Last Updated:March 08, 2026, 21:52 IST
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सिरमौर जिला के नाहन में बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में क्लास थ्री पदों की भर्ती में भी महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कानून बनाए जाएंगे. पुलिस विभाग में महिला सब-इंस्पेक्टर की विशेष भर्ती करने, नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए 500 करोड़ देने और महिला सम्मान राशि को एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की घोषणा भी की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकरा ने बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार देते हुए 150 बीघा पैतृक संपत्ति में अधिकार दिया है. अगले साल से महिलाओं को 1500 पेंशन देने का प्लान है.

शिमला. मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सिरमौर जिला के नाहन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कहा कि सरकारी विभागों में क्लास थ्री पदों की भर्ती में भी महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कानून बनाए जाएंगे. उन्होंने पुलिस विभाग में महिला सब-इंस्पेक्टर की विशेष भर्ती करने, नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए 500 करोड़ रुपये देने और महिला सम्मान राशि को एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की घोषणा की, उन्होंने पीजी कॉलेज नाहन में अगले सत्र से एमएससी जिओलॉजी, एमबीए और एमए हिस्ट्री की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा भी की.
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की पहली प्राथमिकता महिलाओं का कल्याण है और राज्य सरकार की हर योजना के केंद्र में महिलाओं को विशेष स्थान दिया गया है. उन्होंने कहा कि बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार देते हुए 150 बीघा पैतृक संपत्ति में अधिकार दिया. राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना आरंभ की, जिसके तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है. उन्होंने कहा कि आज लाहौल-स्पीति जिला की पूरी प्रशासनिक कमान महिलाओं के हाथ में है. जिला सिरमौर के साथ-साथ जिला हमीरपुर की उपायुक्त भी एक महिला अधिकारी हैं जो प्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच का प्रतीक हैं.
गिनाए और भी काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों की विवाह की आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष किया गया है. विधवाओं के पुनर्विवाह को भी राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है. इस योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि को 65 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपये किया गया है. पुलिस की भर्ती में 30 प्रतिशत में महिलाओं को आरक्षण दिया गया है. प्रदेश की महिलाओं को 1500 रुपये पेंशन अगले वर्ष से देने पर विचार किया जाएगा. सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने नियमों को बदलकर मुआवजा राशि में ऐतिहासिक बढ़ौतरी की. प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के घरों के पुनर्निमाण के लिए सात लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया.
सीएम ने कहा कि भाजपा नेताओं ने बार-बार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की, जबकि पूरा प्रशासनिक अमला लोगों की मदद के लिए लगा हुआ था. जब आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज का प्रस्ताव आया तो भाजपा विधायक वॉकआउट कर गए. वर्ष 2025 में आपदा के दौरान भी प्रदेश सरकार ने प्रभावितों को राहत दी, जबकि भाजपा के सांसद चुप रहे, प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी लेकिन आज भी यह पैसा प्रदेश के लोगों को नहीं मिला.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 फरवरी, 2026 हिमाचल प्रदेश के इतिहास का काला दिन है, जब केंद्र सरकार ने राज्य के लोगों को आरडीजी के रूप में प्रति वर्ष मिलने वाली 10 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता बंद कर दी. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक छोटा राज्य है, जिसके आय के साधन सीमित हैं. हम पंजाब के खेतों को सींचते हैं, उत्तर भारत को पानी देते हैं, जंगलों को बचा कर रखते हैं लेकिन इसके बावजूद हिमाचल के अधिकारों का ध्यान नहीं रखा गया. मैंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं के नेतृत्व में हिमाचल के अधिकारों के लिए दिल्ली जाने को तैयार हूं लेकिन भाजपा विधायक विधानसभा सत्र में नारे लगाते रहे और हिमाचल के अधिकार की कोई बात नहीं की. आज मैं फिर कहना चाहता हूं कि हम इसका भी सामना करेंगे. हमें जनता के अधिकारों की लड़ाई को युद्ध की तरह लड़ना होगा.
दिल्ली पुलिस पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेताओं को हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी. भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भी इसी जिला से हैं, उन्हें भी प्रदेश के लोगों के अधिकारों की बात करनी चाहिए. भाजपा ने धनबल से राज्य में चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया लेकिन देवी-देवताओं और लोगों के आशीर्वाद से कांग्रेस के विधायकों की संख्या फिर से 40 हो गई. सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के मामलों में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया था, जो विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रदेश के लोगों के साथ धोखा है. प्रदेश सरकार ने आंगवबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 10,500 रुपये और आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाकर 5800 रुपये किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली पुलिस हिमाचल प्रदेश से किसी को भी उठा कर नहीं ले जा सकत. नियमों को दरकिनार करते हुए बिना सूचना कार्रवाई पर दिल्ली पुलिस पर एफआईआर दर्ज की गई और जब वह दोबारा हिमाचल आए तो पुलिस को सूचित किया, जिस पर राज्य सरकार ने दिल्ली पुलिस का पूरा सहयोग किया.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu...और पढ़ें
Location :
Shimla,Himachal Pradesh
First Published :
March 08, 2026, 21:52 IST

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