Last Updated:February 26, 2026, 13:23 IST
Ranveer Singh News: कर्नाटक हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को राहत देते हुए मंगलवार को पुलिस को निर्देश दिया कि एक स्थानीय देवी का कथित रूप से मजाक उड़ाने से संबंधित मामले में उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न की जाए. कांतारा फिल्म पर कर्नाटक क्षेत्र की देवी का मजाक उड़ाने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के आग्रह वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना की पीठ ने बेंगलुरु पुलिस को यह निर्देश दिया. रणवीर सिंह को इस दौरान कोर्ट ने खूब फटकार लगाई.

Ranveer Singh News: बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ‘कांतारा’ फिल्म पर कमेंट और मिमिक्री को लेकर फंस चुके हैं. कर्नाटक पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा है. ‘धुरंधर’ एक्टर रणवीर सिंह खुद राहत की आस लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट गए हैं. 24 फरवरी को इस मामले में सुनवाई भी हुई. रणवीर सिंह को फौरी राहत तो मिली, मगर कर्नाटक हाईकोर्ट ने खूब फटकार लगाई. कर्नाटक हाईकोर्ट के जज ने फटकारते हुे कहा कि आप सुपरस्टार हो या कोई और, किसी की भावनाएं आहत करने का आपको कोई हक नहीं. रणवीर सिंह ने हाईकोर्ट में माफी मांगी, जज साहब के सामने सिर झुकाया, तब जाकर किसी एक्शन से फौरी राहत मिली. चलिए जानते हैं कि वह जज कौन हैं और क्या है पूरा मामला.
दरअसल, रणवीर सिंह ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में कन्नड़ फिल्म ‘कांतारा चैप्टर-1’ के एक सीन की मिमिक्री की थी उसमें उन्होंने एक पवित्र देवता को ‘फीमेल घोस्ट’ कह दिया था. इससे उनके ऊपर धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगा और FIR दर्ज हुई. रणवीर सिंह की याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट में 24 फरवरी को सुनवाई हुई. जज ने रणवीर को कड़ी फटकार लगाई, लेकिन इंटरिम राहत भी दी. जिस जज ने रणवीर सिंह को फटकार लगाई, उनका नाम जस्टिस एम नागप्रसन्ना है. वह अपनी तेज रफ्तार न्याय के लिए मशहूर हैं. उन्होंने एक दिन में करीब 600 केस निपटाने का रेकॉर्ड बनाया है.
कर्नाटक हाईकोर्ट ने रणवीर सिंह को लगाई फटकार
24 फरवरी को जस्टिस एम नागप्रसन्ना की बेंच ने ही रणवीर सिंह के मामले की सुनवाई की. रणवीर सिंह की ओर से उनके वकील सीनियर एडवोकेट सज्जन पूवय्या पेश हुए थे. उन्होंने दलील दी कि रणवीर का इरादा गलत नहीं था. वह इसके लिए माफी मांग चुके हैं. हाईकोर्ट में रणवीर सिंह की ओर से एडवोकेट पूवय्या ने कहा, ‘मैं सिर झुकाता हूं’. इसके बाद भी जज नागप्रसन्ना नहीं माने. उन्होंने रणवीर सिंह को लापरवाह बताया.
जज एम नागप्रसन्ना ने क्या कहा?
उन्होंने कहा, ‘आप रणवीर सिंह हो सकते हैं, लेकिन आप किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचा सकते. सुपर स्टार कानून से से ऊपर नहीं होते हैं. अगर देवता के बारे में बोल रहे हैं, तो पहले स्टडी करो. उसे घोस्ट नहीं कह सकते. माफी से शब्द वापस नहीं होते. लोग भूल सकते हैं, लेकिन इंटरनेट कभी नहीं भूलता. जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने आगे कहा कि एक्टर्स का प्रभाव बड़ा होता है, इसलिए रणवीर सिंह को जिम्मेदारी से बोलना चाहिए. हालांकि, उन्होंने इंटरिम ऑर्डर दिया कि पुलिस अगली सुनवाई तक कोई कड़ी कार्रवाई न करे. साथ ही अदालत ने रणवीर सिंह को जांच में सहयोग करने को कहा. अब जानते हैं कि आखिर जस्टिस एम नागप्रसन्ना कौन हैं?कौन हैं जस्टिस एम नागप्रसन्ना?
जस्टिस एम नागप्रसन्ना कर्नाटक हाईकोर्ट के जज हैं. वह 26 नवंबर 2019 को एडिशनल जज बने और 8 सितंबर 2021 को परमानेंट जज. जस्टिस एम नागप्रसन्ना का 23 मार्च 1971 को जन्म हुआ है. वह तेजी से विवादों को निपटाने के लिए जाने जाते हैं. आमतौर पर हाईकोर्ट की बेंच एक दिन में 200-300 केस सुनती है, मगर जस्टिस नागप्रसन्ना ने कई रेकॉर्ड तोड़े हैं. उन्होंने साल 2024 में 19 जून को एक दिन में करीब 600 केस सुने थे. उनके इस काम से न्यायिक बैकलॉग कम करने में मदद मिली. जस्टिस नागप्रसन्ना बेंगलुरु प्रिंसिपल बेंच में हैं.
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First Published :
February 26, 2026, 13:23 IST

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