Last Updated:February 27, 2026, 15:57 IST
शुक्रवार को शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली. कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव बढ़ा. सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा टूटा, जबकि निफ्टी 25,150 के करीब पहुंच गया. बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया.

मुंबई. शुक्रवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. कमजोर वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार दबाव में आ गया. कारोबार के दौरान बीएसई का सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 25,150 के आसपास फिसल गया. दोपहर 3 बजे के बाद भी बाजार में कमजोरी बनी रही और निवेशकों की धारणा सतर्क दिखाई दी.
बाजार में चौतरफा दबाव, आईटी को छोड़ सब लाल
दोपहर करीब 3 बजे सेंसेक्स 1,042 अंक टूटकर 81,206 के स्तर पर आ गया. वहीं निफ्टी 345 अंक गिरकर 25,151 के करीब कारोबार करता दिखा. बाजार में गिरावट का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2300 से ज्यादा शेयर लाल निशान में थे, जबकि करीब 1500 शेयरों में बढ़त रही. निफ्टी के शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट, श्रीराम फाइनेंस और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट जैसे दिग्गज शेयरों में 2 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हुई. हालांकि इंफोसिस और ईटर्नल में करीब 2 फीसदी तक की मजबूती दिखी. आईटी सेक्टर को छोड़ बाकी सभी प्रमुख सेक्टर गिरावट में रहे.
विदेशी बाजारों की कमजोरी का सीधा असर
एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा. निक्केई225, Kospi और SSE Composite Index लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. अमेरिका में भी गुरुवार को बाजार कमजोर बंद हुए. खासकर एनवीडिया (Nvidia) के नतीजों के बाद टेक शेयरों में बिकवाली बढ़ी, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया. एआई से जुड़े बदलावों की आशंका के बीच फरवरी में आईटी शेयर पहले ही करीब 20 फीसदी तक टूट चुके हैं.
एफआईआई बिकवाली और बढ़ता इंडिया वीएक्स
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 3,465 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे. लगातार हो रही इस बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है. वहीं बाजार की अस्थिरता मापने वाला India VIX करीब 3 फीसदी बढ़कर 13.44 पर पहुंच गया. वीएक्स में बढ़ोतरी का मतलब है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ रही है और निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं. जानकारों का कहना है कि फिलहाल बाजार में मजबूती के संकेत नहीं दिख रहे और उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
भू-राजनीतिक तनाव और रुपया भी कमजोर
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत बेनतीजा खत्म होने से मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका है. इससे वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है. इसी बीच रुपया भी 4 पैसे गिरकर 90.95 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. विदेशी निवेशकों की निकासी और घरेलू बाजार की कमजोरी से रुपये पर दबाव रहा, हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से गिरावट सीमित रही. तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी को मजबूती के संकेत देने के लिए 25,670 के ऊपर टिकना होगा. नीचे की ओर 25,300 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जब तक कोई बड़ा घरेलू संकेत नहीं मिलता, बाजार में सतर्क और चुनिंदा निवेश का रुख जारी रहने की संभावना है.
Location :
Mumbai,Maharashtra
First Published :
February 27, 2026, 15:57 IST

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