नई दिल्ली (Foreign Student Admissions). केंद्र सरकार ने देश की सुरक्षा और विदेशी नागरिकों का रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे अपने यहां दाखिला लेने वाले विदेशी छात्रों की पूरी जानकारी तुरंत पोर्टल पर साझा करें. अक्सर देखा जाता है कि कई विदेशी नागरिक स्टूडेंट वीजा पर भारत आते हैं, लेकिन उनकी पढ़ाई और रहने की जगह का सही डेटा प्रशासन के पास नहीं होता.
यह नया नियम सरकारी और निजी, दोनों तरह के संस्थानों पर लागू होगा. सरकार का मानना है कि विदेशी नागरिकों का सही रिकॉर्ड रखने से न केवल नेशनल सिक्योरिटी मजबूत होगी, बल्कि यह भी पता चल सकेगा कि कौन सा छात्र कितने समय के लिए भारत में है. संस्थानों को अब एक तय समय के अंदर छात्र के पासपोर्ट, वीजा और कोर्स की डिटेल सरकारी सिस्टम में अपडेट करनी होगी. अगर कोई संस्थान इसमें लापरवाही बरतता है तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.
सरकार का नया आदेश: सुरक्षा पहली प्राथमिकता
केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय के साथ मिलकर स्पष्ट कर दिया है कि विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है. इस आदेश के तहत अब हर उस संस्थान को जवाबदेह बनाया गया है, जहां विदेशी नागरिक शिक्षा ले रहे हैं. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विदेशी व्यक्ति बिना वैध कागजात के या वीजा खत्म होने के बाद भारत में न रहे.
संस्थानों को क्या जानकारी देनी होगी?
नए नियमों के मुताबिक, संस्थानों को एक डिजिटल फॉर्म भरना होगा जिसमें छात्र से जुड़ी हर जानकारी होगी. इसमें छात्र का नाम, देश, पासपोर्ट नंबर, वीजा की एक्सपायरी डेट और उसके भारत में रहने का पता शामिल है, इसके अलावा, अगर कोई छात्र बीच में ही कोर्स छोड़ देता है या लंबे समय तक गायब रहता है तो इसकी सूचना भी तुरंत स्थानीय प्रशासन और संबंधित मंत्रालय को देनी होगी.
डेटा पोर्टल ‘FSIS’ का इस्तेमाल
विदेशी छात्रों की जानकारी दर्ज करने के लिए सरकार ने ‘Foreign Student Information System’ (FSIS) का प्रावधान किया है. संस्थानों को इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और हर नए एडमिशन की जानकारी 24 से 48 घंटे के भीतर अपडेट करनी होगी. यह सिस्टम सीधे आव्रजन (Immigration) विभाग से जुड़ा होता है, जिससे किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सकता है.
नियम तोड़ने पर सख्त कार्यवाही
सरकार ने साफ कर दिया है कि इस निर्देश को हल्के में लेने वाले संस्थानों पर ‘फॉरेनर्स एक्ट’ के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है. इसमें भारी जुर्माना और संस्थान की मान्यता रद्द करने जैसे प्रावधान शामिल हैं. हाल के वर्षों में कुछ ऐसे मामले सामने आए थे जहां विदेशी नागरिक पढ़ाई के नाम पर भारत आए और फिर अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए गए. इन्हीं घटनाओं को रोकने के लिए अब नियम सख्त किए गए हैं.
छात्रों और संस्थानों के लिए फायदा
ये नियम सख्त लग सकते हैं, लेकिन इनका फायदा भी है. सही डेटा होने से विदेशी छात्रों को सरकारी काम-काज, बैंक खाता खोलने और अपना वीजा बढ़वाने (Visa Extension) में आसानी होगी. वहीं, संस्थानों के पास भी एक कानूनी सुरक्षा कवच होगा कि उन्होंने सभी नियमों का पालन किया है. यह कदम भारतीय शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रोफेशनल और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ी पहल है.

1 hour ago
