हो गई थी. बाद में अमेरिका ने दावा किया था कि सैन्य बैठक में उनके साथ कई शीर्ष सैन्य अफसर भी मारे गए थे. मृतकों में ईरान के रक्षा मंत्री और आईआरजीसी के प्रमुख भी शामिल थे.
हमले में खामेनेई के करीबी परिजन भी मारे गए थे, जिसमें उनकी बहू, बेटी, और नाती का नाम शामिल था. हमले में घायल खामेनेई की पत्नी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
March 12, 2026, 19:49 IST

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