मेघालय में मौत की खदान! भीषण विस्फोट में 18 मजदूरों की मौत, कई अब भी फंसे

1 hour ago

Last Updated:February 06, 2026, 10:01 IST

Meghalaya Coal Mine Explosion Latest Death Toll: मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में अवैध कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में 18 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि कई मजदूर अब भी फंसे होने की आशंका है. केंद्र और राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है और हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं.

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मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में अवैध कोयला खदान विस्फोट. (फोटो PTI)

Meghalaya Coal Mine Explosion News: मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को हुए भीषण कोयला खदान विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया. अवैध रूप से संचालित बताई जा रही इस खदान में अचानक हुए धमाके के बाद चीख-पुकार मच गई. मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. विस्फोट इतना तेज था कि कई मजदूर अंदर ही फंस गए. राहत और बचाव टीमों को मौके पर पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी. अब तक 18 मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है.

इस दर्दनाक हादसे ने खदानों में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध खनन के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है. हादसे की खबर मिलते ही राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों सक्रिय हो गईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया. वहीं मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

Deeply saddened by the tragic deaths of many labourers in the coal mine blast in Meghalaya.

I extend my deepest condolences to the bereaved families and pray for the speedy recovery of those injured.

सरकार ने जांच के आदेश दिए. (फोटो PTI)

अवैध खनन बना हादसे की बड़ी वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खदान अवैध रूप से संचालित की जा रही थी. पुलिस के अनुसार विस्फोट खदान के अंदर हुआ, जिससे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. प्रशासन ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, खान और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम 1957 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और विशेष टीमों को लगाया गया है.

हादसे के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी घटना की जांच और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री संगमा से बातचीत कर केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया है. प्रशासन लगातार राहत और बचाव अभियान चला रहा है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है. इसके अलावा मेघालय सरकार ने मृतकों के परिवारों को तीन लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया है. सरकार का कहना है कि यह मदद पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए दी जा रही है. हादसे के बाद इलाके में शोक और गुस्से का माहौल बना हुआ है.

मेघालय में यह हादसा कैसे हुआ?

पुलिस और प्रशासन के अनुसार ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में एक अवैध कोयला खदान के अंदर अचानक विस्फोट हुआ. धमाका इतना तेज था कि मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. कई मजदूर खदान के अंदर ही फंस गए. जांच में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और अवैध खनन को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है.

राहत और बचाव कार्य की क्या स्थिति है?

हादसे के तुरंत बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और विशेष बचाव टीमों को मौके पर भेजा गया. अब तक 18 शव निकाले जा चुके हैं. कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है. प्रशासन लगातार बचाव अभियान चला रहा है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं.

सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए क्या कदम उठाए हैं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की है. वहीं मेघालय सरकार ने मृतकों के परिवारों को तीन लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. साथ ही सरकार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं.

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार अवैध खनन के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य में वैज्ञानिक खनन को बढ़ावा दिया जाएगा और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

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Sumit Kumar

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें

First Published :

February 06, 2026, 09:59 IST

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