Last Updated:January 05, 2026, 11:38 IST
Supreme Court Hearing on Umar Khalid And Sharjeel Imam: सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को तगड़ा झटका लगा है. शीर्ष कोर्ट ने सुनवाई के दौरान 7 में से 5 आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि शरजील और खालिद का मामला अलग है.
उमर खालिद और शरजिल इमाम का बेल रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?Umar Khalid And Shajeel Imam Hearing: उमर खालिद और शरजील इमाम को तगड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी कि ‘उमर खालिद और शरजील इमाम का मामला’ दिल्ली दंगे के अन्य आरोपियों से अलग है. कोर्ट ने 7 में से 5 आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को (जमानत) की अनुमति दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी-
कोर्ट ने कहा कि न्यायालय इस बात से संतुष्ट है कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सामग्री से अपीलकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम के विरुद्ध प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध होते हैं. इन अपीलकर्ताओं के संबंध में वैधानिक सीमा लागू होती है. कार्यवाही के इस चरण में उन्हें जमानत पर रिहा करना उचित नहीं है. अदालत गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत देती है.इन आरोपियों को जमानत देने से उनके खिलाफ लगे आरोपों में कोई कमी नहीं आती. उन्हें निम्नलिखित शर्तों के अधीन जमानत पर रिहा किया जाता है, लगभग 12 शर्तें हैं. यदि शर्तों का उल्लंघन होता है, तो निचली अदालत आरोपियों की सुनवाई के बाद जमानत रद्द करने के लिए स्वतंत्र होगी. यूएपीए की धारा 43डी(5) जमानत देने के सामान्य प्रावधानों से अलग है. यह न्यायिक जांच को बाहर नहीं करता है या डिफ़ॉल्ट होने पर जमानत से इनकार को अनिवार्य नहीं बनाता है. सभी आरोपियों की भूमिका पर गौर करना जरूरी. जमानत बचाव पक्ष के मूल्यांकन का मंच नहीं है. न्यायिक संयम कर्तव्य का परित्याग नहीं है.About the Author
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
First Published :
January 05, 2026, 11:38 IST

1 day ago
