लोन दिलाने के नाम पर 3 हजार लोगों से ठगी, गिरोह चला रहा था 12वीं का स्टूडेंट, गिरफ्तार

1 hour ago

Last Updated:January 30, 2026, 11:33 IST

इस पर प्रवीण द्वारा काम पर रखी गई महिला कॉलर्स उस ग्राहक को फोन करती थीं. ये कॉलर्स खुद को 'एपिक फाइनेंशियल सर्विस' का प्रतिनिधि बताते थे.

लोन दिलाने के नाम पर 3 हजार लोगों से ठगी, गिरोह चला रहा था 12वीं का स्टूडेंटप्रतीकात्मक फोटो.

सूरत पुलिस ने 12 क्लास में पढ़ने वाले ठगों के गिरोह के मुखिया को गिरफ्तार किया है. आरोपी सोशल मीडिया पर लोन के विज्ञापन पोस्ट करता था और ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर पैसे वसूलता था. एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने ला सिटाडेल कॉम्प्लेक्स के एक ऑफिस पर छापा मारा. उसके मालिक प्रवीण चौहान (19) को गिरफ्तार कर लिया. आरोप है कि उसने 3 हजार से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की है.

ये है पूरा मामला

आरोपी सोशल मीडिया (फेसबुक/इंस्टाग्राम) पर ‘मेटा विज्ञापन’ पोस्ट करता था. इन विज्ञापनों में बिना किसी इनकम प्रूफ के लोन दिलाने का दावा किया जाता था. वे मात्र 24 से 48 घंटों में 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक के लोन की बात करते थे.

जैसे ही कोई इच्छुक व्यक्ति विज्ञापन देखकर अपनी जानकारी भरता था. इस पर प्रवीण द्वारा काम पर रखी गई महिला कॉलर्स उस ग्राहक को फोन करती थीं. ये कॉलर्स खुद को ‘एपिक फाइनेंशियल सर्विस’ का प्रतिनिधि बताते थे. वे छोटे बैंकों और NBFC से तुरंत लोन दिलाने का झांसा देती थीं.

‘प्रोसेसिंग फीस’ की वसूली

भरोसा जीतने के बाद, आरोपियों की और से ग्राहकों से फाइल चार्ज या प्रोसेसिंग फीस मांगी जाती थी.

एक बार फीस मिल जाने के बाद, कॉलर्स ग्राहकों को दोबारा फोन करके बताती थीं कि उनका सिबिल (CIBIL) स्कोर बहुत खराब है. इसलिए उनका लोन रिजेक्ट हो गया है. चूंकि वसूली गई रकम (799 या 999 रुपये) छोटी होती थी, इसलिए अधिकांश लोग पुलिस शिकायत करने के बजाय नुकसान को नजरअंदाज कर देते थे.

First Published :

January 30, 2026, 11:33 IST

homegujarat

लोन दिलाने के नाम पर 3 हजार लोगों से ठगी, गिरोह चला रहा था 12वीं का स्टूडेंट

img

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

QR Code

login

Read Full Article at Source