'मंदिरों को लूटा गया, हम असहाय रहे', NSA अजित डोभाल बोले- बदला लेना होगा...युवाओं में आग होनी चाहिए

15 hours ago

Last Updated:January 10, 2026, 13:24 IST

NSA Ajit Doval: अजित डोभाल ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं को न केवल देश के इतिहास की याद दिलाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि अतीत से मिली सीख को भूलना नहीं, बल्कि उसे शक्ति बनाकर एक सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत की ओर बढ़ना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है.

'मंदिरों को लूटा गया, हम असहाय रहे', NSA डोभाल बोले- बदला लेना होगाNSA अजित डोभाल ने युवाओं से बड़ा आह्वन किया है. (फोटो: PTI)

NSA Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने कहा कि भारत की आजादी बहुत बड़ी कीमत चुकाकर हासिल हुई है. उन्होंने कहा कि पीढ़ियों तक भारतीयों ने अपमान, विनाश और भारी नुकसान सहा तब जाकर देश स्वतंत्र हुआ. डोभाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इतिहास से ताकत लें, उससे सीखें और अपने मूल्यों, अधिकारों और विश्वासों के आधार पर एक मज़बूत और महान भारत के निर्माण में जुट जाएं. एनएसए ने आगे कहा कि आज के युवाओं में वो आग होनी चाहिए. अजित डोवाल भारत मंडपम में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आजाद भारत जितना आजाद आज दिखता है, वह हमेशा ऐसा नहीं था. इसके पीछे हमारे पूर्वजों के असाधारण बलिदान हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों ने भयंकर अपमान झेला, असहायता के दौर देखे और कई लोगों ने फांसी तक का सामना किया. अजित डोभाल ने कहा कि हमारे मंदिरों को लूटा गया और हम मूकदर्शक बन देखते रहे.

अजित डोभाल ने कहा, ‘हमारे गांव जलाए गए, हमारी सभ्यता को नष्ट किया गया. हमारे मंदिर लूटे गए और हम मूकदर्शक बनकर देखते रहे. यह इतिहास आज के हर युवा के सामने एक चुनौती रखता है. हर युवा के भीतर इस चुनौती से निपटने की आग होनी चाहिए.’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘बदला’ शब्द भले ही आदर्श न लगे, लेकिन बदला अपने आप में एक शक्तिशाली भावना है. हमें उनका बदला लेना होगा. उनके अनुसार, इतिहास से मिला यह दर्द हमें आगे बढ़ने और देश को फिर से उसके गौरवशाली स्थान पर ले जाने की प्रेरणा दे सकता है. NSA ने स्पष्ट किया कि बदले का अर्थ हिंसा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय शक्ति के निर्माण से है. उन्होंने कहा, ‘हमें अपने इतिहास का बदला लेना है, यानी इस देश को फिर से वहां ले जाना है, जहां हम अपने अधिकारों, अपने विचारों और अपने विश्वासों के आधार पर एक महान भारत का निर्माण कर सकें.’

#WATCH | Delhi: Speaking at the opening ceremony of Viksit Bharat Young Leaders Dialogue, NSA Ajit Doval says, “…This independent India wasn’t always as free as it appears now. Our ancestors made great sacrifices for it. They endured great humiliation and experienced periods of… pic.twitter.com/1RGfOwZwqy

अजित डोभाल ने क्‍या चेतावनी दी?

अज‍ित डोभाल ने भारत की प्राचीन सभ्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत विकसित और शांतिप्रिय सभ्यता थी. उन्होंने कहा कि भारत ने कभी दूसरों के मंदिर नहीं तोड़े, न ही किसी देश को लूटा और न ही अन्य देशों पर आक्रमण किया, जबकि उस समय दुनिया के कई हिस्से बहुत पिछड़े हुए थे. इसके बावजूद भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि हमने समय रहते अपनी सुरक्षा से जुड़े खतरों को नहीं समझा. उन्होंने कहा कि इतिहास ने हमें कड़ा सबक सिखाया है कि सुरक्षा के प्रति उदासीनता कितनी घातक हो सकती है. डोभाल ने सवाल उठाया कि क्या हमने उस सबक से कुछ सीखा है और क्या आने वाली पीढ़ियां उसे याद रखेंगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘अगर भविष्य की पीढ़ियां उस सबक को भूल गईं, तो यह इस देश के लिए सबसे बड़ी त्रासदी होगी.’

युवाओं को सलाह

डोभाल ने युवाओं से अपील की कि वे इतिहास को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि एक विकसित और सुरक्षित भारत के लिए जागरूक, जिम्मेदार और आत्मविश्वासी युवाओं की भूमिका सबसे अहम है. उनके अनुसार, आज का युवा अगर अपने अतीत को समझेगा, तभी वह भविष्य को बेहतर ढंग से गढ़ सकेगा. गौरतलब है कि ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2.0’ की शुरुआत शनिवार से हो गई है और यह कार्यक्रम 12 जनवरी तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में चलेगा. इस मंच का उद्देश्य देशभर के युवाओं को एक साझा मंच पर लाकर उन्हें राष्ट्र निर्माण, नेतृत्व और विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद का अवसर देना है. इससे पहले ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ का पहला संस्करण जनवरी 2025 में भी भारत मंडपम में आयोजित किया गया था. आयोजकों के अनुसार, यह पहल युवाओं को नीतिगत सोच, नवाचार और राष्ट्रीय विकास की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

January 10, 2026, 13:03 IST

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