राफेल, F-16 से लेकर F-22 तक, 1 मिनट में 100 लीटर तेल पी जाते हैं ये फाइटर जेट्स! कौन है माइलेज किंग?

4 weeks ago

Last Updated:February 11, 2026, 16:27 IST

Fighter Jets Fuel Consumption: क्या आपने कभी सोचा है कि आसमान में बिजली की रफ्तार से उड़ने वाले फाइटर जेट्स आखिर कितना तेल पीते हैं? जहां एक साधारण कार 15-20 किमी का माइलेज देती है, वहीं फाइटर जेट्स का गणित बिल्कुल उल्टा है. ये प्रति किलोमीटर नहीं, बल्कि प्रति लीटर कुछ मीटर का सफर तय करते हैं. जानिए दुनिया के सबसे ज्यादा और सबसे कम फ्यूल खाने वाले टॉप 10 जेट्स के बारे में.

राफेल, F-16 से लेकर F-22 तक, 1 मिनट में 100 लीटर तेल पी जाते हैं ये फाइटर जेटZoom

दुनिया के 10 सबसे ज्यादा 'तेल' पीने वाले जेट्स. (AI Photo)

नई दिल्ली: जब हम कार या बाइक खरीदते हैं, तो सबसे पहला सवाल ‘माइलेज’ का होता है. लेकिन युद्ध के मैदान में माइलेज से ज्यादा ‘मिशन’ और ‘रफ्तार’ मायने रखती है. फाइटर जेट्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे भारी हथियारों के साथ ध्वनि की रफ्तार से भी तेज उड़ सकें. यही कारण है कि इनका फ्यूल कंजप्शन किसी आम इंसान की कल्पना से परे होता है. एक सामान्य फाइटर जेट का माइलेज किलोमीटर प्रति लीटर में नहीं, बल्कि ‘मीटर प्रति लीटर’ में नापा जाता है.

फाइटर जेट का माइलेज: 1 लीटर में कितनी दूर?

आमतौर पर एक मध्यम श्रेणी का फाइटर जेट (जैसे रफाल या F-16) क्रूजिंग स्पीड (सामान्य रफ्तार) पर 300 से 400 मीटर प्रति लीटर का माइलेज देता है. यानी 1 किलोमीटर जाने के लिए इसे लगभग 3 लीटर ईंधन की जरूरत पड़ती है. लेकिन यह गणित तब बदल जाता है जब जेट ‘आफ्टरबर्नर’ (Afterburner) का इस्तेमाल करता है. आफ्टरबर्नर वह तकनीक है जो जेट को अचानक बहुत तेज रफ्तार देती है. इस दौरान फ्यूल कंजप्शन 3 से 4 गुना बढ़ जाता है. उस समय ये जेट्स 100 मीटर प्रति लीटर से भी कम का माइलेज देने लगते हैं.

सबसे ज्यादा और सबसे कम फ्यूल खाने वाले जेट्स

दुनिया में सबसे ज्यादा फ्यूल खाने वाले जेट्स अक्सर ‘हैवी-वेट’ और ‘ट्विन-इंजन’ वाले होते हैं. अमेरिकी F-22 Raptor और रूस का Su-30 MKI इस लिस्ट में सबसे ऊपर आते हैं. F-22 रैप्टर जब अपनी पूरी ताकत पर होता है, तो यह प्रति घंटे हजारों लीटर तेल पी जाता है.

वहीं, सबसे कम फ्यूल खाने वाले जेट्स में स्वीडन का Saab Gripen और भारत का LCA Tejas शामिल हैं. ग्रिपेन को दुनिया का सबसे किफायती फाइटर जेट माना जाता है. यह सिंगल इंजन वाला लाइटवेट जेट है, जो कम खर्च में बेहतरीन परफॉर्मेंस देता है.

दुनिया के टॉप 10 जेट्स का फ्यूल कंजप्शन एनालिसिस

नीचे दी गई टेबल से आप समझ सकते हैं कि दुनिया के दिग्गज जेट्स एक घंटे की उड़ान में औसतन कितना फ्यूल खर्च करते हैं:

फाइटर जेटइंजन टाइपऔसत फ्यूल खपत (लीटर/घंटा)माइलेज (अनुमानित)
F-22 Raptorट्विन इंजन8,000 – 10,000 L~200 मीटर/लीटर
Su-30 MKIट्विन इंजन7,500 – 9,000 L~220 मीटर/लीटर
F-35 Lightning IIसिंगल इंजन5,500 – 7,000 L~250 मीटर/लीटर
Rafaleट्विन इंजन2,500 – 4,500 L~350 मीटर/लीटर
Eurofighterट्विन इंजन3,000 – 5,000 L~320 मीटर/लीटर
F-15 Eagleट्विन इंजन7,000 – 9,000 L~230 मीटर/लीटर
F-16 Falconसिंगल इंजन3,000 – 3,500 L~300 मीटर/लीटर
MiG-29ट्विन इंजन4,000 – 5,500 L~280 मीटर/लीटर
Saab Gripenसिंगल इंजन2,000 – 2,500 L~450 मीटर/लीटर
LCA Tejasसिंगल इंजन2,200 – 2,800 L~420 मीटर/लीटर

फ्यूल की खपत को प्रभावित करने वाले 3 बड़े कारण

रफ्तार और थ्रस्ट: अगर पायलट ‘सुपरक्रूज’ या ‘आफ्टरबर्नर’ मोड ऑन करता है, तो फ्यूल किसी झरने की तरह बहने लगता है.

पेलोड (हथियार): जेट पर जितने ज्यादा मिसाइल और बम लदे होंगे, इंजन पर उतना ही दबाव पड़ेगा और माइलेज घट जाएगा.

ऊंचाई (Altitude): अधिक ऊंचाई पर हवा का दबाव कम होता है, जिससे घर्षण (Drag) कम होता है और जेट बेहतर माइलेज देता है.

हवा में ईंधन भरने की जरूरत क्यों?

चूंकि ये जेट्स इतना ज्यादा तेल पीते हैं, इसलिए इनका इंटरनल टैंक बहुत जल्दी खाली हो जाता है. उदाहरण के लिए, एक मिशन के दौरान रफाल जैसा जेट केवल 1.5 से 2 घंटे तक ही हवा में रह सकता है. इसी वजह से ‘मिड-एयर रिफ्यूलिंग’ यानी हवा में तेल भरने वाले टैंकर विमानों की जरूरत पड़ती है, ताकि मिशन को लंबा खींचा जा सके.

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Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

February 11, 2026, 04:45 IST

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