Last Updated:March 05, 2026, 19:33 IST
भारतीय रेलवे ने मिजोरम के सैरांग स्टेशन पर पहली बार एफसीआई की अनाज लदी मालगाड़ी पहुंचाई. 25,900 क्विंटल चावल पंजाब से लाया गया. नई सेवा से खाद्य आपूर्ति, पर्यटन और रोजगार बढ़े हैं.

नई दिल्ली. मिजोरम में रेलवे ने एक बड़ा इतिहास रच दिया है. 3 मार्च को पहली बार फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) की अनाज लदान वाली मालगाड़ी सैरांग रेलवे स्टेशन पहुंची. इस ट्रेन में 42 डिब्बों में पंजाब से करीब 25,900 क्विंटल चावल लाया गया. ढुलाई की बढ़ती क्षमता और खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. .मिजोरम में रेल सेवा की शुरुआत 13 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा 51.38 किमी लंबी बैराबी-सैरांग रेल लाइन के उद्घाटन से हुई थी. इस लाइन ने आइजोल को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ा है.
उद्घाटन के बाद से माल ढुलाई तेजी से बढ़ी है. सितंबर 2025 से मार्च 2026 तक सैरांग टर्मिनल पर 30 से ज्यादा मालगाड़ियां आईं. इनमें सीमेंट (3.5 रेक), ऑटोमोबाइल (2 रेक), उर्वरक (0.5 रेक), स्टोन चिप्स (20.5 रेक) और रेत (4 रेक) शामिल हैं. दिसंबर 2025 में पहली बार 119 कारों वाली मालगाड़ी भी पहुंची थी.इसके अलावा रेलवे ने सब्जी और फलों के लिए रेफ्रिजरेटेड पार्सल वैन शुरू किए हैं, जिससे स्थानीय किसानों को बाजार तक पहुंच आसान हुई है.
पर्यटन को भी बढ़ाया मिलेगा. 12 फरवरी को पहली बार भारत गौरव डीलक्स एसी पर्यटक ट्रेन ‘नॉर्थ ईस्ट डिस्कवरी’ सर्किट के तहत सैरांग पहुंची. इसमें 81 पर्यटक अमेरिका, नेपाल और भारत के विभिन्न हिस्सों से आए थे. पिछले छह महीनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, जिससे होटल, गाइड और स्थानीय व्यापार को फायदा हो रहा है.यात्री सेवाओं में भी जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है.
सैरांग-आनंद विहार राजधानी में दोनों तरफ 150% से ज्यादा बुकिंग रही. सैरांग-गुवाहाटी और सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस में 100% से ज्यादा यात्री रहे. 09 फरवरी 2026 को सैरांग-सिलचर नई ट्रेन शुरू हुई, जिससे मिजोरम असम के बराक वैली से बेहतर जुड़ गया है.रेलवे की यह नई कनेक्टिविटी मिजोरम के विकास में खास भूमिका निभा रही है. इससे खाद्य आपूर्ति, निर्माण सामग्री, पर्यटन और रोजगार बढ़ रहा है.
Location :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
March 05, 2026, 19:33 IST

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