Last Updated:February 24, 2026, 08:22 IST
Cabinet Meeting at Seva Teerth- आज मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक है, जो खास है. खास किसी बड़े फैसले की वजह से नहीं है, बल्कि पीएम के नए कार्यालय सेवा तीर्थ में यह पहली बैठक है. जो सुबह 11 बजे होगी. इससे पहले 13 फरवरी को दक्षिण ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक हुई थी, जिसके कुछ घंटे बाद ही पीएमओ नई जगह शिफ्ट हो गया

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में आज कैबिनेट की पहली बैठक होने जा रही है, जो सुबह 11 बजे होगी. इससे पहले 13 फरवरी को दक्षिण ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक हुई थी, जिसके कुछ घंटे बाद ही पीएमओ नई जगह शिफ्ट हो गया. दक्षिण ब्लॉक की आखिरी बैठक में प्रधानमंत्री ने इस इमारत से जुड़ी कई यादें साझा कीं. उन्होंने मंत्रियों को बताया कि स्वतंत्रता के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पहली चार कैबिनेट बैठकें राष्ट्रपति भवन में हुई थीं.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण ब्लॉक में आजादी के बाद से कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए. यहां युद्ध कक्ष में देश की चार बड़े युद्ध की रणनीति भी बनाई गई थी. प्रधानमंत्री हर साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में सिर्फ एजेंडा ही नहीं, बल्कि पिछले हफ्ते की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी चर्चा करते हैं. वे मंत्रियों से फीडबैक और सुझाव भी मांगते हैं.
एक खास बात यह है कि प्रधानमंत्री हर मंत्री से ‘गुड न्यूज’ शेयर करने को कहते हैं. यह उनके मंत्रालय से जुड़ी अच्छी खबर हो सकती है या निजी जीवन की कोई खुशी. उदाहरण के तौर पर, कभी कोई वरिष्ठ मंत्री बताते हैं कि उन्होंने एक घाटे में चल रही सरकारी कंपनी को कुछ महीनों में लाभ में ला दिया और 100 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया. कई मंत्री अपने मंत्रालय के फैसलों से आम लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की बात करते हैं.
व्यक्तिगत स्तर पर, पिछले साल नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने कैबिनेट में बताया कि उन्हें बेटे का पिता बनने की खुशी मिली है.यह ‘गुड न्यूज’ शेयर करने की परंपरा प्रधानमंत्री ने शुरू की है, ताकि सभी मंत्री प्रेरित हों और एक-दूसरे से सीखें. कैबिनेट एजेंडा खत्म होने के बाद अनौपचारिक बातचीत में यह हिस्सा आता है. कैबिनेट सचिवालय, जो पहले राष्ट्रपति भवन परिसर में था, अब सुविधा के लिए सेवा तीर्थ में ही शिफ्ट हो गया है.
प्रधानमंत्री का नया आवास भी सेवा तीर्थ के पास बन रहा है. एक बार सब पूरा हो जाने पर नया संसद भवन, पीएमओ, आवास और सभी मंत्रालय कुछ किलोमीटर के दायरे में आ जाएंगे. इससे वीवीआईपी मूवमेंट से होने वाली ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी कम हो जाएगी.यह बदलाव केंद्रीय विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो आधुनिक, कुशल और नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में बड़ा कदम है. सेवा तीर्थ का नाम ‘नागरिक देवो भव’ के मंत्र के साथ रखा गया है, जो सेवा की भावना को दर्शाता है.
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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता
करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज...और पढ़ें
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
February 24, 2026, 08:22 IST

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